मध्य प्रदेश

आदिवासी सेवा संघ के चुनाव की प्रक्रिया अवैधानिक रूप से किए जाने के संबंध में कोर्ट ने चुनाव अधिकारियों को दिया नोटिस

चुनावी प्रक्रिया से वंचित नए पीड़ित सदस्यों ने ली जबलपुर हाईकोर्ट की शरण
निर्वाचन अधिकारी ने संपूर्ण चुनावी प्रक्रिया को एक दिन में ही पूर्ण कर डाला
कोर्ट ने चार हफ्ते के अंदर मांगा जवाब I

रिपोर्टर : विनोद साहू
बाड़ी । आदिवासी सेवा संघ में 21 जनवरी 2025 को चुनाव अधिकारियों द्वारा जो चुनाव कराया गया था वह जबलपुर हाईकोर्ट ने नियम अनुसार न कराए जाने पर सभी अधिकारियों को नोटिस जारी किए हैं I कोर्ट ने माना की उक्त निर्वाचन अधिकारी ने पूरी चुनावी प्रक्रिया को एक दिन में ही कैसे संपन्न कर डाला जिस कारण कोर्ट ने पूरी चुनावी प्रक्रिया पर प्रश्न चिन्ह लगा दिया है ? कोर्ट के आदेश अनुसार 21/10/2024 को कोर्ट ने उच्च अधिकारी रायसेन कलेक्टर को पूरी चुनावी प्रक्रिया संपन्न कराने का आदेश दिया था जिसमें कलेक्टर ने अपर कलेक्टर को पर्यवेक्षक के रूप में एवं अनुविभागीय अधिकारी बरेली को निर्वाचन अधिकारी के रूप में नियुक्त किया था I परंतु निर्वाचन अधिकारी को 3 महीने का समय कोर्ट द्वारा दिया गया जिसका उन्होंने पालन नहीं किया I और पूरी चुनावी प्रक्रिया एक दिन में ही संपन्न कर डाली जबकि 3 महीने का समय मिला था जिसमें चुनाव चिन्ह से लेकर अन्य सारी चुनावी प्रक्रिया संपन्न की जा सकती थी I साथ ही निर्वाचन अधिकारी ने 62 जीवित सदस्यों में से 32 सदस्यों को चुनावी प्रक्रिया में सम्मिलित होने का आदेश जारी किया जिसमें 28 सदस्य सम्मिलित हुए I इस पूरी चुनावी प्रक्रिया से आहत संस्था के पूर्व सचिव रामचंद्र सिंह चौहान ने जबलपुर हाईकोर्ट के वकील वेदप्रकाश नेमा के द्वारा याचिका दायर की I संस्था के पूर्व अध्यक्ष एवं सचिव ने बताया कि महासमिति के साथ मिलकर 30 सदस्यों की पूर्ति संपन्न कर ली थी I जिसमें एक सदस्य की पूर्ति वोटिंग के माध्यम से भी की गई थी महासमिति के 70 सदस्यों में से 62 सदस्यों की पूर्ति हो चुकी थी I तो फिर क्यों निर्वाचन अधिकारी ने पुराने 32 सदस्यों में से 28 सदस्यों से चुनाव संपन्न करा डाला इस पूरी प्रक्रिया से नए सदस्य अपने आप को ठगा हुआ महसूस कर रहे थे साथ ही वह मन ही मन पीड़ित थे उन्होंने अपनी पीड़ा संस्था के पूर्व सचिव रामचंद्र सिंह चौहान से व्यक्त की और संस्था के पूर्व सचिव ने अपनी पूरी पीड़ा जबलपुर हाईकोर्ट में रिट याचिका लगाकर दिखाई और कोर्ट ने भी उनकी इस पीड़ा को समझते हुए उक्त अधिकारियों के खिलाफ नोटिस जारी किए हैं I जिसमें प्रमुख सचिव आदिम जाति कल्याण विभाग भोपाल, अस्सिटेंट रजिस्टार भोपाल, रायसेन कलेक्टर, रायसेन अपर कलेक्टर (पर्यवेक्षक), अनुविभागीय अधिकारी बरेली, आदिवासी सेवा संघ बाड़ी इत्यादि लोगों को चार हफ्ते के अंदर यानी 17 जून 2025 तक कोर्ट को जवाब देना होगा I

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