धार्मिक

Today Panchang आज का पंचांग शुक्रवार, 30 मई 2025

आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि ••✦
🧾 आज का पंचाग 🧾
शुक्रवार 30 मई 2025
ॐ श्री महालक्ष्म्यै च विद्महे विष्णु पत्न्यै च धीमहि तन्नो लक्ष्मी प्रचोदयात् ॐ॥
🌌 दिन (वार) – शुक्रवार के दिन दक्षिणावर्ती शंख से भगवान विष्णु पर जल चढ़ाकर उन्हें पीले चन्दन अथवा केसर का तिलक करें। इस उपाय में मां लक्ष्मी जल्दी प्रसन्न हो जाती हैं।
शुक्रवार के दिन नियम पूर्वक धन लाभ के लिए लक्ष्मी माँ को अत्यंत प्रिय “श्री सूक्त”, “महालक्ष्मी अष्टकम” एवं समस्त संकटो को दूर करने के लिए “माँ दुर्गा के 32 चमत्कारी नमो का पाठ” अवश्य ही करें ।
शुक्रवार के दिन माँ लक्ष्मी को हलवे या खीर का भोग लगाना चाहिए ।
शुक्रवार के दिन शुक्र ग्रह की आराधना करने से जीवन में समस्त सुख, ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है, दाम्पत्य जीवन सुखमय होता है बड़ा भवन, विदेश यात्रा के योग बनते है।
🔮 शुभ हिन्दू नववर्ष 2025 विक्रम संवत : 2082 कालयक्त विक्रम : 1947 नल
🌐 कालयुक्त संवत्सर विक्रम संवत 2082,
✡️ शक संवत 1947 (विश्वावसु संवत्सर), चैत्र
☮️ गुजराती सम्वत : 2081 नल
☸️ काली सम्वत् 5126
🕉️ संवत्सर (उत्तर) क्रोधी
☣️ आयन – उत्तरायण
☂️ ऋतु – सौर ग्रीष्म ऋतु
☀️ मास – ज्यैष्ठ मास
🌘 पक्ष – कृष्ण पक्ष
📆 तिथि – शुक्रवार ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष चतुर्थी तिथि 09:23 PM तक उपरांत पंचमी
✏️ तिथि स्वामी – चतुर्थी के देवता हैं शिवपुत्र गणेश। इस तिथि में भगवान गणेश का पूजन से सभी विघ्नों का नाश हो जाता है। यह खला तिथि हैं।
💫 नक्षत्र – नक्षत्र पुनर्वसु 09:29 PM तक उपरांत पुष्य
🪐 नक्षत्र स्वामी – पुनर्वसु नक्षत्र के स्वामी ग्रह बृहस्पति हैं।पुनर्वसु नक्षत्र की इष्ट देवी अदिति है। और राशि स्वामी बुध हैं।
⚜️ योग – गण्ड योग 12:56 PM तक, उसके बाद वृद्धि योग
प्रथम करण : वणिज – 10:14 ए एम तक
द्वितीय करण : विष्टि – 09:22 पी एम तक बव
🔥 गुलिक काल : – शुक्रवार को शुभ गुलिक प्रात: 7:30 से 9:00 तक ।
⚜️ दिशाशूल – शुक्रवार को पश्चिम दिशा का दिकशूल होता है।यात्रा, कार्यों में सफलता के लिए घर से दही में चीनी या मिश्री डालकर उसे खाकर जाएँ ।
🤖 राहुकाल -दिन – 11:13 से 12:35 तक राहु काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए |
🌞 सूर्योदयः- प्रातः 05:17:00
🌅 सूर्यास्तः- सायं 06:44:00
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 04:03 ए एम से 04:43 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या : 04:23 ए एम से 05:24 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 11:51 ए एम से 12:46 पी एम
✡️ विजय मुहूर्त : 02:37 पी एम से 03:32 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 07:12 पी एम से 07:33 पी एम
🌃 सायाह्न सन्ध्या : 07:14 पी एम से 08:15 पी एम
💧 अमृत काल : 07:12 पी एम से 08:43 पी एम
🗣️ निशिता मुहूर्त : 11:58 पी एम से 12:39 ए एम, मई 31
सर्वार्थ सिद्धि योग : 05:24 ए एम से 09:29 पी एम
❄️ रवि योग : 05:24 ए एम से 09:29 पी एम
🚓 यात्रा शकुन- शुक्रवार को मीठा दही खाकर यात्रा पर निकलें।
👉🏼 आज का मंत्र-ॐ द्रां द्रीं द्रौं सं: नम:।
💁🏻 आज का उपाय- लक्ष्मी मन्दिर में खास का इत्र भेंट करें ।
🪵 वनस्पति तंत्र उपाय- गुलरके वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – भद्रा/ रवियोग/सर्वार्थ सिद्धि योग/ श्री विनायक चतुर्थी व्रत/ “हिंदी पत्रकारिता दिवस”, हिंदी समाचार पत्र “उदन्त मार्तण्ड” प्रकाशित दिवस, गोवा मुक्ति दिवस, राष्ट्रीय रचनात्मकता दिवस, अंतर्राष्ट्रीय अनुवाद दिवस, बोत्सवाना स्वतंत्रता दिवस, अभिनेता मदन पुरी जन्म दिवस, निर्माता एवं निर्देशक हृशिकेश मुखर्जी जन्म दिवस, पांचवे सिख गुरु अर्जुन देव स्मृति दिवस, लेखक पण्डित मुखराम शर्मा जन्म दिवस, रामविलास शर्मा स्मृति दिवस
✍🏼 तिथि विशेष – चतुर्थी तिथि को मूली एवं पञ्चमी तिथि को बिल्वफल त्याज्य बताया गया है। इस चतुर्थी तिथि में तिल का दान और भक्षण दोनों त्याज्य होता है। इसलिए चतुर्थी तिथि को मूली और तिल एवं पञ्चमी को बिल्वफल नहीं खाना न ही दान करना चाहिए। चतुर्थी तिथि एक खल और हानिप्रद तिथि मानी जाती है। इस चतुर्थी तिथि के स्वामी गणेश जी हैं तथा यह चतुर्थी तिथि रिक्ता नाम से विख्यात मानी जाती है। यह चतुर्थी तिथि शुक्ल पक्ष में अशुभ तथा कृष्ण पक्ष में शुभफलदायिनी मानी गयी है।
🌷 Vastu tips 🌹
आजकल के मॉडर्न किचन में स्लैब जरूर होता है. इसे बनाने के लिए लोग अलग रंग के पत्थर का इस्तेमाल करते हैं. अक्सर लोग किचन में गंदगी कम दिखे इसके लिए डार्क रंगों का इस्तेमाल करते हैं. कई लोग काले रंग का मार्बल किचन में लगाना पसंद करते हैं. ऐसा करना वास्तु दोष को बढ़ाता है. मान्यता ये है कि काला रंग शुभ नहीं है और इसका इस्तेमाल किचन में नहीं करना चाहिए. इस रंग के स्लैब से घर में नकारात्मकता बढ़ती है और कोई न कोई परेशानी लगी रहती है. काले रंग का पत्थर रसोई में लगाने से पैसों की समस्या बढ़ सकती है और इस कारण घर का माहौल अशांत रह सकता है.
इन रंगों का करें इस्तेमाल घर में खुशी का माहौल बना रहे इसके लिए सही रंगों का चुनाव करें. घर में पॉजिटिव एनर्जी बने रहे इसके लिए हल्के रंग जैसे सफेद, हरा, लाल या फिर भूरे रंग का इस्तेमाल के सकते हैं. इन रंगों से घर में सुख शांति का वातावरण बना रहता है और वास्तु दोष भी नहीं लगता है.
🎯 जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
🌃 लेकिन ऐसा हो क्यों रहा है
अब सबसे बड़ा सवाल – आख़िर ये नींद की समस्याएं हो क्यों रही हैं?
💻 डिजिटल लत: रात को सोने से पहले फोन स्क्रॉल करना एक आदत नहीं, एक धीमा ज़हर है। स्क्रीन से निकलने वाली ब्लू लाइट हमारे दिमाग को दिन जैसा महसूस कराती है, जिससे मेलाटोनिन नाम का हार्मोन दब जाता है। और जब ये हार्मोन न बने, तो नींद गायब! 📱🚫🌌
🧠 तनाव का आतंक: दिनभर की टेंशन, भविष्य की चिंता, रिश्तों का बोझ — ये सब दिमाग को शांत नहीं रहने देते। एक बार दिमाग जगा तो शरीर का क्या कसूर? 🌀💭💔
🥤 कैफीन और शुगर का हमला: दिनभर की थकावट को कॉफ़ी से धोना और मीठे से चुप कराना… ये तो एक आम ट्रेंड है! लेकिन क्या आप जानते हैं, ये दोनों मिलकर हमारी नींद को कई घंटों तक दूर कर देते हैं? ☕🍩⛔
🎯 गलत दिनचर्या: अस्थिर दिनचर्या, अनियमित भोजन, और नींद के टाइम का कोई ठिकाना न होना — ये सब मिलकर हमारी बॉडी क्लॉक को गड़बड़ा देते हैं।
💊 आरोग्य संजीवनी 🩸
लगाएं लहसुन का ये पेस्ट गर्दन और चेहरे से मस्सों को हटाने के लिए आप लहसुन के पेस्ट का इस्तेमाल कर सकते हैं. इसके लिए आप 1-2 लहसुन की कली लेकर उसका पेस्ट बना लें. फिर उस पेस्ट को मस्से पर लगाकर किसी पट्टी या कपड़े से कवर कर लें. करीब 2 हफ्ते तक यह नुस्खा आजमाने से आपका मस्सा अपने आप खत्म होता जाएगा.
सेब का सिरका लगाएं अपने चेहरे और गर्दन से मस्सा हटाने के लिए सेब के सिरके का इस्तेमाल भी काफी कारगर माना जाता है. इसे इस्तेमाल करने के लिए आप 2 चम्मच सेब का सिरका लेकर उसमें एक चम्मच पानी मिला लें. फिर रूई लेकर उस सिरके को मस्से पर लगाएं और कपड़े से कवर कर लें. करीब 10 मिनट बाद कपड़ा हटाकर उसे साफ पानी से धो लें. अगर जलन महसूस हो तो जल्दी भी धो सकते हैं. इससे आपको मस्सों से राहत मिल जाएगी.
📚 गुरु भक्ति योग 📗
मृत्यु का भाव और इसके संकेत
कुंडली के आठवें भाव को ज्योतिष शास्त्र में मृत्यु का भाव कहा जाता है। इस भाव में स्थित ग्रहों और राशियों के आधार पर यह समझा जा सकता है कि व्यक्ति की मृत्यु कैसे और कहां होगी। यह भाव न केवल मृत्यु का समय और कारण बताता है, बल्कि यह भी संकेत देता है कि मृत्यु के बाद आत्मा की क्या स्थिति होगी।
मृत्यु के समय लग्न में ग्रहों का प्रभाव मृत्यु के समय लग्न में स्थित ग्रह व्यक्ति की आत्मा के अगले गंतव्य का संकेत देते हैं:
लग्न में गुरु: मृत्यु के समय यदि लग्न में गुरु हो, तो यह दर्शाता है कि आत्मा देवलोक जाएगी।
लग्न में सूर्य या मंगल: यदि लग्न में सूर्य या मंगल हो, तो व्यक्ति का अगला जन्म मृत्युलोक (पृथ्वी पर पुनर्जन्म) में होगा।
लग्न में चंद्रमा या शुक्र यदि लग्न में चंद्रमा या शुक्र हो, तो आत्मा पितृलोक की ओर जाती है। यह पूर्वजों से संबंधित लोक है।
लग्न में बुध या शनि:;मृत्यु के समय यदि लग्न में बुध या शनि हो, तो यह संकेत देता है कि आत्मा नरक लोक में जाएगी। यह आत्मा के पापों और कर्मों के आधार पर होता है।
पुण्य चक्र का महत्व – पुण्य चक्र के अध्ययन का मुख्य उद्देश्य आत्मा की यात्रा को समझना और परिवार को यह जानकारी देना होता है कि कौन-कौन से कर्म या उपाय (श्राद्ध, तर्पण, पितृ कर्म) आत्मा की शांति के लिए किए जाने चाहिए। इससे व्यक्ति के अगले जन्म को सुधारने और आत्मा को मोक्ष प्राप्त करने में सहायता मिल सकती है।
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⚜️ चतुर्थी तिथि में तिल का दान और भक्षण दोनों भी त्याज्य है। आज गणपति, गजानन, विघ्नहर्ता श्री गणेशजी की पूजा का विशेष महत्त्व है। आज गणपति की पूजा के उपरान्त मोदक, बेशन के लड्डू एवं विशेष रूप से दूर्वादल का भोग लगाना चाहिये इससे मनोकामना की सिद्धि तत्काल होती है। शास्त्रानुसार जिस व्यक्ति का जन्म चतुर्थी तिथि को होता है वह व्यक्ति बहुत ही भाग्यशाली होता है। चतुर्थी तिथि में जन्म लेने वाला व्यक्ति बुद्धिमान एवं अच्छे संस्कारों वाला होता है। ऐसे लोग अपने मित्रों के प्रति प्रेम भाव रखते हैं तथा इनकी सन्तानें अच्छी होती है। इन्हें धन की कमी का सामना नहीं करना पड़ता है और ये सांसारिक सुखों का पूर्ण उपभोग करते हैं।।

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