Today Panchang आज का पंचांग शुक्रवार, 13 जून 2025

आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचाग 🧾
शुक्रवार 13 जून 2025
ॐ श्री महालक्ष्म्यै च विद्महे विष्णु पत्न्यै च धीमहि तन्नो लक्ष्मी प्रचोदयात् ॐ॥
🌌 दिन (वार) – शुक्रवार के दिन दक्षिणावर्ती शंख से भगवान विष्णु पर जल चढ़ाकर उन्हें पीले चन्दन अथवा केसर का तिलक करें। इस उपाय में मां लक्ष्मी जल्दी प्रसन्न हो जाती हैं।
शुक्रवार के दिन नियम पूर्वक धन लाभ के लिए लक्ष्मी माँ को अत्यंत प्रिय “श्री सूक्त”, “महालक्ष्मी अष्टकम” एवं समस्त संकटो को दूर करने के लिए “माँ दुर्गा के 32 चमत्कारी नमो का पाठ” अवश्य ही करें ।
शुक्रवार के दिन माँ लक्ष्मी को हलवे या खीर का भोग लगाना चाहिए ।
शुक्रवार के दिन शुक्र ग्रह की आराधना करने से जीवन में समस्त सुख, ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है, दाम्पत्य जीवन सुखमय होता है बड़ा भवन, विदेश यात्रा के योग बनते है।
🔮 शुभ हिन्दू नववर्ष 2025 विक्रम संवत : 2082 कालयक्त विक्रम : 1947 नल
🌐 कालयुक्त संवत्सर विक्रम संवत 2082,
✡️ शक संवत 1947 (विश्वावसु संवत्सर), चैत्र
☮️ गुजराती सम्वत : 2081 नल
👸🏻 शिवराज शक 352
☸️ काली सम्वत् 5126
🕉️ संवत्सर (उत्तर) क्रोधी
☣️ आयन – उत्तरायण
☂️ ऋतु – सौर ग्रीष्म ऋतु
☀️ मास – आषाढ़ मास
🌔 पक्ष – कृष्ण पक्ष
📅 तिथि – शुक्रवार आषाढ़ माह के कृष्ण पक्ष द्वितीया तिथि 03:19 PM तक उपरांत तृतीया
✏️ तिथि स्वामी – द्वितीया तिथि के देवता हैं ब्रह्मा। इस तिथि में ब्रह्मा की पूजा करने से मनुष्य विद्याओं में पारंगत होता है।
💫 नक्षत्र : नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा 11:20 PM तक उपरांत उत्तराषाढ़ा
🪐 नक्षत्र स्वामी : पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र का स्वामी ग्रह शुक्र है, पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र के देवता अप्स (जल देवता) हैं।
⚜️ योग : शुक्ल योग 01:47 PM तक, उसके बाद ब्रह्म योग
⚡ प्रथम करण : गर – 03:18 पी एम तक
✨ द्वितीय करण : वणिज – 03:35 ए एम, जून 14 तक विष्टि
🔥 गुलिक काल : – शुक्रवार को शुभ गुलिक प्रात: 7:30 से 9:00 तक ।
⚜️ दिशाशूल – शुक्रवार को पश्चिम दिशा का दिकशूल होता है। यात्रा, कार्यों में सफलता के लिए घर से दही में चीनी या मिश्री डालकर उसे खाकर जाएँ ।
🤖 राहुकाल -दिन – 11:13 से 12:35 तक राहु काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए |
🌞 सूर्योदयः- प्रातः 05:13:00
🌄 सूर्यास्तः- सायं 06:47:00
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 04:02 ए एम से 04:42 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या : 04:22 ए एम से 05:23 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 11:53 ए एम से 12:49 पी एम
🔯 विजय मुहूर्त : 02:41 पी एम से 03:37 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 07:18 पी एम से 07:39 पी एम
🌌 सायाह्न सन्ध्या : 07:20 पी एम से 08:20 पी एम
💧 अमृत काल : 06:16 पी एम से 07:57 पी एम
🗣️ निशिता मुहूर्त : 12:01 ए एम, जून 14 से 12:41 ए एम, जून 14
🚓 यात्रा शकुन-शुक्रवार को मीठा दही खाकर यात्रा पर निकलें।
👉🏼 आज का मंत्र-ॐ द्रां द्रीं द्रौं स: शुक्राय नम:।
💁🏻 आज का उपाय-लक्ष्मी मंदिर में मखाने की खीर चढ़ाएं।
🌳 वनस्पति तंत्र उपाय-गूलर के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार : भद्रा/देवदर्शन/ गायत्री जयन्ती/ भारत में खिलजी वंश स्थापना दिवस, मशहूर गीतकार प्रेम धवन जन्म दिवस, विश्व सॉफ्टबॉल दिवस, इंटरनेशनल एल्बीनिज़्म अवेयरनेस डे, अंतर्राष्ट्रीय ऐल्बिनिज़म जागरूकता दिवस, राष्ट्रीय गोल्फ कार्ट दिवस, गणेश दामोदर सावरकर जयन्ती, ईएमएस नंबूदरीपाद जन्म दिवस, पीयूष गोयल जन्म दिवस, मनिंदर सिंह जन्म दिवस, दिशा पटानी जन्म दिवस, सर गोपीथी नारायणस्वामी चेट्टी स्मृति दिवस, कीर्ति चौधरी पुण्य तिथि, मेहदी हसन खान पुण्य तिथि, जलियाँवाला बाग़ हत्याकांड काला दिवस, विश्व रंगहीनता जागरूकता दिवस (International Albinism Awareness Day)_
✍🏼 तिथि विशेष – द्वितीया तिथि को कटेरी फल का तथा तृतीया तिथि को नमक का दान और भक्षण दोनों ही त्याज्य बताया गया है। द्वितीया तिथि सुमंगला और कार्य सिद्धिकारी तिथि मानी जाती है। इस द्वितीया तिथि के स्वामी भगवान ब्रह्माजी को बताया गया है। यह द्वितीया तिथि भद्रा नाम से विख्यात मानी जाती है। यह द्वितीया तिथि शुक्ल पक्ष में अशुभ तथा कृष्ण पक्ष में शुभ फलदायिनी होती है।।
🏘️ Vastu tips 🛕
कॉलम और बीम – मकान की बैकबोन!
जब कोई मकान बनता है, तो उसकी पूरी मजबूती इस बात पर निर्भर करती है कि वह किन स्तंभों (कॉलम) और बीम (गर्डर) पर टिका है।
कॉलम = खंभे होते हैं जो पूरी इमारत का वजन झेलते हैं।
बीम = कॉलम से जुड़ी हुई क्षैतिज पट्टियां होती हैं, जो दीवारों और छत को सहारा देती हैं।
यानी अगर मकान इंजीनियरिंग के नियमों के हिसाब से कॉलम और बीम पर नहीं टिका है, तो दीवारों पर सीधा वजन पड़ेगा और कुछ ही सालों में घर दरारों से भर जाएगा या फिर धराशायी हो सकता है!
बिना कॉलम और बीम वाला घर = खतरे की घंटी अब कुछ लोग सोचते हैं कि “यार, कॉलम और बीम लगाने में तो ज्यादा खर्चा आएगा, क्यों न सीधे दीवारें बना दें?” अरे भाई, अगर ऐसा करते हो, तो समझो कि आप अपने ही पैरों पर कुल्हाड़ी मार रहे हो!
♻️ जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
सूखे नारियल में डायटरी फाइबर प्रचुर मात्रा में मौजूद होता है। ऐसे में ये दिल को सेहतमंद रखता है। इतना ही नहीं, ये शरीर में फाइबर की कमी को भी दूर करता है।
प्रतिरोधक क्षमता करता है मजबूत सूखे नारियल में पाए जाने वाले सेलेनियम से शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। इतना ही नहीं, ये कई तरह की बीमारियों को दूर करते हुई कई तरह के इंफेक्शन से भी शरीर को बचाता है।
अल्जाइमर से बचाता है बढ़ती उम्र में अल्जाइमर आम समस्या है। ऐसे में सूखे नारियल के सेवन से दिमाग फुर्तीला और तेज होता है। साथ ही इससे भूलने की समस्या भी नहीं होती। अल्जाइमर भूलने की एक बीमारी है।
🍃 आरोग्य संजीवनी ☘️
मंजिष्ठादि क्वाथ चर्मरोगों में बहुत लाभदायक है। इसके प्रयोग से त्वचा की रक्ताभिसरण क्रिया बढ़ कर उसकी विनियमन क्रिया में परिवर्तन होता है। इस से वातरक्त, दाद, खुजली, सफ़ेद दाग में फायदा होता है।
मूत्राश्मरी या पथरी में यह काफी फायदेमंद है। इस के चूर्ण को १ ग्राम की मात्रा में दिन में ३ बार देना चाहिए। इस से सभी प्रकार की पथरी गलकर निकलने में सहायता होती है।
शहद के साथ घिसकर लगाने से दाद, सफेद दाग जैसे पुराने चर्म रोगों में लाभ होता है।
इस के जड़ का क्वाथ कामला (पीलिया), मूत्रावरोध, पथरी, मासिक धर्म समय पर न आना, खूनयुक्त दस्त और त्वचा विकारों में काफी लाभ पहुंचाता है।
📚 गुरु भक्ति योग 🕯️
पार्वती की बेटी कौन है?
क्या आप शेरावाली माता पार्वती की बात कर रहे हैं? उन्हें जगत जननी कहा जाता है, उस हिसाब से सभी जीव उनके बेटे बेटियां हुए।
पर फिर भी यदि विशेष तौर पर कहें तो पद्म पुराण के अनुसार महादेवी पार्वती ने एक बार कल्प वृक्ष (इच्छाएं पूर्ण करने वाला वृक्ष) के समक्ष एक पुत्री की इच्छा प्रकट करी, जिसके बाद उस वृक्ष से कन्या प्रकट हुईं और भगवती ने उसका नाम अशोक सुंदरी रखा।
अशोक सुंदरी के अतिरिक्त उनकी एक और पुत्री हैं।
कुछ मान्यताओं के अनुसार जब भगवान शिव एक बार देवी पार्वती का ध्यान कर रहे थे, तब उनका वीर्य (तेज) देवी की एक प्रतिमा को छूता है जिसे ऋषि कश्यप की पत्नी कद्रु ने बनाया था। शिव जी के तेज के देवी की मूर्ति से टकराने से वह मूर्ति एक सुंदर कन्या का रूप लेती है। वह मनसा देवी के नाम से जानी गई। क्योंकि शिव जी उस वक्त ध्यान में थे, इसलिए मनसा देवी उनकी मानस पुत्री (मन से उत्पन्न) कहलाई। हालांकि कुछ मान्यताओं के मनसा वास्तव में देवी की पुत्री नहीं अपितु स्वयं देवी का ही रूप हैं क्योंकि उनका अवतरण मूर्ति से हुआ।
हरिद्वार में एक शक्ति पीठ है जो भगवती चण्डी का ही मंदिर है, साथ में माया देवी और मनसा देवी का मंदिर भी है। शक्ति पीठ अर्थात वे स्थान जहां सती (पार्वती का प्रथम अवतार) के शरीर के विभिन्न अंग गिरे थे जब उन्होंने अग्नि में भस्म होकर अपनी अवतार लीला समाप्त करी थी क्योंकि उनके उस अवतार में उनके पिता प्रजापति दक्ष ने भगवान शंकर पर अपमान जनक टिप्पणियां करी थी। शंकर जी माता सती के शरीर को लेकर घूमे थे, ऐसे में उनके दुःख को दूर करने की सोच से भगवान विष्णु ने अपना सुदर्शन चक्र सती के शरीर पर चलाया जिसके कारण सती के शरीर के अंग अलग अलग स्थानों पर गिरे। तो हरिद्वार में मनसा देवी के रूप में भगवती जगदम्बा विराजमान हैं, उस हिसाब से मनसा देवी उन्हीं का रूप हैं लेकिन यदि उस कथा को मानकर चलें जिसमें मनसा देवी भगवान शिव की मानस पुत्री हैं, उस हिसाब से मनसा देवी भगवती जगदम्बा पार्वती की पुत्री हुईं। वैसे मनसा देवी को सांपों की देवी भी कहा जाता है, उन्हें शिव जी के सांप नागराज वासुकी की बहन भी कहा गया है।
मनसा देवी की जो भी भक्ति करता है, देवी की उस पर असीम कृपा होती है क्योंकि मनसा देवी के विषय में कहा गया है कि वे देवी पार्वती, देवी सरस्वती और देवी लक्ष्मी की तरह बनना चाहती थीं। ऐसे में जो भी उनकी आराधना करता है वो उन्हें अत्यंत प्रिय होता है।
तो देवी अशोक सुंदरी और देवी मनसा का वर्णन मिलता है कि वे महादेवी पार्वती की बेटियां थीं। हालांकि कुछ मान्यताओं के अनुसार मनसा देवी उनका ही रूप हैं। लेकिन अशोक सुंदरी जरूर त्रिपुर सुंदरी पार्वती की बेटी हैं।
जय आदि शक्ति भवानी 🙏
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⚜️ प्रजापति व्रत दूज को ही किया जाता है तथा किसी भी नये कार्य की शुरुआत से पहले एवं ज्ञान प्राप्ति हेतु ब्रह्माजी का पूजन अवश्य करना चाहिये। वैसे तो मुहूर्त चिंतामणि आदि ग्रन्थों के अनुसार द्वितीया तिथि अत्यन्त शुभ फलदायिनी तिथि मानी जाती है। परन्तु श्रावण और भाद्रपद मास में इस द्वितीया तिथि का प्रभाव शून्य हो जाता है। इसलिये श्रावण और भाद्रपद मास कि द्वितीया तिथि को कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिये।।



