भगवान बिरसा मुंडा केवल एक स्वतंत्रता सेनानी ही नहीं बल्कि भारतीय संस्कृति और स्वाभिमान के प्रतीक थे

सरस्वती शिशु विद्या मंदिर में भगवान बिरसा मुंडा जयंती का हुआ आयोजन
सिलवानी | सरस्वती शिशु विद्या मंदिर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सिलवानी में महान जननायक भगवान बिरसा मुंडा जयंती का आयोजन गरिमामय वातावरण में शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर मुख्य वक्ता सेवा भारती पूर्णकालिक के कार्यकर्ता रंजीत धुर्वे उपस्थित रहे| अपनी उपस्थिति से कार्यक्रम को गौरवान्वित किया। एवं अतिथियों का परिचय विद्यालय के प्राचार्य मयंक लाहौरी ने कराया। अतिथियों का स्वागत आचार्य आशीष श्रीवास्तव ने किया। रंजीत धुर्वे ने बताया कि भगवान बिरसा मुंडा केवल एक स्वतंत्रता सेनानी ही नहीं बल्कि भारतीय संस्कृति और स्वाभिमान के प्रतीक थे। उन्होंने अंग्रेजों की अन्यायपूर्ण नीतियों के विरुद्ध आदिवासी समाज को संगठित कर स्वतंत्रता का संदेश दिया। बिरसा मुंडा ने अपने जीवन में अन्याय, शोषण और अत्याचार के विरुद्ध संघर्ष किया तथा समाज को जागरूक करने का कार्य किया। उन्होंने विद्यालय के विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे अपने जीवन में अनुशासन, देशभक्ति और सामाजिक सेवा को सर्वोच्च स्थान दें। भगवान बिरसा मुंडा ने जिस समय देश गुलामी की जंजीरों में जकड़ा था, उस समय उन्होंने असहयोग और स्वाभिमान का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि हमें अपने आदर्शों को केवल याद करने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उनके बताए मार्ग पर चलना ही सच्ची श्रद्धांजलि होगी। और संस्कारों की स्थापना के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। । कार्यक्रम में विद्यालय के समस्त आचार्य दीदी, विद्यार्थी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।



