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Today Panchang आज का पंचांग बुधवार, 26 नवम्बर 2025

आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
जय श्री हरि
🧾 आज का पंचांग 🧾
बुधवार 26 नवम्बर 2025
26 नवम्बर 2025 दिन बुधवार को मार्गशीर्ष मास के शुक्ल पक्ष कि षष्ठी तिथि है। आज श्रीस्कन्दषष्ठी व्रत है। आज की षष्ठी को महाराष्ट्र में चंपा षष्ठी के नाम से मनाया जाता है। कही-कही मूलकरुपिणीषष्ठी के रूप में भी आज की षष्ठी को मनाया जाता है। आज की षष्ठी को गुहषष्ठी भी कहा जाता है। आज मध्यान्ह काल में सुब्रह्मण्यम स्वामी की उपासना की जाती है, यह विशेष का दक्षिण भारत में मनाया जाता है। आज रवि योग है। आप सभी सनातनियों को “श्रीस्कन्दषष्ठी व्रत” की हार्दिक शुभकामनायें।।
ॐ एकदन्ताय विद्महे वक्रतुंडाय धीमहि तन्नो बुदि्ध प्रचोदयात ।।
☄️ *दिन (वार) – बुधवार के दिन तेल का मर्दन करने से अर्थात तेल लगाने से माता लक्ष्मी प्रसन्न होती है धन लाभ मिलता है। *बुधवार का दिन विघ्नहर्ता गणेश का दिन हैं। बुधवार के दिन गणेश जी के परिवार के सदस्यों का नाम लेने से जीवन में शुभता आती है।
*बुधवार के दिन गणेश जी को रोली का तिलक लगाकर, दूर्वा अर्पित करके लड्डुओं का भोग लगाकर उनकी की पूजा अर्चना करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। 🔮 *शुभ हिन्दू नववर्ष 2025 विक्रम संवत : 2082 कालयक्त विक्रम : 1947 नल* 🌐 कालयुक्त संवत्सर विक्रम संवत 2082,
👸🏻 शिवराज शक 352_

✡️ शक संवत 1947 (विश्वावसु संवत्सर), चैत्र
☮️ गुजराती सम्वत : 2081 नल
☸️ काली सम्वत् 5126
🕉️ संवत्सर (उत्तर) क्रोधी
☣️ आयन – दक्षिणायन
🌧️ ऋतु – सौर हेमंत ऋतु
⛈️ मास – मार्गशीर्ष मास
🌓 पक्ष – शुक्ल पक्ष
📆 तिथि – बुधवार मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष षष्ठी तिथि 12:02 AM तक उपरांत सप्तमी
🖍️ तिथी स्वामी – षष्ठी के देता हैं कार्तिकेय। इस तिथि में कार्तिकेय की पूजा करने से मनुष्य श्रेष्ठ मेधावी, रूपवान, दीर्घायु और कीर्ति को बढ़ाने वाला हो जाता है। यह यशप्रदा अर्थात सिद्धि देने वाली तिथि हैं।
💫 नक्षत्र – नक्षत्र श्रवण 01:32 AM तक उपरांत धनिष्ठा
🪐 नक्षत्र स्वामी – श्रवण नक्षत्र के स्वामी चंद्रमा और भगवान विष्णु हैं। चंद्रमा इस नक्षत्र का अधिपति ग्रह है, जबकि भगवान विष्णु इसके देवता माने जाते हैं।
⚜️ योग – वृद्धि योग 12:42 PM तक, उसके बाद ध्रुव योग
प्रथम करण : कौलव – 11:33 ए एम तक
द्वितीय करण : तैतिल – 12:01 ए एम, नवम्बर 27 तक गर
🔥 गुलिक काल : – बुधवार को शुभ गुलिक 11:10 से 12:35 बजे तक ।
⚜️ दिशाशूल – बुधवार को उत्तर दिशा में दिशा शूल होता है ।इस दिन कार्यों में सफलता के लिए घर से सुखा / हरा धनिया या तिल खाकर जाएँ ।
🤖 राहुकाल : – बुधवार को राहुकाल दिन 12:35 से 2:00 तक । राहु काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए |
🌞 सूर्योदयः – प्रातः 06:30:00
🌅 सूर्यास्तः – सायं 05:07:00
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 05:05 ए एम से 05:59 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या : 05:32 ए एम से 06:53 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : कोई नहीं
✡️ विजय मुहूर्त : 01:54 पी एम से 02:36 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 05:22 पी एम से 05:49 पी एम
🌌 सायाह्न सन्ध्या : 05:24 पी एम से 06:45 पी एम
💧 अमृत काल : 02:27 पी एम से 04:10 पी एम
🗣️ निशिता मुहूर्त : 11:42 पी एम से 12:36 ए एम, नवम्बर 27
❄️ रवि योग : 06:53 ए एम से 01:33 ए एम, नवम्बर 27
🚓 यात्रा शकुन-हरे फ़ल खाकर अथवा दूध पीकर यात्रा पर निकलें।
👉🏼 आज का मंत्र-ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं स: बुधाय नम:।
🤷🏻‍♀️ आज का उपाय-किसी बटुक को सवाकिलो साबुत मूंग परिपूरित कांस्य पात्र भेंट करें।
🪵 वनस्पति तंत्र उपाय-अपामार्ग के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – रवि योग/ चंपा षष्ठी/ स्कंद षष्ठी/ मार्तंडभैरवोत्थपन/ सुब्रह्मण्य षष्ठी (द.भा.)/ भारतीय संविधान दिवस, राष्ट्रीय कानून दिवस, नेशनल हॉकी लीग (NHL) गठन दिवस, अरविंद केजरीवाल के द्वारा आम आदमी पार्टी स्थापना दिवस, डॉ भीमराव अंबेडकर जयन्ती, यशपाल (वैज्ञानिक) जन्म दिवस, भारतीय क्रिकेटर जसू पटेल जन्म दिवस, भारतीय अभिनेता अर्जुन रामपाल जन्म दिवस, भारतीय पंजाबी गायक जसदीप सिंह गिल जन्म दिवस, भारतीय अभिनेत्री मीरा नंदन जन्म दिवस, शिक्षाविद राम शरण शर्मा जन्म दिवस, साहित्यकार शंकर दयाल सिंह स्मृति दिवस, विधि दिवस, विश्व पर्यावरण संरक्षण दिवस
✍🏼 *तिथि विशेष – षष्ठी तिथि को तैल कर्म अर्थात शरीर में तेल मालिश करना या करवाना एवं सप्तमी तिथि को आँवला खाना तथा दान करना भी वर्ज्य बताया गया है। इस षष्ठी तिथि के स्वामी भगवान शिव के पुत्र स्वामी कार्तिकेय जी को बताया गया हैं। यह षष्ठी तिथि नन्दा नाम से विख्यात मानी जाती है। यह षष्ठी तिथि शुक्ल एवं कृष्ण दोनों पक्षों में मध्यम फलदायीनी मानी जाती है। इस तिथि में स्वामी कार्तिकेय जी के पूजन से सभी कामनाओं की पूर्ति होती है। विशेषकर वीरता, सम्पन्नता, शक्ति, यश और प्रतिष्ठा कि अकल्पनीय वृद्धि होती है। 🐢 *_Vastu tips* 🪼
कछुआ क्यों माना जाता है इतना शुभ कछुआ हमेशा से दीर्घायु, स्थिरता और शांति का प्रतीक माना गया है। फेंगशुई के अनुसार, यह घर में सकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करता है और नकारात्मकता को खत्म करता है। आचार्य श्री गोपी राम के अनुसार, कछुआ रखने से वातावरण शांत होता है और धन, स्वास्थ्य व रिश्तों पर सकारात्मक असर पड़ता है।
*इस दिशा में कछुआ रखने से बढ़ती है वेल्थ एनर्जी फेंगशुई में कछुए को वेल्थ एनर्जी का महत्वपूर्ण स्तंभ बताया गया है। इसे घर की उत्तर दिशा में रखने से धन प्राप्ति बढ़ती है और बैंक बैलेंस मजबूत होता है। यह आर्थिक स्थिरता लाता है और नए वित्तीय अवसर प्रदान करता है। कई लोग इसे लॉकर, कैश काउंटर या स्टडी टेबल के पास रखते हैं। *करियर ग्रोथ और प्रमोशन का कारक अगर आप नौकरी में प्रमोशन, सम्मान या स्थिरता चाहते हैं तो कछुआ आपके लिए शुभ माना गया है। इसे ऑफिस टेबल या घर की उत्तर-पूर्व दिशा में रखने से करियर प्रगति होती है। यह आपकी मेहनत को फलदायी बनाता है और बेहतर अवसर आकर्षित करता है।
🔊 जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
*जब पेट की मसल्स मजबूत हों, रीढ़ सीधी हो तो शरीर आसानी से बैलेंस बना सकता है। लेकिन जब यही बैलेंस बिगड़ जाए तो लोग कहते हैं ‘नाभि सरक गई’,’स्पाइन जाम हो गई’ या ‘जोड़ों में सर्दी चढ़ गई’।ठंड में तो ये तीनों सबसे ज्यादा बढ़ने वाली परेशानी हैं। साइंटिफिक स्टडीज के मुताबिक ‘नाभि डिगना’ पेट की मसल्स की कमजोरी, अचानक झटका लगना या भारी सामान गलत तरीके से उठाने की वजह से होता है। सर्दियों में तो मसल्स और भी जकड़ जाते हैं इसलिए केस ज्यादा दिखते हैं। *नतीजा पेट दर्द, भारीपन, गैस, कब्ज, पीठ तक खिंचाव, बार-बार डाइजेशन खराब तमाम परेशानियां शुरु हो जाती हैं। इतना ही नहीं लंबे समय तक गलत पोस्चर से ब्लड फ्लो कम हो जाता है। नतीजा स्पाइन स्टिफनेस, डिस्क प्रेशर और दर्द होता है।
🩸 आरोग्य संजीवनी 💊
गठिया अस्थमा और कब्जˈ का अचूक इलाज है जिमीकंद. जानिए कैसे करता है ब्लॉकेज और कैंसर कोशिकाओं का खात्मा
*जिमीकंद के फायदे के बारे में कम ही लोग जानते हैं। यह एक सब्जी ही नहीं बल्कि एक जड़ी-बूटी भी है। इसे सूरन भी कहते हैं। फायबर-विटामिन-सी, बी6, बी1, फोलिक एसिड के अलावा पोटेशियम, आयरन, कैल्शियम, मैग्नीशियम, और फॉस्फोरस युक्त जिमीकंद कई तरह से सेहत के लिए फायदेमंद है। *जानते हैं इसके फायदे-गठिया में फायदेमंद इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स, विटामिन-सी और बीटा-कैरोटिन कैंसर का कारण बनने वाले फ्री-रेडिकल्स से लड़ते हैं। साथ ही यह गठिया और फेफड़ों से जुड़े अस्थमा रोग में भी फायदेमंद है।
*इसे नियमित खाने से कब्ज और कोलेस्ट्रॉल के कारण होने वाली दिक्कतों से राहत मिलती है। इसके अलावा यह याददाश्त बढ़ाता है और अल्जाइमर रोग (भूलने की समस्या) से बचाता है। ओमेगा-3 से भरपूर जिमीकंद रक्तसंचार सुधारने के साथ धमनियों में ब्लॉकेज को दूर करता है। 👉🏼 *ये ध्यान रखें : आयुर्वेद के मुताबिक किसी भी प्रकार के चर्म या कुष्ठ रोगों में इससे परहेज करें।
📚 गुरु भक्ति योग 🕯️
एक बार गुरु गोरखनाथ जी, घने जंगलों में अपने शिष्यों को प्रवचन देते-देते समाधि की स्थिति में पहुंच गए… जंगल बहुत घना था। शिष्य खाने-पीने की व्यवस्था में जुट गए गुरु गोरखनाथ अकेले समाधि में लीन हो गए…
*
इधर, एक राजा शिकार खेलने के लिए जंगल में गया। शिकार ना मिलने के कारण वह रास्ता भटक गया, और घने जंगल में प्रवेश कर गया। उसने एक हिरण देखा और हिरण के पीछे पूरे तन-मन से अपना घोड़ा दौड़ा दिया…
*राजा के सैनिक भी पीछे छूट गए हिरण का पीछा करते-करते राजा गुरु गोरखनाथ की समाधि के आसपास हिरण को ढूंढने लगा। *हिरण अचानक से झाड़ियों में गायब हो गया तभी, राजा ने गुरु गोरखनाथ को एकांत में बैठे देखा तो सोचा की, कोई सिद्ध महात्मा मालूम पड़ता है। जो एकांत में अपनी तपस्या में लीन है। राजा ने गुरु जी से प्रश्न किया…? हे गुरुदेव! आपने यहां किसी हिरण को भागते हुए देखा है…?
*गुरु जी ने कोई जवाब नहीं दिया, राजा ने तीन-चार बार गुरु गोरखनाथ जी से पूछा कि, हे गुरुदेव! आपने यहां कोई हिरण जाते हुए देखा है। *अचानक से झाड़ियों में से कुछ “आहट” सुनाई दी और हिरण वहां से भाग निकला। राजा ने हिरण के ऊपर निशाना साधा और हिरण को मार दिया।
*हिरण की चीख की आवाज सुनकर गुरु गोरखनाथ की समाधि टूट गई और उन्होंने उस राजा की ओर क्रोधित होकर पूछा, हे! राजन आपने हिरण को क्यों मारा…? *तब राजा ने कहा हे! गुरुदेव यह मेरा शिकार है और मैं इसे मारकर राजदरबार में लेकर जाऊंगा। गुरु गोरखनाथ ने बहुत ही स्पष्ट शब्दों में कहा कि हे! राजन “मार वही सकता है, जो जीवन दे सकता है।”
*तब राजा ने कहा मारकर कोई जिंदा नहीं हो सकता। यह नियम प्रकृति के विरुद्ध है। तब गुरुजी ने कहा हे! राजन तूने सिर्फ प्रकृति देखी है, प्रकृति के नियम नहीं, में तुझे प्रकृति के नियम बतलाता हूं… *गुरु गोरखनाथ ने राजा को प्रकृति के सारे नियमो का ज्ञान दिया, और उसके बाद कहा “हे, राजन तुम इस हिरण को जिंदा करो, अन्यथा मरने के लिए तैयार हो जाओ”
*राजा ने कहा हे! गुरुदेव आप कैसी अज्ञानीयो जैसी बातें कर रहे है। कोई मर कर जिंदा नहीं हो सकता, क्या आप इस हिरण को जिंदा कर सकते है…? *गुरुदेव ने कहा अगर जिंदा कर दिया तो… राजा ने कहा कंचन, कामिनी, कीर्ति और अपना संपूर्ण राजपाट छोड़कर आपके साथ हो जाऊंगा।
*_गुरुजी ने अपनी योग विद्या का असर दिखाते हुए हिरण को तत्काल जीवित कर दिया। राजा ने तुरंत राज्य की वेशभूषा त्याग कर कहा हे! गुरुदेव आज से मैं आपका शिष्य हूं। मुझे अपने चरणों में जगह दे दीजिए।
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⚜️ षष्ठी तिथि आपके उपर यदि मंगल कि दशा चल रही हो और आप किसी प्रकार के मुकदमे में फंस गये हों तो षष्ठी तिथि को भगवान कार्तिकेय स्वामी का पूजन करें। मुकदमे में अथवा राजकार्य से सम्बन्धित किसी भी कार्य में सफलता प्राप्ति के लिये षष्ठी तिथि को सायंकाल के समय में किसी भी शिवमन्दिर में षण्मुख के नाम से छः दीप दान करें। कहा जाता है, कि स्वामी कार्तिकेय को एक नीला रेशमी धागा चढ़ाकर उसे अपने भुजा पर बाँधने से शत्रु परास्त हो जाते हैं। साथ ही सर्वत्र विजय कि प्राप्ति होती है।।

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