गोवर्धन पूजन और छप्पन भोग के साथ संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा में भावविभोर हुए श्रद्धालु

बिहरूली में पंचम दिवस पर उमड़ा भक्ति का सागर
रिपोर्टर : सतीश चौरसिया
उमरियापान। स्वर्गीय नवल किशोर पटेल एवं सिया पटेल की पुण्य स्मृति में आयोजित संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा के पंचम दिवस पर भक्ति, उल्लास और आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत संगम देखने को मिला । कथा व्यास पूज्य अमित शास्त्री जी महाराज ( निकुंज धाम, तिघरा ) के श्रीमुख से गोवर्धन लीला का भावपूर्ण एवं विस्तृत वर्णन किया गया, जिसने उपस्थित श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया ।
पंचम दिवस पर गोवर्धन पूजन का भव्य आयोजन किया गया । भगवान श्रीकृष्ण को श्रद्धापूर्वक छप्पन भोग अर्पित किए गए । आकर्षक साज-सज्जा, मनोहारी झांकियों और मधुर भक्ति संगीत से पूरा पांडाल भक्तिमय हो उठा । “गोवर्धनधारी लाल की जय” और “राधे-राधे” के जयघोष से वातावरण गूंजता रहा । श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा कर एवं आरती उतारकर गोवर्धनधारी प्रभु का पूजन किया ।
कथा के दौरान पूज्य अमित शास्त्री जी महाराज ने गोवर्धन लीला का आध्यात्मिक महत्व बताते हुए कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने इंद्र के अहंकार का हरण कर ब्रजवासियों की रक्षा की और प्रकृति पूजन का संदेश दिया । उन्होंने भावपूर्ण पद सुनाया—
“कछु माखन को बल बढ़यो,
कछु गोपिन करी सहाय ।
राधा जू के नाम से,
मैंने गिरिवर लियो उठाय ॥”
महाराज श्री ने पद की व्याख्या करते हुए बताया कि भगवान की शक्ति में भक्तों के प्रेम, श्रद्धा और सहयोग का भी विशेष स्थान है। जब भक्त सच्चे भाव से भगवान का स्मरण करते हैं, तो असंभव भी संभव हो जाता है।
कार्यक्रम के आयोजक गैसेन्द पटेल एवं दीपा पटेल (पुत्रवधू) ने उपस्थित श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त किया। आयोजन में क्षेत्र के सैकड़ों श्रद्धालुओं की गरिमामयी उपस्थिति रही । प्रसाद वितरण के साथ पंचम दिवस का कार्यक्रम श्रद्धापूर्वक संपन्न हुआ।



