मध्य प्रदेश

मुक्तिधाम अधूरा सड़क नाली में फर्जी बिल और भ्रष्टाचार के आरोप

मुक्तिधाम पर न चबूतरा न टीन शेड खुले आसमान में अंतिम संस्कार को मजबूर ग्रामीण, देनी गांव में विकास कार्यों में बड़ा खेल

सिलवानी। जनपद पंचायत सिलवानी अंतर्गत ग्राम पंचायत पड़रिया खुर्द के ग्राम देनी में विकास कार्यों में भारी अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप सामने आए हैं। ग्रामीणों के अनुसार गांव में मूलभूत सुविधाएं बदहाल हैं और कई निर्माण कार्य सिर्फ कागजों तक सीमित नजर आ रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि गांव के मुक्तिधाम के लिए लगभग तीन एकड़ भूमि शासकीय रिकॉर्ड में दर्ज है लेकिन उसमें से कुछ हिस्से पर अतिक्रमण हो चुका है। वहीं शेष भूमि पर आज तक न चबूतरा बनाया गया और न ही टीन शेड की व्यवस्था की गई है। ऐसे में ग्रामीणों को खुले आसमान के नीचे अंतिम संस्कार करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है जिससे बारिश और धूप के दौरान भारी परेशानी होती है।*सड़क नाली निर्माण में फर्जी बिल से लाखों का आहरण का आरोप*ग्रामीणों ने सरपंच प्रतिनिधि अवधेश पटेल पर आरोप लगाते हुए कहा है कि पंचायत द्वारा सड़क और नाली निर्माण कार्यों में फर्जी बिल लगाकर लाखों रुपये की शासकीय राशि का आहरण किया गया है। इतना ही नहीं, स्वच्छता अभियान के नाम पर भी कागजों में खर्च दिखाकर राशि निकाले जाने की बात सामने आई है।*दो साल से नहीं हुई सफाई* *गंदगी से बढ़ा बीमारी का खतरा* ग्रामीणों के मुताबिक पिछले करीब दो वर्षों से गांव की नालियों की नियमित सफाई नहीं की गई है। नालियों में गंदगी जमा है और मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है, जिससे बीमारी फैलने का खतरा बना हुआ है। गांव की सड़कों पर जगह-जगह कचरे के ढेर लगे हैं, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है।*घटिया निर्माण की भेंट चढ़ीं सड़क और नालियां*गांव में पूर्व में बने निर्माण कार्य भी सवालों के घेरे में हैं। कई स्थानों पर सीसी सड़क और नालियां क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा गया और कहीं-कहीं नई नाली बनाने के बजाय पुराने टूटे सीमेंट पाइप का उपयोग कर दिया गया।*स्वच्छता अभियान की मंशा पर उठे सवाल*ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत की लापरवाही से केंद्र सरकार के स्वच्छता अभियान की मंशा पर पानी फिरता नजर आ रहा है। एक ओर स्वच्छता को लेकर अभियान चलाया जा रहा है, वहीं गांव में गंदगी और अव्यवस्थाएं हावी हैं।कई शिकायतों के बाद भी कार्रवाई नहीं, अब उच्च स्तरीय जांच की मांग ग्रामीणों, रामप्रकाश, कल्लू, राघवेंद्र, कमश, रंजीत, अमान सिंह, देव कुमार ने बताया कि इस संबंध में पूर्व में कई बार शिकायतें की जा चुकी हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। अब ग्रामीणों ने पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है, ताकि शासकीय राशि के दुरुपयोग पर रोक लग सके और गांव में मूलभूत सुविधाएं बेहतर हो सकें।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button