
आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
जय श्री हरि
🧾 *_आज का पंचांग_* 🧾
*बुधवार 20 मई 2026_*
ॐ एकदन्ताय विद्महे वक्रतुंडाय धीमहि तन्नो बुदि्ध प्रचोदयात ।।
☄️ *_दिन (वार) – बुधवार के दिन तेल का मर्दन करने से अर्थात तेल लगाने से माता लक्ष्मी प्रसन्न होती है धन लाभ मिलता है।
*_बुधवार का दिन विघ्नहर्ता गणेश का दिन हैं। बुधवार के दिन गणेश जी के परिवार के सदस्यों का नाम लेने से जीवन में शुभता आती है।
*_बुधवार के दिन गणेश जी को रोली का तिलक लगाकर, दूर्वा अर्पित करके लड्डुओं का भोग लगाकर उनकी की पूजा अर्चना करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
🔮 *_शुभ हिन्दू नववर्ष 2026 विक्रम संवत : 2083 सिद्धार्थी विक्रम : 1969 शर्वरी_*
🌐 *_रौद्र संवत्सर विक्रम संवत 2083,_*
✡️ *_शक संवत 1948 (पराभव संवत्सर), चैत्र_*
☮️ *_गुजराती सम्वत : 2082 पिङ्गल_*
☸️ *_काली सम्वत् 5127_*
🕉️ *_संवत्सर (बृहस्पति) पराभव_*
☣️ *_आयन – उत्तरायण_*
☂️ *_ऋतु – सौर ग्रीष्म ऋतु_*
☀️ *_मास – ज्यैष्ठ मास_*
🌘 *_पक्ष – शुक्ल पक्ष_*
📆 *_तिथि – बुधवार ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष चतुर्थी तिथि 11:07 AM तक उपरांत पंचमी_*
✏️ *_तिथि स्वामी – चतुर्थी के देवता हैं शिवपुत्र गणेश। इस तिथि में भगवान गणेश का पूजन से सभी विघ्नों का नाश हो जाता है। यह खला तिथि हैं।_*
💫 *_नक्षत्र- नक्षत्र आद्रा 06:11 AM तक उपरांत पुनर्वसु 04:12 AM तक उपरांत पुष्य_*
🪐 *_नक्षत्र स्वामी – आद्रा नक्षत्र के स्वामी ग्रह राहु है, इसके साथ ही, इस नक्षत्र के देवता रुद्र (भगवान शिव का एक उग्र रूप) है।_*
⚜️ *_योग – शूल योग 02:09 PM तक, उसके बाद गण्ड योग_*
⚡ *_प्रथम करण : विष्टि 11:07 AM तक_*
✨ *_द्वितीय करण : बव 09:42 PM तक, बाद बालव।_*
🔥 *_गुलिक काल : – बुधवार को शुभ गुलिक 11:10 से 12:35 बजे तक ।_*
⚜️ *_दिशाशूल – बुधवार को उत्तर दिशा में दिशा शूल होता है ।इस दिन कार्यों में सफलता के लिए घर से सुखा / हरा धनिया या तिल खाकर जाएँ ।_*
🤖 *_राहुकाल : – बुधवार को राहुकाल दिन 12:35 से 2:00 तक । राहु काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए |_*
🌞 *_सूर्योदयः – प्रातः 05:27:02_*
🌅 *_सूर्यास्तः – सायं 19:07:55_*
👸🏻 *_ब्रह्म मुहूर्त : प्रातः काल 04:05 ए एम से 04:46 ए एम_*
🌇 *_प्रातः सन्ध्या प्रातः काल 04:26 ए एम से 05:28 ए एम_*
🌟 *_अभिजित मुहूर्त : कोई नहीं_*
✡️ *_विजय मुहूर्त : दोपहर 02:34 पी एम से 03:29 पी एम_*
🐃 *_गोधूलि मुहूर्त : संध्या काल 07:06 पी एम से 07:27 पी एम_*
🌃 *_सायाह्न सन्ध्या : संध्या काल 07:08 पी एम से 08:10 पी एम_*
💧 *_अमृत काल : रात्रि 02:00 ए एम, मई 21 से 03:28 ए एम, मई 21_*
🗣️ *_निशिता मुहूर्त : रात्रि 11:57 पी एम से 12:38 ए एम, मई 21_*
❄️ *_रवि योग : सुबह 05:28 ए एम से 06:11 ए एम 04:12 ए एम, मई 21 से 05:27 ए एम, मई 21_*
🚓 *_यात्रा शकुन-हरे फ़ल खाकर अथवा दूध पीकर यात्रा पर निकलें।_*
👉🏼 *_आज का मंत्र-ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं स: बुधाय नम:।_*
🤷🏻♀️ *_आज का उपाय-किसी बटुक को सवाकिलो साबुत मूंग परिपूरित कांस्य पात्र भेंट करें।_*
🪵 *_वनस्पति तंत्र उपाय-अपामार्ग के वृक्ष में जल चढ़ाएं।_*
⚛️ *_पर्व एवं त्यौहार – वरदा चतुर्थी/ भद्रा/ रवि योग/ विडाल योग/ भारत के भूतपूर्व प्रधान मंत्री राजीव गांधी स्मृति दिवस, श्री चन्द्रशेखरेन्द्र सरस्वती जयन्ती, सुमित्रानंदन पंत जन्म दिवस, पीरू सिंह शेखावत जयन्ती, सिमरनजीत सिंह मान जन्म दिवस, एनटी रामाराव जयन्ती, मल्हार राव होलकर स्मृति दिवस, गणेश व्यंकटेश जोशी स्मृति दिवस, बिपिन चंद्र पाल पुण्य तिथि, स्वामी ब्रह्मानंद सरस्वती पुण्य तिथि, फूल दिवस, अंतर्राष्ट्रीय नैदानिक परीक्षण दिवस, जोसेफिन बेकर दिवस, राष्ट्रीय करोड़पति दिवस, अंतर्राष्ट्रीय चाय दिवस, राष्ट्रीय कर्मचारी स्वास्थ्य एवं फिटनेस दिवस, राष्ट्रीय जूस स्लश दिवस, राष्ट्रीय क्विश लॉरेन दिवस, राष्ट्रीय बचाव कुत्ता दिवस, विश्व मधुमक्खी दिवस, विश्व मेट्रोलॉजी दिवस
✍🏼 *_तिथि विशेष – चतुर्थी तिथि को मूली एवं पञ्चमी तिथि को बिल्वफल त्याज्य बताया गया है। इस चतुर्थी तिथि में तिल का दान और भक्षण दोनों त्याज्य होता है। इसलिए चतुर्थी तिथि को मूली और तिल एवं पञ्चमी को बिल्वफल नहीं खाना न ही दान करना चाहिए। चतुर्थी तिथि एक खल और हानिप्रद तिथि मानी जाती है। इस चतुर्थी तिथि के स्वामी गणेश जी हैं तथा यह चतुर्थी तिथि रिक्ता नाम से विख्यात मानी जाती है। यह चतुर्थी तिथि शुक्ल पक्ष में अशुभ तथा कृष्ण पक्ष में शुभफलदायिनी मानी गयी है।
🪴 *_Vastu tips_* 🎋
*मनी प्लांट को घर में रखने के वास्तु नियम_*
*_आचार्य श्री गोपी राम के अनुसार मनी प्लांट को उत्तर दिशा में रखना शुभ होता है। अगर मुख्य द्वार इस दिशा में हो तो वहीं आपको मनी प्लांट लगाना चाहिए। अगर इस दिशा में मुख्य द्वार न हो तो घर की उत्तर दिशा वाली खिड़की या दरवाजे के पास भी आप मनी प्लांट रख सकते हैं।
*_मनी प्लांट को घर में लगाते समय इस बात का ख्याल रखें की उसकी बेल ऊपर की ओर जाए। इसके लिए उचित व्यवस्था आपको मनी प्लांट के पास करनी चाहिए।
*_गलती से भी मनी प्लांट के मुरझाने के बाद इसको घर में न रखें ऐसा करने से धन की बर्बादी हो सकती है।
❇️ *जीवनोपयोगी कुंजियां* ⚜️
दिमाग रहेगा हेल्दी इसके लिए रोजाना कुछ देर एक्सरसाइज जरूर करें। खाने में बैलेंस डाइट लें और तनाव से दूर रहें। म्यूजिक सुनें और अच्छी नींद लें। खाने में अखरोट, बादाम, काजू, अलसी और कद्दू के बीज शामिल करें। रोजाना एलोवेरा, गिलोय और अश्वगंधा का जूस पीएं।अंकुरित अन्न खाएं, हरी सब्जियां खाएं और लौकी खाना फायदेमंद होगा। बादाम रोगन दूध में डालकर पीएं, बादाम रोगन नाक में डालें, बादाम-अखरोट पीसकर खाएं।
*_अच्छी नींद कैसे आए इसके लिए हल्का खाना खाएं। ताजा खाना ही खाएं और तले-भुने खाने से परहेज करें। नींद के लिए रोजाना 5-6 लीटर पानी पीएं और कुछ वर्क आउट जरूर करें। रोजाना जीरा, धनिया, मेथी, अजवाइन एक-एक चम्मच लें। इसे एक गिलास पानी में डाल दें। रात में पानी में भिगो दें और सुबह खाली पेट पीएं। लगातार 11 दिन तक इस पानी को पीएं।
🍷 *आरोग्य संजीवनी* 🍶
घुटनों का दर्द और अस्थि भंग : बबूल के बीजों को पीसकर तीन दिन तक शहद के साथ लेने से घुटनों के दर्द और अस्थि भंग दूर हो जाता है और हडि्डयां वज्र के समान मजबूत हो जाती हैं। घुटनों में चिकनाई आजाती है जिन्हें डॉक्टर ने घुटनों के रिप्लेसमेंट की बोल दिया उनको भी यह ठीक करने का सामर्थ्य रखते है।
*_टूटी हड्डी जल्द जोड़ने के लिए : बबूल की फलियों का चूर्ण एक चम्मच की मात्रा में सुबह-शाम नियमित रूप से सेवन करने से टूटी हड्डी जल्द ही जुड़ जाती है। यह उपाय बहुत की प्रभावी और कारगर है।
*_दांत का दर्द : बबूल की फली के छिलके और बादाम के छिलके की राख में नमक मिलाकर मंजन करने से दांत का दर्द दूर हो जाता है।
*_पेशाब का अधिक मात्रा में आना : बबूल की कच्ची फली को छाया में सुखाकर उसे घी में तलकर पाउडर बना लें। इस पाउडर की 3-3 ग्राम मात्रा रोजाना सेवन करने से पेशाब का ज्यादा आना बंद होता है।
*_शारीरिक शक्ति और कमज़ोरी मिटाएँ : बबूल की फलियों को छाया में सुखा लें और इसमें बराबर की मात्रा मे मिश्री मिलाकर पीस लेते हैं। इसे एक चम्मच की मात्रा में सुबह-शाम नियमित रूप से पानी के साथ सेवन से करने से शारीरिक शक्ति में इज़ाफ़ा होता है और सभी कमज़ोरी वाले रोग दूर हो जाते हैं।
📖 *_गुरु भक्ति योग_* 🕯️
एक गुरू जी के दो चेले थे। साथ ही रहते, साथ ही खाते। चेले क्या थे बवाल ही थे। “काम के ना काज के। दुश्मन अनाज के॥”
*_एक बार सर्दियों की आधी रात को गजब की वर्षा आई। बाहर ही बंधी गाय भीगी तो रंभाने लगी। गुरू जी की नींद टूट गई, चेलों से कहा- चेला! जाओ गाय खोल कर भीतर ले आओ। दोनों एक स्वर में बोले- गुरू जी! जो खुद बंधा हो, वह दूसरे को मुक्त कैसे करे? बंधन खोलना तो आप जैसे मुक्त महापुरुषों का काम है।
*_गुरू जी स्वयं ही उठे। गाय का बंधन खोल भीतर ले आए। शरीर सुखा कर, गुरू जी लेटे और विचार करने लगे कि कैसे इन्हें बदला जाए। अगली सुबह, गुरू जी रोज की ही तरह पूजा करने के लिए अपने तख्त पर बैठ गए। पूजा शुरू की तो बोले- ओह! तुलसी के पत्ते लाना तो मैं भूल ही गया। चेला! जाओ बाहर से तुलसी के दो पत्ते ले आओ।
*_अब सुबह का वक्त था, हलकी बूंदाबाँदी अभी भी हो रही थी और ठंड कड़ाके की थी। तुलसी का पौधा लगा था बगीचे के अंतिम छोर पर। दोनों चेले पहले ही कंबल औढ़े दाँत किटकिटा रहे थे, तुलसी के पत्ते कौन लाता? और दोनों एक से बढ़कर एक चालाक और कामचोर।
*_पहला बोला- गुरू जी! तुलसी का पौधा कैसा होता है मैं नहीं जानता। आप पहचान बता दें तो मैं ले आऊँ। गुरू जी ने कहा- अच्छा तो तुम तुलसी का पौधा नहीं जानते।
*_दूसरा समझ गया कि अब मुझे ही कहा जाएगा। वह तुरंत पहले वाले से बोला- अरे मूर्ख! तूं तुलसी का पौधा नहीं पहचानता? तूने कभी तुलसी के पत्ते नहीं देखे? तुलसी का पौधा नहीं लगा हुआ वहाँ बीच बगीचे में? फिर दोनों बाहें फैला कर बोला- वही तो है तुलसी जिसके इतने लम्बे लम्बे पत्ते हैं।
*_गुरू जी बोले- अच्छा तो तुम भी तुलसी नहीं जानते। देखो मैं तो तख्त पर बैठ गया हूँ। और मेरा नियम है कि एक बार मैं पूजा के लिए बैठ जाऊँ तो बिना पूजा पूरी किए उठ नहीं सकता। चलो कोई बात नहीं, तुम तुलसी नहीं जानते, तख्त उठाना तो जानते हो? चलो मुझे ही बाहर ले चलो, फिर तुलसी के पत्ते तो मैं खुद ही ले आऊँगा।
*_अब तो दोनों चेलों का खून सूख गया। आखिर पुराना तख्त था, वह तो भारी भरकम था ही, गुरू जी भी भगवान की कृपा से कोई तख्त से कम भारी न थे। पर अब क्या किया जा सकता था? जैसे तैसे दोनों ने गुरू जी सहित तख्त उठाया और चले।
*_पहुँचे तुलसी के पौधे के पास। गुरू जी ने तुलसी के दो पत्ते लिए और कहा- प्यारे चेलों! अब वापिस भी ले चलो।
*_बात ऐसी है कि कुछ चेले सीधे सीधे नहीं सीखते। उन्हें सिखाने के लिए गुरू को भी उन्हीं के स्वभाव के अनुरूप योजना बनानी पड़ती है। वे चेले अब और कुछ भूलें न भूलें, पर तुलसी तो कभी नहीं भूलेंगे।
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⚜️ *_चतुर्थी तिथि में तिल का दान और भक्षण दोनों भी त्याज्य है। आज गणपति, गजानन, विघ्नहर्ता श्री गणेशजी की पूजा का विशेष महत्त्व है। आज गणपति की पूजा के उपरान्त मोदक, बेशन के लड्डू एवं विशेष रूप से दूर्वादल का भोग लगाना चाहिये इससे मनोकामना की सिद्धि तत्काल होती है। शास्त्रानुसार जिस व्यक्ति का जन्म चतुर्थी तिथि को होता है वह व्यक्ति बहुत ही भाग्यशाली होता है। चतुर्थी तिथि में जन्म लेने वाला व्यक्ति बुद्धिमान एवं अच्छे संस्कारों वाला होता है। ऐसे लोग अपने मित्रों के प्रति प्रेम भाव रखते हैं तथा इनकी सन्तानें अच्छी होती है। इन्हें धन की कमी का सामना नहीं करना पड़ता है और ये सांसारिक सुखों का पूर्ण उपभोग करते हैं।।


