
आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
✦••• *_जय श्री हरि_* •••✦
🧾 *_आज का पंचाग_* 🧾
*शनिवार 23 मई 2026_*
शनि देव जी का तांत्रिक मंत्र – ऊँ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः।।
☄️ दिन (वार) -शनिवार के दिन क्षौरकर्म अर्थात बाल, दाढ़ी काटने या कटाने से आयु का नाश होता है । अत: शनिवार को बाल और दाढ़ी दोनों को ही नहीं कटवाना चाहिए।
*_शनिवार के दिन प्रात: पीपल के पेड़ में दूध मिश्रित मीठे जल का अर्ध्य देने और सांय पीपल के नीचे तेल का दीपक जलाने से कुंडली की समस्त ग्रह बाधाओं का निवारण होता है ।
*_शनिवार के दिन पीपल के नीचे हनुमान चालीसा पड़ने और गायत्री मन्त्र की àएक माला का जाप करने से किसी भी तरह का भय नहीं रहता है, समस्त बिग़डे कार्य भी बनने लगते है ।
*_शिवपुराण के अनुसार शनि देव पिप्लाद ऋषि का स्मरण करने वाले, उनके भक्तो को कभी भी पीड़ा नहीं देते है इसलिए जिन के ऊपर शनि की दशा चल रही हो उन्हें अवश्य ही ना केवल शनिवार को वरन नित्य पिप्लाद ऋषि का स्मरण करना चाहिए।
शनिवार के दिन पिप्पलाद श्लोक का या पिप्पलाद ऋषि जी के केवल इन तीन नामों (पिप्पलाद, गाधि, कौशिक) को जपने से शनि देव की कृपा मिलती है, शनि की पीड़ा निश्चय ही शान्त हो जाती है ।
🔮 *_शुभ हिन्दू नववर्ष 2026 विक्रम संवत : 2083 सिद्धार्थी विक्रम : 1969 शर्वरी_*
🌐 *_रौद्र संवत्सर विक्रम संवत 2083,_*
✡️ *_शक संवत 1948 (पराभव संवत्सर), चैत्र_*
☮️ *_गुजराती सम्वत : 2082 पिङ्गल_*
☸️ *_काली सम्वत् 5127_*
🕉️ *_संवत्सर (बृहस्पति) पराभव_*
☣️ *_आयन – उत्तरायण_*
☂️ *_ऋतु – सौर ग्रीष्म ऋतु_*
☀️ *_मास – अधिमास ज्यैष्ठ मास_*
🌓 *_पक्ष – शुक्ल पक्ष_*
📆 *_तिथि – शनिवार ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष अष्टमी तिथि 04:27 AM तक उपरांत नवमी_*
📝 *_तिथि स्वामी – अष्टमी के देवता हैं रुद्र। इस तिथि को भगवान सदाशिव या रुद्रदेव की पूजा करने से प्रचुर ज्ञान तथा अत्यधिक कांति की प्राप्ति होती है। इससे बंधन से मुक्त भी मिलती है। यह द्वंदवमयी तिथि हैं।_*
💫 *_नक्षत्र- नक्षत्र मघा 02:09 AM तक उपरांत पूर्व फाल्गुनी_*
🪐 *_नक्षत्र स्वामी – मघा नक्षत्र का स्वामी ग्रह केतु है। मघा नक्षत्र के देवता पितर (पूर्वज) हैं।_*
⚜️ *_योग – ध्रुव योग 06:13 AM तक, उसके बाद व्याघात योग 04:42 AM तक, उसके बाद हर्षण योग_*
⚡ *_प्रथम करण : विष्टि 04:40 PM तक_*
✨ *_द्वितीय करण : बव 04:27 AM तक, बाद बालव_*
🔥 *_गुलिक काल : – शनिवार को शुभ गुलिक प्रातः 6: 53 से 8:19 बजे तक ।_*
⚜️ *_दिशाशूल – शनिवार को पूर्व दिशा का दिकशूल होता है ।यात्रा, कार्यों में सफलता के लिए घर से अदरक खाकर, घी खाकर जाएँ ।_*
🤖 *_राहुकाल -सुबह – 9:44 से 11:09 तक।राहु काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए |_*
🌞 *_सूर्योदयः – प्रातः 05:25:40_*
🌅 *_सूर्यास्तः – सायं 19:09:40_*
👸🏻 *_ब्रह्म मुहूर्त : प्रातः काल 04:04 ए एम से 04:45 ए एम_*
🌇 *_प्रातः सन्ध्या : प्रातः काल 04:25 ए एम से 05:26 ए एम_*
🌟 *_अभिजित मुहूर्त : दोपहर 11:51 ए एम से 12:45 पी एम_*
✡️ *_विजय मुहूर्त : दोपहर 02:35 पी एम से 03:30 पी एम_*
🐃 *_गोधूलि मुहूर्त संध्या काल 07:08 पी एम से 07:29 पी एम_*
🌃 *_सायाह्न सन्ध्या : सायं काल 07:10 पी एम से 08:11 पी एम_*
💧 *_अमृत काल : रात्रि काल 11:45 पी एम से 01:21 ए एम, मई 24_*
🗣️ *_निशिता मुहूर्त : रात्रि काल 11:57 पी एम से 12:38 ए एम, मई 24_*
❄️ *_रवि योग : रात्रि काल 02:09 ए एम, मई 24 से 05:26 ए एम, मई 24_*
🚓 *_यात्रा शकुन-शर्करा मिश्रित दही खाकर घर से निकलें।_*
👉🏼 *_आज का मंत्र-ॐ प्रां प्रीं प्रौं स: शनयै नम:।_*
🤷🏻♀️ *_आज का उपाय-शनि मंदिर में सरसों का तेल चढ़ाएं।_*
🪵 *_वनस्पति तंत्र उपाय-शमी के वृक्ष में जल चढ़ाएं।_*
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – अधिक मासिक दुर्गाष्टमी/ भद्रा/ गण्ड मूल/ रवि योग/ आडल योग/ भगवान बुद्ध प्राकट्योत्सव/ कूर्म अवतार प्राकट्योत्सव/ प्रसिद्ध राजमाता व राजनीतिज्ञ महारानी गायत्री देवी जन्म दिवस, साहित्यकार अन्नाराम ‘सुदामा’ जन्म दिवस, भारतीय शास्त्रीय संगीतकार वसुंधरा कोमकली जन्म दिवस, विश्व कछुआ दिवस, अंतर्राष्ट्रीय तिब्बत मुक्ति दिवस, विश्व मौसम विज्ञान दिवस, नेशनल टॉफी डे, विश्व क्रोहन दिवस, कोलाइटिस दिवस, विश्व जैव विविधता, प्रसूति नालव्रण समाप्त करने के लिए अंतर्राष्ट्रीय दिवस, भारतीय निर्देशक पद्मराजन जन्म दिवस
✍🏼 तिथि विशेष – अष्टमी तिथि को नारियल त्याज्य बताया गया है। अष्टमी तिथि बलवती अर्थात स्ट्रांग तिथि मानी जाती है। इसका मतलब कोई भी विकट कार्य आज आप कर-करवा सकते हैं। इतना ही नहीं अपितु अष्टमी तिथि व्याधि नाशक तिथि भी मानी जाती है। इसका मतलब आज आप कोई भी भयंकर रोगों के इलाज का प्रयत्न भगवान के नाम के साथ करेंगे-करवाएंगे तो निश्चित लाभ होगा। यह अष्टमी तिथि जया नाम से विख्यात मानी जाती है। यह अष्टमी तिथि कृष्ण पक्ष में मध्यम फलदायिनी मानी जाती है।
🗼 *_Vastu tips_* 🗽
यदि आपका मुख्य द्वार पूर्व दिशा की तरफ है, तो आपको हरे, पीले या हल्के भूरे रंग के पायदान का इस्तेमाल करना चाहिए। कहते हैं इससे घर में खुशहाली और समृद्धि बनी रहती है।
*_अगर आपके घर का मुख्य द्वार उत्तर दिशा की तरफ है तो यहां नीले, हल्के हरे या सफेद रंग का पायदान रखना आपके लिए फायदेमंद रहेगा।
*_दक्षिण दिशा में मुख्य द्वार होने पर यहां लाल, गुलाबी या नारंगी रंग का पायदान रखना उत्तम होता है।
*_पश्चिम दिशा में यदि मुख्य द्वार है तो यहां सफेद, सुनहरे या ग्रे रंग के पायदान का इस्तेमाल करें।
*_पायदान के नीचे रखें ये एक चीज यदि आप आर्थिक तंगी से दूर रहना चाहते हैं तो पायदान के नीचे थोड़ा सा खड़ा नमक एक छोटे कागज या कपड़े में लपेटकर रख दें। कहते हैं इससे घर-परिवार को किसी की बुरी नजर नहीं लगती। इसके अलावा आप चाहें तो इसके नीचे फिटकरी का एक छोटा टुकड़ा भी रख सकते हैं। कहते हैं इस उपाय से मां लक्ष्मी का घर में सदैव वास बना रहता है।
♻️ *जीवनोपयोगी कुंजियां* ⚜️
नींबू की खुशबू बहुत ताज़ा होती है। जब आप उस पर नमक डालते हैं, तो नमक नींबू की नमी को सतह पर खींचता है, जिससे उसकी भीनी-भीनी खुशबू कमरे में थोड़ी ज़्यादा बेहतर तरीके से फैलती है। यह किसी भी केमिकल वाले रूम फ्रेशनर से बहुत अच्छा और प्राकृतिक विकल्प है।
*_नींबू की खुशबू (साइट्रस सुगंध) पर हुए कुछ शोध बताते हैं कि इसकी महक से तनाव का स्तर थोड़ा कम होता है। एक शांत और खुशबूदार माहौल आप को बेहतर नींद लेने और सुबह तरोताज़ा महसूस करने में मदद कर सकता है।
*_अगर आप को हल्का सर्दी-जुकाम है, तो नींबू की तीखी और ताज़ा खुशबू से आप को सांस लेने में थोड़ी राहत महसूस हो सकती है, ठीक वैसे ही जैसे पुदीने या नीलगिरी की महक से होती है।
*_नींबू की तेज़ साइट्रस (खट्टी) खुशबू मक्खियों, मच्छरों और कुछ छोटे कीड़ों को बिल्कुल पसंद नहीं होती। नमक मिलने से नींबू का रस और खुशबू हवा में थोड़ी ज़्यादा सक्रिय हो जाती है, जिससे ये छोटे जीव आपके बिस्तर या कमरे से दूर रहते हैं।
*_फ्रिज एक बंद जगह होती है, जहाँ कई तरह के खाने-पीने के सामान (जैसे कटी हुई सब्जियां, प्याज, लहसुन या बचा हुआ खाना) रखने से एक अजीब सी मिली-जुली बदबू पैदा हो जाती है। नींबू और नमक का यह नुस्खा इस समस्या को बहुत आसानी से दूर कर सकता है:
🍶 *आरोग्य संजीवनी* 🍯
*सूखी खांसी ठीक करने के लिए :_*
एक कप चाय में एक चुटकी नमक डालकर पिएं।_*
*_मुलेठी का पाउडर चाय में डालकर पिएं।
*_अदरक को कद्दूकस करके उसका रस निकालें जितना रस हो उसका आधा शहद उसमें मिलाएं और इसका सेवन करें।
*_काली मिर्च पाउडर और शहद मिलाकर पिएं।_*
*_काली मिर्च, सौंठ ,मुलेठी ,चाय की पत्ती, गुड को पानी में अच्छी तरह उबाल कर छान लें। इसमें गर्म दूध डालकर इस चाय को पिएं।
*_गर्म दूध में हल्दी डालकर पिएं।_*
👉🏼 *_विशेष:उपर्युक्त कुछ प्रचलित घरेलू उपाय हैं लेकिन सूखी खांसी को नजरअंदाज ना करते हुए गंभीरता से लें और डॉक्टर से इलाज करवाइये
🌷 *_गुरु भक्ति योग_* 🌸
*शिवलिंग को समझना चाहिए।_*
ड्राइंग यूनिवर्सल लैंग्वेज है जो दुनिया के कोई भी व्यक्ति उसे समझ सकता है चाहे उसकी भाषा भिन्न हो।
*_ड्राइंग से सरल समझ मॉडल से दी जाती है। शिवालय मॉडल है और शिव तत्व जहां स्थित है वह बताया है।
*_शिवालय में दो ब्राह्मण होते है। एक गोस्वामी या तपोधन जो शिवलिंग को साफ करता है। शिवलिंग पर चढ़ाई गई सामग्री वही ले जाता है।
*_दूसरा ब्राह्मण शिवलिंग की पूजा करता है। लेकिन वह शिवलिंग साफ भी नहीं करता ना ही उस पर चढ़ाई गई कोई सामग्री लेता है।
*_शिव मंदिर में कही भी कभी प्रसाद नहीं बाटा जाता।
*_शिवलिंग पर चढ़ाई गई सामग्री को उतार ने के बाद शिव निर्मालय कहा जाता है जो अपवित्र है। जिससे पुण्य का क्षय होता है।
*_पुष्पदंत का शिव महिम्न स्तोत्र शिव भक्ति के लिए उत्तम है। पुष्पदंत नामक एक गंधर्व होता है जो नितदिन शिव को अर्पण करने एक राजा के बगीचे से सुंदर फूल तोड़ जाता है। पुष्पदंत अदृश्य होने से पकड़ा नहीं जाता। राजा को जब बताया गया तो राजा ने बगीचे में शिव निर्मालय बिखेरने को कहा। और पुष्पदंत के उसे छूने से उसका पुण्य क्षय हुआ और अदृश्य रहने की शक्ति चली गई जिससे सैनिकों ने उसे पकड़ लिया। तब व्यथित होकर पुष्पदंत शिवजी की स्तुति करते है और वह स्तुति शिव महिम्न स्तोत्र के नाम से प्रचलित है।
*_महादेव मनुष्याकार है। इस लिए शिवलिंग को समझ ने अपने शरीर से जानना प्रयत्न करे।
*_लंबे पांव कर बैठे तो शिवलिंग के थड़े का आकार बनेगा। उस के ऊपर पेट शिवलिंग है। पेट से मुंह तक जीभ के साथ अन्ननडी नाग सामान है। उंडा श्वास लेने से पेट और दो फेफड़े फूलते है वह तीन पन्ने वाला बिली पत्र है। मस्तिष्क जलाधारी है। दो पैर के बीच से मल मूत्र निकलने को निर्मालय कहा जाता है। जिसे छूने से अपवित्र होते है। पेट में डाला हुआ कुछ भी कोई नहीं खाता। ऐसे शिवलिंग पर चढ़ाए प्रसाद को कोई नहीं खाता।
*_शिवलिंग कल्याणकारी है। पेट हमें जीवन और शक्ति देता है। लेकिन जब वह बिगड़े तो बीमार होते है और कोपायमान होने पर हमारा मृत्यु होता है। इस लिए शिव कल्याणकारी और शंकर मृत्यु के देवता कहा जाते है। यानी कि पेट ही शिवलिंग है और वही शंकर है।
*_शिवालय में सांड, कछुआ, गणपति, हनुमानजी, छोटा बड़ा घंट, पार्वती, त्रिशूल और रुद्राक्ष माला सभी का विशिष्ट प्रयोजन है। इन सभी की समझ एक दूसरे को संलग्न हो तब शिवलिंग की सही समझ मानी जाए।
*_इससे साफ है कि शिवलिंग महादेव का पेट है। पेट में डाला गया याउस में से निकला हुआ कोई खाता नहीं। इसी लिए शिवालय में प्रसाद दिया नहीं जाता। ─━━━━━━━⊱✿⊰━━━━━━━─
⚜️ *_अष्टमी तिथि के देवता भगवान शिव भोलेनाथ जी माने जाते हैं। इसलिये इस अष्टमी तिथि को भगवान शिव का दर्शन एवं पूजन अवश्य करना चाहिए। आज अष्टमी तिथि में कच्चा दूध, शहद, काला तिल, बिल्वपत्र एवं पञ्चामृत शिवलिंग पर चढ़ाने से भगवान शिव की कृपा सदैव बनी रहती है। घर में कोई रोगी नहीं होता एवं सभी मनोकामनाओं की सिद्धि तत्काल होती है।।
*_मंगलवार को छोड़कर बाकि अन्य किसी भी दिन की अष्टमी तिथि शुभ मानी गयी है। परन्तु मंगलवार की अष्टमी शुभ नहीं होती। इसलिये इस अष्टमी तिथि में भगवान शिव के पूजन से हर प्रकार की सिद्धियाँ प्राप्त होती है। इस अष्टमी तिथि को अधिकांशतः विष्णु और वैष्णवों का प्राकट्य हुआ है। इसलिये आज अष्टमी तिथि में भगवान शिव और भगवान नारायण दोनों का पूजन एक साथ करके आप अपनी सम्पूर्ण मनोकामनायें पूर्ण कर सकते हैं।।


