30 हजार की अवैध शराब पकड़ी, तस्कर गिरफ्तार, लेकिन असली शराब माफिया कौन?”

बाड़ी पुलिस की कार्रवाई में बड़ा सवाल — शराब बेचने वाले ठेकेदार का नाम क्यों छुपाया जा रहा है?
रिपोर्टर : विनोद कुमार साहू
बाड़ी । थाना क्षेत्र में पुलिस ने अवैध शराब और हथियारों के साथ तीन कथित तस्करों को गिरफ्तार कर बड़ी कार्रवाई का दावा किया है। बारना कॉलोनी के खंडहर पड़े सरकारी क्वार्टरों से पुलिस ने 6 पेटी देशी शराब, 300 क्वार्टर और एक देशी पिस्टल के साथ तीन आरोपियों को पकड़ा। पुलिस के अनुसार मुख्य आरोपी अमित ठाकुर पर पहले से 25 और शिवम भारद्वाज पर 12 आपराधिक मामले दर्ज हैं।
लेकिन इस पूरी कार्रवाई के बीच सबसे बड़ा सवाल अब जनता पूछ रही है
आखिर यह शराब आई कहां से?
किस ठेकेदार या सिंडिकेट ने यह शराब सप्लाई की?
और सबसे अहम…
हर बार छोटे गुर्गे पकड़कर असली शराब माफियाओं को बचाने का खेल कब तक चलता रहेगा?
पुलिस ने शराब जब्त कर आरोपियों को जेल भेज दिया, लेकिन प्रेस नोट में कहीं भी यह नहीं बताया गया कि जब्त शराब किस कंपनी, किस ठेके या किस लाइसेंसी दुकान से जुड़ी हुई थी। जबकि बिना किसी बड़े नेटवर्क के इतनी मात्रा में शराब का पहुंचना आसान नहीं माना जाता।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बाड़ी और आसपास के क्षेत्रों में अवैध शराब का कारोबार लंबे समय से खुलेआम चल रहा है। सवाल यह भी उठ रहा है कि क्या केवल वाहक और छोटे तस्कर ही कानून के शिकंजे में आएंगे या फिर उन रसूखदार ठेकेदारों तक भी पुलिस पहुंचेगी जिनके संरक्षण में यह धंधा फल-फूल रहा है।
अब देखना यह होगा कि पुलिस इस मामले में सिर्फ “वाहवाही वाली कार्रवाई” तक सीमित रहती है या शराब माफियाओं के असली आकाओं का चेहरा भी जनता के सामने लाती है।



