धार्मिक

कार्तिक माह सोमवार से प्रारंभ : पं. हरिनारायण शास्त्री

रिपोर्टर : सतीश मैथिल
सांचेत । सोमवार से शुरू हो रहा है कार्तिक का महीना पंडित हरिनारायण शास्त्री ने बताया इस माह में क्या करना चाहिए 26 अक्टूबर 2026 से कार्तिक का महीना आरंभ हो रहा है। इस माह में विष्णु जी और तुलसी जी की पूजा का विधान है। इसके अलावा कार्तिक माह में इन कार्यों को करने से शुभ फलों की प्राप्ति होती है।
26 अक्टूबर 2026 से कार्तिक का महीना शुरू हो रहा है, जो कि 24 नवंबर तक चलेगा। स्नान-दान और जप-तप के लिए यह माह अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। इस महीने में पूजा- पाठ और स्नान-दान करने से अक्षय फलों की प्राप्ति होती है।
पुराणों में बताया गया है कि कार्तिक महीने में घर से बाहर किसी पवित्र नदी में स्नान, गायत्री जप एवं दिन में केवल एक बार भोजन करके व्यक्ति को शुभ फल प्राप्त होते हैं और उसकी तरक्की होती है। पंडित हरिनारायण शास्त्री बताते है हैं कि कार्तिक माह में क्या करना चाहिए और क्या नहीं।
कार्तिक महीने में दीपदान करने का विशेष महत्व होता है। इस माह में मंदिर, तुलसी, आंवले का पेड़, नदी, पोखर, कुएं, बावड़ी और तालाब के किनारे दीपदान करने का विधान। ऐसा करने से व्यक्ति को कई गुना अधिक शुभ फलों की प्राप्ति होती है।
कार्तिक महीने में तुलसी की पूजा करना अत्यंत पुण्यकारी माना जाता है। कार्तिक माह में रोजाना सुबह तुलसी में जल देने और शाम के समय तुलसी के पास दीया जलाने से घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है।
कार्तिक मास में सूर्योदय से पहले उठकर गंगा या पवित्र नदियों में स्नान करने का विधान है। अगर ऐसा संभव नहीं है तो घर पर नहाने के पानी में गंगाजल मिलाकर स्नान कर सकते हैं। कार्तिक महीने में गंगा स्नान करना बहुत ही फलदायी माना गया है।
कार्तिक महीने के दौरान सुबह स्नान के बाद सूर्यदेव को जल जरूर अर्पित करें। कार्तिक महीने में तुलसी पत्र से श्री विष्णु की पूजा करने से भगवान विष्णु बहुत प्रसन्न होते हैं।

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