गौ रक्षा सहित जीव जंतुओं के साथ पंछियों के जीवन दान के लिए निरंतर कार्य कर रही युवती

8 वर्षों में अपनी मेहनत से कमाया शहर में नाम (राष्ट्रीय महिला दिवस)
ब्यूरो चीफ : मनीष श्रीवास
कटनी। मध्यप्रदेश के कटनी जिले में गौ रक्षा के साथ विभिन्न जीव जंतुओं के साथ अन्य पंछियों की सेवा भाव के साथ इन 5 वर्षों से लगातार गौ माता सेवा अमिता श्रीवास के द्वारा की जा रही है। देखा जाएं तो अमिता ने 25 वर्ष की आयु से इन गौवंशों की सुरक्षा एवं जीवन बचाने की शुरुआत की। अभी तक लगभग 27 हजार से अधिक गोवंशो का निशुल्क उपचार एवं इनके बचाव करती हुई आ रहीं हैं। अमिता के द्वारा अन्य जीव जंतुओं के साथ साथ पशु पक्षियों की विभिन्न प्रकार से उनके जीवन इलाज और सुरक्षा कर उन्हें स्वतंत्र जंगलो में छोड़ा गया है जिसकी कोई गिनती नहीं है। साथ ही अमिता श्रीवास ने विभिन्न जहरीले जीव जंतुओं में सर्प, गौहेरा, वन बिलार , कबर बिच्छु इत्यादि शामिल है। मध्य प्रदेश में पाए जाने वाले सबसे विषैले सर्प में तीन प्रजातियां मुख्य रूप से पाई गई हैं जिसमे इंडियन रसल वाइपर, इंडियन कॉमन कैरेत, इंडियन स्पेक्टीकल कोबरा शामिल है।
इन सभी के अलावा वन्य जीव संरक्षण में बाज, उल्लू, अफ्रीकन बर्ड, मैंना, कोयल, वानर राज, कछुआ जैसे प्राणी शामिल है।
अमिता श्रीवास को मिला अच्छे कार्य सेवा के लिए सम्मान –
मध्य प्रदेश शासन के द्वारा इन जीव दया गौ सेवा सम्मान पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा प्रथम पुरस्कार,अटल गौरव राष्ट्रीय सम्मान, गौ संवर्धन बोर्ड कैबिनेट मंत्री दर्जा प्राप्त अखिलेशानंद गिरि महाराज से पुरस्कृत।
प्रदेश स्तरीय कई पुरस्कार एवं जिला स्तरीय पुरस्कार से भी सम्मानित। देखा जाएं तो लगातार जीव सेवा में इनका स्थान जिले में ही नहीं प्रदेश स्तर में भी प्रथम श्रेणी का दर्जा प्राप्त है। आज 8 मार्च राष्ट्रीय महिला दिवस पर अमिता श्रीवास की जितनी भी प्रशंसा की जाएं वह कम हैं। कटनी नगर सहित मध्यप्रदेश की जन्म भूमि में जन्मी युवती श्रीवास समाज के लिए प्रेरणा हैं। हम सभी इस बेहतर कार्य के लिए युवती को नमन करते हैं। जिसने इतनी कम उम्र में बिना किसी स्वार्थ एवं सहयोग से इतनी अच्छी सेवा के लिए जानी एवं पहचानी जाती हैं।



