ज्योतिष

Aaj ka Panchang आज का पंचांग मंगलवार, 19 दिसम्बर 2023

आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचाग 🧾
मंगलवार 19 दिसम्बर 2023

19 दिसम्बर 2023 दिन मंगलवार को मार्गशीर्ष मास के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि है। आज की सप्तमी को विष्णु सप्तमी तथा मित्र सप्तमी भी कहा जाता है। आज मंगलवार को जया तिथि होने से सिद्धयोग का निर्माण हो रहा है। आज परम पवित्र त्रिपुष्कर योग भी है। इसके वजह से आज झूठ और बेईमानी नहीं करना चाहिए। क्योंकि आज शुभ कर्म करने से शुभ फल तीन गुना प्राप्त होता है। परन्तु अशुभ कर्म का भी तीन गुना ही फल होता है। आप सभी सनातनियों को “श्रीविष्णुसप्तमी के पावन व्रत” की हार्दिक शुभकामनायें।।
हनुमान जी का मंत्र : हं हनुमते रुद्रात्मकाय हुं फट् ।
🌌 दिन (वार) – मंगलवार के दिन क्षौरकर्म अर्थात बाल, दाढ़ी काटने या कटाने से उम्र कम होती है। अत: इस दिन बाल और दाढ़ी नहीं कटवाना चाहिए ।
मंगलवार को हनुमान जी की पूजा और व्रत करने से हनुमान जी प्रसन्न होते है। मंगलवार के दिन हनुमान चालीसा एवं सुन्दर काण्ड का पाठ करना चाहिए।
मंगलवार को यथासंभव मंदिर में हनुमान जी के दर्शन करके उन्हें लाल गुलाब, इत्र अर्पित करके बूंदी / लाल पेड़े या गुड़ चने का प्रशाद चढ़ाएं । हनुमान जी की पूजा से भूत-प्रेत, नज़र की बाधा से बचाव होता है, शत्रु परास्त होते है।
🔮 शुभ हिन्दू नववर्ष 2023 विक्रम संवत : 2080 नल, शक संवत : 1945 शोभन
🌐 संवत्सर नाम अनला
🔯 शक सम्वत : 1945 (शोभकृत् संवत्सर)
☸️ काली सम्वत् 5124
🕉️ संवत्सर (उत्तर) पिंगल
☣️ आयन – दक्षिणायन
☀️ ऋतु – सौर हेमंत ऋतु
⛈️ मास – मार्गशीर्ष मास
🌘 पक्ष – शुक्ल पक्ष
📆 तिथि : मार्गशीर्ष माह शुक्ल पक्ष दिन मंगलवार और सप्तमी तिथि 01:07 PM तक उपरांत अष्टमी
✏️ तिथि स्वामी : सप्तमी तिथि के देवता हैं चित्रभानु। तथा सप्तमी तिथि को चित्रभानु नाम वाले भगवान सूर्यनारायण का पूजन करने से सभी प्रकार से रक्षा होती है।
💫 नक्षत्र : नक्षत्र पूर्वभाद्रपदा 12:02 AM तक उपरांत उत्तरभाद्रपदा
🪐 नक्षत्र स्वामी : पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र का स्वामी ग्रह बृहस्पति होता है, इसलिए कई बार ये काफी ज्ञान की बात करने वाले होते हैं.
🔊 योग : सिद्धि योग 06:38 PM तक, उसके बाद व्यातीपात योग
प्रथम करण : वणिज – 01:06 पी एम तक
द्वितीय करण : विष्टि – 12:08 ए एम, दिसम्बर 20 तक
🔥 गुलिक काल : मंगलवार का गुलिक दोपहर 12:06 से 01:26 बजे तक।
🤖 राहुकाल (अशुभ) – दोपहर 15:13 बजे से 16:35 बजे तक। राहु काल में शुभ कार्य करना वर्जित माना गया है।
⚜️ दिशाशूल – मंगलवार को उत्तर दिशा की यात्रा नहीं करनी चाहिये, यदि अत्यावश्यक हो तो कोई गुड़ खाकर यात्रा कर सकते है।
🌞 सूर्योदयः- प्रातः 06:45:00
🌅 सूर्यास्तः- सायं 05:13:00
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 04:57 ए एम से 05:49 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या : 05:23 ए एम से 06:40 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 11:51 ए एम से 12:35 पी एम
✡️ विजय मुहूर्त : 02:04 पी एम से 02:48 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 05:43 पी एम से 06:09 पी एम
🌃 सायाह्न सन्ध्या : 05:46 पी एम से 07:03 पी एम
💧 अमृत काल : 04:29 पी एम से 05:59 पी एम
🗣️ निशिता मुहूर्त : 11:48 पी एम से 12:39 ए एम, दिसम्बर 20
🌸 त्रिपुष्कर योग : 06:40 ए एम से 01:06 पी एम
सर्वार्थ सिद्धि योग : 12:02 ए एम, दिसम्बर 20 से 06:41 ए एम, दिसम्बर 20
🚓 यात्रा शकुन-दलिया का सेवन कर यात्रा पर निकलें।
👉🏽 आज का मंत्र-ॐ अं अंगारकाय नम:।
🤷🏻‍♂️ आज का उपाय-हनुमान मंदिर में बूंदी के लड्डू चढ़ाएं।
🪵 वनस्पति तंत्र उपाय- खैर के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – मूल प्रारंभ/भद्रा/सर्वार्थसिद्धि योग/नरसी मेहता जयंती/त्रिपुष्कर योग, श्रीविष्णुसप्तमी व्रत/ शहादत दिवस, भारतीय राजनयिक प्रतिभा पाटिल जयन्ती, वकील गोपाल बल्लभ पटनायक जन्म दिवस, वैज्ञानिक उपेन्द्रनाथ ब्रह्मचारी जन्म दिवस, भूतपूर्व मुख्यमंत्री बाबूभाई पटेल स्मृति दिवस, महान् स्वतन्त्रता सेनानी राम प्रसाद बिस्मिल बलिदान दिवस, गोवा मुक्ति दिवस, सुशासन सप्‍ताह (19 से 25 दिसंबर)
👉🏽 विशेष – सप्तमी तिथि को आँवला त्याज्य बताया गया है। सप्तमी तिथि मित्रप्रद तिथि मानी जाती है। इतना ही नहीं यह सप्तमी तिथि एक शुभ तिथि भी मानी जाती है। इस सप्तमी तिथि के स्वामी भगवान सूर्य देवता हैं। यह सप्तमी तिथि भद्रा नाम से विख्यात मानी जाती है। यह सप्तमी तिथि कृष्ण पक्ष में मध्यम फलदायीनी मानी जाती है। इस सप्तमी तिथि को सुबह सर्वप्रथम स्नान करके भगवान सूर्य को सूर्यार्घ देकर उनका पूजन करना चाहिये। उसके बाद आदित्यह्रदयस्तोत्रम् का पाठ करना चाहिये। इससे जीवन में सुख, समृद्धि, हर्ष, उल्लास एवं पारिवारिक सुखों कि सतत वृद्धि होती है। सप्तमी तिथि में भगवान सूर्य की पुजा करने से सभी मनोकामनाओं की पूर्ति होती है।
🏘️ Vastu tips 🛕
खाली दीवार पर लगा दें कोई तस्वीर आपने वो कहावत तो सुनी होगी- खाली दिमाग शैतान का घर। जब आप खाली होते हैं, जब आपके पास कोई काम नहीं होता तो ढेर सारे अच्छे-बुरे विचार आपके दिमाग में चलते रहते हैं। आप कुछ न कुछ सोचते रहते हैं इसलिए अगर आप कहीं बाहर से या ऑफिस से आकर घर पर किसी ऐसी जगह पर बैठते हैं जहां सामने दिवार पर कुछ न हो, वह बिल्कुल खाली हो तो और यह आपके रोज बैठने की निश्चित जगह है तो उस दिवार पर कोई पॉजिटिव तस्वीर लगाएं। आप चाहे तो अपने ही परिवार के सदस्यों की एक तस्वीर भी उस दीवार पर लगा सकते हैं। इससे आपका मन सकारात्मक रहेगा।
खाली दीवार की तरफ मुंह कर के बैठने से होती है ये दिक्कत वहीं अगर आप अकेले खाली दिवार की तरफ मुंह करके बैठेंगे तो आप निगेटिव विचारों से घिरे रहेंगे जो कि आपके लिए बिल्कुल भी ठीक नहीं है। वास्तु शास्त्र के मुताबिक, खाली दीवार की ओर मुंह कर के बैठने से आपके आत्मविश्वास में कमी आती है। तो अब समय रहते अपनी आदतों में बदलाव कर लें या फिर उसमें सुधार, क्योंकि तभी आपका जीवन संवर पाएगा।
🗝️ जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
छोटी आंखें:जिन जातक की आंखें छोटी- छोटी होती हैं, वे वायु तत्व प्रधान वाले होते हैं। ये लोग काफी बुद्धिमान होते हैं, जिसके बदौलत ये हर काम पर अपनी पकड़ रखते हैं। साथ ही इन्हें अवसरों का उपयोग करना अच्छी तरह से आता है। इस वजह से ये लोग काफी ऊंचे मुकाम तक पहुंच जाते हैं।
काली आंखें: काली आंख वाले जातक बेहद सुंदर, सुशील और मीठी वाणी वाले होते हैं। अगर किसी स्त्री की आंखें काली हैं, तो वे काफी सफल होती हैं। साथ ही दूसरे लोग इनकी समझदारी के कायल होते हैं। कहा जाता है, ऐसी महिलाएं लोगों का दिल जीतने में भी माहिर होती हैं।
आँखें कम-कम खुलती: जिन व्यक्तियों की आँखें कम-कम खुलती हैं, ऐसे लोगों का मन काफी साफ होता है। साथ ही ये लोग स्वभाव से बहुत दयालु होते हैं। प्रेम से परिपूर्ण इन लोगों का ध्यान हमेशा इस बात पर लगा रहता है कि कहीं इनकी वजह से अन्य लोगों को कभी कोई परेशानी न हो। इस कारण ये लोग सदा दूसरों को खुश करने का प्रयास करते रहते हैं।
🩺 आरोग्य संजीवनी 💊
अर्थराइटिस के दर्द से छुटकारा पाने के कुछ उपाय
स्वस्थ और पौष्टिकता से भरपूर खाना ही खाएं।
जोड़ों के दर्द को कम करने हीटिंग पैड का इस्तेमाल करें।
नियमित तौर पर एक्सरसाइज-योगा करें।
तापमान कम होने पर शरीर में पानी की कमी न होने दें.रोजाना खाना खाएं, एसिडिक खाने से बचें।
हरा सब्जियां, लौकी, करेला और सहजन अच्छे ऑप्शन हैं।
इसके अलावा भिंडी, फूलगोभी, रतालू, कटहल और टमाटर जैसी सब्जियों से परहेज करें।
सेब, पपीता और अमरूद जैसे ताजे फल शामिल करें। वहीं सूखे अंगूर और अंजीर को रात भर भिगोकर रख दें और सुबह खा लें।
🌷 गुरु भक्ति योग 🌸
क्या दिव्य दृष्टि होती है, यदि हां तो इसको कैसे प्राप्त किया जा सकता है?
किसी भी शक्ति को प्राप्त करने से पूर्व यह जानना जरुरी है की क्या आप उस शक्ति का उपयोग कर भी पाएंगे या नही क्यूंकि अगर नही कर पाए तो वह शक्ति आपको स्वयं बर्बाद कर देगी |
हाँ दिव्य दृष्टि होती है | दिव्य दृष्टी का अर्थ होता है की व्यक्ति भविष्य देख ले लेकिन यह भविष्य टीवी की तरह नही दिखाई पढता है बस विचारो की तरह मन में आता है | यह दिव्य दृष्टि वही व्यक्ति जागृत कर सकता है जिसके अन्दर दूर दृष्टि हो | सामान्य व्यक्ति नही प्राप्त कर सकता | अगर सामन्य व्यक्ति को अपना भविष्य दिख जाये तो वह पागल हो जायेगा अपने भविष्य देख कर | हम सभी यह जानते है की हम भविष्य बदल नही सकते और भविष्य जानना नही चाहिए | विचार करे अगर आपको कोई डॉक्टर कह दे की आपको कैंसर हो सकता है तो सामान्य व्यक्ति की दशा क्या होगी आप समझ सकते है | इसलिए इस शक्ति से दूर रहे तो बेहतर है |
बिना गुरु के इस शक्ति को जागृत नही किया जा सकता है | और बिना गुरु के वही इसको जागृत कर सकता है जिसके ऊपर ईश्वर की कृपा हो | अगर बिना गुरु के जागृत किया जाये तो व्यक्ति भ्रम में भी पड़ सकता है क्यूंकि जरुरी नही की जिस भविष्य को आप देखे वह भविष्य ही हो, हो सकता है की यह आपका भ्रम भी हो | और आप लोगो को भ्रमित भी हो |
मेरे अनुभव में ऐसे बहुत से लोगो से हम मिल चुके है जिन्हें इस शक्ति का ज्ञान है और कुछ ऐसे मुर्ख सभी मिल चुके है जिन्हें इस शक्ति का बिल्कुल ज्ञान नही है बस वह छल और भ्रम में फसे है और दुसरो को भी फसा रहे है |
𖡼•┄•𖣥𖣔𖣥•┄•𖡼 🙏🏻𖡼•┄•𖣥𖣔𖣥•┄•𖡼
⚜️ सोमवार और शुक्रवार कि सप्तमी विशेष रूप से शुभ फलदायी नहीं मानी जाती बाकी दिनों कि सप्तमी सभी कार्यों के लिये शुभ फलदायी मानी जाती है। सप्तमी को भूलकर भी नीला वस्त्र धारण नहीं करना चाहिये तथा ताम्बे के पात्र में भोजन भी नहीं करना चाहिये। सप्तमी को फलाहार अथवा मीठा भोजन विशेष रूप से नमक के परित्याग करने से भगवान सूर्यदेव कि कृपा सदैव बनी रहती है।
शास्त्र के अनुसार जिस व्यक्ति का जन्म सप्तमी तिथि में होता है, वह व्यक्ति बहुत ही भाग्यशाली होता है। इस तिथि में जन्म लेनेवाला जातक गुणवान और प्रतिभाशाली होता है। ये अपने मोहक व्यक्तित्व से लोगों को अपनी ओर आकर्षित करने की योग्यता रखते हैं। इनके बच्चे भी गुणवान और योग्य होते हैं। धन धान्य के मामले में भी यह व्यक्ति काफी भाग्यशाली होते हैं। ये संतोषी स्वभाव के होते हैं और इन्हें जितना मिलता है उतने से ही संतुष्ट रहते हैं।

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