Aaj ka Panchang आज का पंचांग बुधवार, 18 जनवरी 2023
आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
जय श्री हरि
🧾 आज का पंचांग 🧾
बुधवार 18 जनवरी 2023
ॐ एकदन्ताय विद्महे वक्रतुंडाय धीमहि तन्नो बुदि्ध प्रचोदयात ।।
🚩 18 जनवरी 2023 दिन बुधवार को माघ मास के कृष्ण पक्ष कि षट्तिला नाम का एकादशी व्रत है। आज का यह एकादशी व्रत सभी सनातनियों के लिये मान्य है। आज मंदिरों में भगवान लक्ष्मीनाथ का दर्शन अवश्य करना चाहिये। आज सभी सनातनियों को भगवान लक्ष्मीनारायण का मन्दिर न हो तो भगवान राम-कृष्ण या फिर भगवान विष्णु के मंदिरों में अवश्य जाकर भगवान का दर्शन करना चाहिये। आप सभी षट्तिला एकादशी व्रत के व्रतियों को एकादशी व्रत की हार्दिक शुभकामनायें। शास्त्रानुसार एकादशी सर्वश्रेष्ठ एवं सर्वाधिक पुण्यदायी व्रत होता है। इसे हर एक व्यक्ति को अवश्य करना चाहिये। आप सभी सनातनियों को षट्तिला एकादशी व्रत हार्दिक मंगलकामनाएँ।।
☄️ दिन (वार) – बुधवार के दिन तेल का मर्दन करने से अर्थात तेल लगाने से माता लक्ष्मी प्रसन्न होती है धन लाभ मिलता है।बुधवार का दिन विघ्नहर्ता गणेश का दिन हैं। बुधवार के दिन गणेश जी के परिवार के सदस्यों का नाम लेने से जीवन में शुभता आती है
बुधवार के दिन गणेश जी को रोली का तिलक लगाकर, दूर्वा अर्पित करके लड्डुओं का भोग लगाकर उनकी की पूजा अर्चना करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
बुधवार को सभी ग्रहो के राजकुमार बुध देव की आराधना करने से ज्ञान मिलता है, वाकपटुता में प्रवीणता आती है, धन लाभ होता है
🔮 शुभ विक्रम संवत्-2079, शक संवत्-1944, हिजरी सन्-1443, ईस्वी सन्-2022
🌐 संवत्सर नाम-राक्षस
✡️ शक संवत 1944 (शुभकृत् संवत्सर)
☸️ काली सम्वत 5123
☣️ अयन- उत्तरायण
🌦️ ऋतु – सौर शिशिर ऋतु
🌤️ मास – माघ मास
🌖 पक्ष – कृष्ण पक्ष
📆 तिथि – एकादशी 11:10 PM बजे तक उपरान्त द्वादशी तिथि है।
✒️ तिथि स्वामी : एकादशी के देवता हैं विश्वेदेवगणों और विष्णु। इस तिथि को विश्वेदेवों पूजा करने से संतान, धन-धान्य और भूमि आदि की प्राप्ति होती है।
💫 नक्षत्र – अनुराधा 13:14 PM तक उपरान्त ज्येष्ठा नक्षत्र है।
🪐 नक्षत्र स्वामी : अनुराधा नक्षत्र का स्वामी शनि है, जो राशि स्वामी मंगल का शत्रु है तथा देवता मित्र देव हैं।
🔔 योग : वृद्धि – 02:47 ए एम, जनवरी 19 तक
⚡ प्रथम करण : बालव – 04:03 पी एम तक
✨ द्वितीय करण : कौलव – 02:45 ए एम, जनवरी 19 तक
⚜️ दिशाशूल – बुधवार को उत्तर दिशा की यात्रा नहीं करनी चाहिये, यदि अत्यावश्यक हो, यात्रा करनी ही हो तो धनिया, तिल की वस्तु, ईलायची अथवा पिस्ता खाकर यात्रा कर सकते है।
🔥 गुलिक काल : बुधवार का (अशुभ) गुलिक काल 11:12 ए एम से 12:32 पी एम
🤖 राहुकाल (अशुभ) – दोपहर 12:00 बजे से 13:30 बजे तक राहु काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए |
🌞 सूर्योदय – प्रातः 06:41:38
🌅 सूर्यास्त – सायं 17:19:32
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 05:27 ए एम से 06:21 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या : 05:54 ए एम से 07:15 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : कोई नहीं
✡️ विजय मुहूर्त : 02:17 पी एम से 02:59 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 05:46 पी एम से 06:13 पी एम
🏙️ सायाह्न सन्ध्या : 05:48 पी एम से 07:09 पी एम
💧 अमृत काल : 07:35 ए एम से 09:05 ए एम
🗣️ निशिता मुहूर्त : 12:05 ए एम, जनवरी 19 से 12:58 ए एम, जनवरी 19
☀️ सर्वार्थ सिद्धि योग : 07:15 ए एम से 05:23 पी एम
💧 अमृत सिद्धि योग : 07:15 ए एम से 05:23 पी एम
☄️ वृद्धि योग – आज का पूरा दिन पार कर के देर रात 2 बजकर 47 मिनट तक
⭐ अमृतसिद्धियोग – आज शाम 5 बजकर 23 मिनट तक
🪐 बुध मार्गी होकर धनु राशि में प्रवेश – आज शाम 4 बजकर 42 मिनट पर
🚓 यात्रा शकुन-हरे फ़ल खाकर अथवा दूध पीकर यात्रा पर निकलें।
👉🏻 आज का मंत्र-ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं स: बुधाय नम:।
🤷🏻♀️ आज का उपाय-किसी बटुक को हरा कंबल भेंट करें।
🪵 वनस्पति तंत्र उपाय-अपामार्ग के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – अमृतयोग/षट्तिला एकादशी व्रत (सर्वे.), (भारतीय राजनीतिज्ञ साहित्यकार) ज्ञानी गुरमुख सिंह मुसाफ़िर पुण्य तिथि, महादेव गोविन्द रानाडे समाज सुधारक न्यायाधीश जन्म दिवस, विनोद काम्बली जन्मोत्सव, गायक कुंदन लाल सहगल पुण्य तिथि, हरिवंशराय बच्चन पुण्य तिथि, वीर बहादुर सिंह जयंती, अंतर्राष्ट्रीय फ़िल्म समारोह दिवस (10 दिवसीय), मूल प्रारंभ
✍🏼 विशेष – एकादशी तिथि को चावल एवं दाल नहीं खाना चाहिये तथा द्वादशी को मसूर नहीं खाना चाहिये। यह इस तिथि में त्याज्य बताया गया है। एकादशी को चावल न खाने अथवा रोटी खाने से व्रत का आधा फल सहज ही प्राप्त हो जाता है। एकादशी तिथि एक आनन्द प्रदायिनी और शुभफलदायिनी तिथि मानी जाती है। एकादशी को सूर्योदय से पहले स्नान के जल में आँवला या आँवले का रस डालकर स्नान करना चाहिये। इससे पुण्यों कि वृद्धि, पापों का क्षय एवं भगवान नारायण के कृपा कि प्राप्ति होती है।
🗽 Vastu tips 🗽
लाफिंग बुद्धा रखने से पहले इन बातों का रखें ध्यान
लाफिंग बुद्धा की मूर्ति स्थापित करते समय इस बात का ध्यान रखें कि यह मुख्य द्वार के सामने कम से कम 30 इंच की दूरी पर हो। इसे लगाते समय इस बात का ध्यान रखें कि इसकी ऊंचाई 30 इंच से ज्यादा और साढ़े 32 इंच से कम हो।
वास्तु विशेषज्ञों का मानना है कि मूर्ति का नाम कम से कम आठ अंगुल लंबा होना चाहिए
इस बात का भी ध्यान रखें कि मुख्य द्वार के सामने रखी हुई मूर्ति का मुख भी मुख्य द्वार की ओर होना चाहिए। दरवाजा खोलते ही सबसे पहले वही मूर्ति प्रकट हो।
लाफिंग बुद्धा की मूर्ति को किचन, डाइनिंग रूम या बेडरूम में न रखें।
साथ ही ध्यान रहे कि इसकी पूजा न करें.
🔐 जीवनपयोगी कुंजियां ⚜️
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार
हिन्दू पौराणिक शास्त्रों में अन्न और हवन का विशेष महत्व माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि अन्न से हुए हवन से भगवान संतुष्ट होते हैं। ऐसा भी माना जाता है कि भगवान को अन्न अर्पित करने से पितृ भी तृप्त होते हैं, और ऐसा करने से भगवान तो प्रसन्न होते ही हैं साथ ही साथ पितरों का भी आशीर्वाद प्राप्त होता है।
कहा जाता है कि जो व्यक्ति अक्षत को कुमकुम में मिलाकर भगवान को अर्पित करता है, उसकी पूजा और संकल्प जल्द ही फलीभूत होती है। अन्य मान्यता के अनुसार घर में माता अन्नपूर्णा को चावल के ढ़ेर में स्थापित किया जाए तो घर में कभी धन और वैभव की कमी नहीं होती।
भगवान शंकर को भी शिवलिंग पर चावल अर्पित करने से भोलेनाथ प्रसन्न होते हैं, और अपने भक्तों को सौभाग्य प्रदान करते हैं।
💊 आरोग्य संजीवनी 🩸
डार्क स्किन टोन आपकी त्वचा की रंगत का बदलना या डार्क स्किन टोन भी विटामिन डी की कमी का संकेत हो सकता है। दरअसल, त्वचा में मेलेनिन की ज्यादा मात्रा विटामिन डी की कमी से जुड़ा हुआ हो सकता है।
मांसपेशियों में अकड़न रहना-विटामिन डी की कमी के साथ, आपकी आंतों द्वारा कैल्शियम और फास्फोरस के अवशोषण में गिरावट से हाइपोकैल्सीमिया यानी आप कैल्शियम की कमी के शिकार हो सकते हैं। इसके कारण आपको अपनी मांसपेशियों में अकड़न महसूस हो सकती है, जो रह रह कर आपको परेशान कर सकती है।
📖 गुरु भक्ति योग 🕯️
पति-पत्नी का रिश्ता सबसे पवित्र माना जाता है। दो लोग शादी के बंधन में बंधकर एक नया परिवार बनाते हैं और कई रिश्तों को जन्म देते हैं। इस रिश्ते में बहुत संयम और समझ के साथ काम करना पड़ता है। अक्सर देखा गया है कि शादीशुदा जोड़ों में कई चीज़ों को लेकर आपस में बनती नहीं है। चीज़ों को देखने का दोनों का नज़रिया एक दूसरे से बेहद अलग होता है। ऐसे में कई बार पार्टनर्स जाने अनजाने ऐसी हरकरत कर देते हैं कि उससे सामने वाले का दिल दुःख जाता है। दरअसल कुछ स्त्रियों को अपने साथी की कुछ आदतें उन्हें बिल्कुल पसंद नहीं होती। इस कारण उनके बीच बहस भी होती है। यहां पति की ऐसी आदतों के बारे में बताया गया है जो किसी भी पत्नी को पसंद नहीं आती। ऐसे में हर पति को पता होना चाहिए कि पत्नी उनकी किन आदतों को बिल्कुल पसंद नहीं करती।
पत्नी के घरवालों की बुराई रिश्तों को बहुत प्यारा से सींचना पड़ता है तभी वो अगले चलकर बेहतर बनते हैं। पति अगर अपनी पत्नी के घरवालों के बारे में कुछ बुरा बोलते हैं तो पत्नियां बहुत ज़्यादा नाराज हो जाती हैं। इसलिए कभी भी अपनी पत्नी के मायके वालों के बारे में कुछ भी गलत न बोलें। ऐसा करने से आपका और आपकी पत्नी का रिश्ता मजबूत होगा।
दोस्तों के सामने मज़ाक उड़ाना पति पत्नी में अक्सर कई चीज़ों को लेकर नोक झोक होते रहती है। दोनों कई बार एक दूसरे का मज़ाक भी उड़ाते हैं। लेकिन आप ये चीज़ें सिर्फ अपने तक ही सिमित रखें। पति जब अपने दोस्तों या पत्नी के दोस्तों के सामने अपनी पत्नी का मज़ाक उड़ाते हैं तो ये बात उनकी पत्नियों को बिलकुल भी अच्छी नहीं लगती। इसलिए कभी भी दोस्तों के सामने अपनी पत्नी को ऐसी बात न कहें जिससे उन्हें बूरा लगे।
हर छोटी-बड़ी चीज़ में अपनी माँ से तुलना करना कोई भी इंसान परफेक्ट नहीं होता है। हर किसी में खूबियां और खामियां होती हैं। लेकिन जब पति हर छोटी बड़ी बात में अपनी पत्नी की तुलना अपनी माँ से करने लगते हैं तो वहां से दिक्कत शुरू होती है। आप बार बार उनकी कमियां और गलतियां याद दिलाएंगे तो इससे पत्नी की नाराजगी लाजमी है। इन बातों से आपका और उनका रिश्ता बिगड़ भी सकता है। क्योंकि किसी भी पत्नी को पति की ये बात बिल्कुल पसंद नहीं आती।
दूसरी महिला की तारीफ जहां प्यार होता है वहां जलन भी अपने आप पैदा होती है। लेकिन जलन की भावना तब बहुत ज़्यादा बढ़ जाती है जब पति अपनी पत्नियों के सामने ही दूसरी महिला की तारीफ करते हैं। पत्नी के सामने किसी दूसरी महिला, जैसे पड़ोसन या कोई रिश्तेदार, या फिर अपनी किसी दोस्त की बहुत ज़्यादा तारीफ करने से आपको बचना चाहिए। क्योंकि पति की यही आदत उनके बीच लड़ाई झगड़े की वजह बन सकती है।
ज़रूरी तारीख याद नहीं रखना पति अक्सर काम के चक्कर में ज़रूरी डेट्स जैसे सगाई, बर्थडे या एनिवर्सरी की तारीख याद रखना भूल जाते हैं। ये बातें सुनने में भले ही छोटी लगें, लेकिन इससे पति पति के रिश्तों पर बहुत गहरा असर पड़ता है। पति के इस भूलने की बीमारी की वजह से पत्नियां अक्सर उनसे भावनात्मक तौर पर दूर जाने लगती हैं।
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⚜️ एकादशी तिथि के देवता विश्वदेव होते हैं। नन्दा नाम से विख्यात यह तिथि शुक्ल पक्ष में शुभ तथा कृष्ण पक्ष में अशुभ फलदायिनी मानी जाती है। एकादशी तिथि एक आनंद प्रदायिनी और शुभ फलदायी तिथि मानी जाती है। इसलिये आज दक्षिणावर्ती शंख के जल से भगवान नारायण का पुरुषसूक्त से अभिषेक करने से माँ लक्ष्मी प्रशन्न होती है एवं नारायण कि भी पूर्ण कृपा प्राप्त होती है।
एकादशी तिथि को जिस व्यक्ति का जन्म होता है वो धार्मिक तथा सौभाग्यशाली होता है। मन, बुद्धि और हृदय से ऐसे लोग पवित्र होते हैं। इनकी बुद्धि तीक्ष्ण होती और लोगों में बुद्धिमानी के लिए जाने जाते है। इनकी संतान गुणवान और अच्छे संस्कारों वाली होती है, इन्हें अपने बच्चों से सुख एवं सहयोग भी प्राप्त होता है। समाज के प्रतिष्ठित लोगों से इन्हें मान सम्मान मिलता है।


