Aaj ka Panchang आज का पंचांग मंगलवार, 04 जुलाई 2023
आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि ••• ✦
🧾 आज का पंचाग 🧾
मंगलवार 04 जुलाई 2023
हनुमान जी का मंत्र : हं हनुमते रुद्रात्मकाय हुं फट् ।
🌌 दिन (वार) – मंगलवार के दिन क्षौरकर्म अर्थात बाल, दाढ़ी काटने या कटाने से उम्र कम होती है। अत: इस दिन बाल और दाढ़ी नहीं कटवाना चाहिए ।
मंगलवार को हनुमान जी की पूजा और व्रत करने से हनुमान जी प्रसन्न होते है। मंगलवार के दिन हनुमान चालीसा एवं सुन्दर काण्ड का पाठ करना चाहिए।
मंगलवार को यथासंभव मंदिर में हनुमान जी के दर्शन करके उन्हें लाल गुलाब, इत्र अर्पित करके बूंदी / लाल पेड़े या गुड़ चने का प्रशाद चढ़ाएं । हनुमान जी की पूजा से भूत-प्रेत, नज़र की बाधा से बचाव होता है, शत्रु परास्त होते है।
🔮 शुभ हिन्दू नववर्ष 2023 विक्रम संवत : 2080 नल, शक संवत : 1945 शोभन
🌐 संवत्सर नाम अनला
🔯 शक सम्वत : 1945 (शोभकृत् संवत्सर)
☸️ काली सम्वत् 5124
🕉️ संवत्सर (उत्तर) पिंगल
☣️ आयन – उत्तरायण
☀️ ऋतु – सौर ग्रीष्म ऋतु
🌤️ मास – श्रावण मास प्रारंभ
🌖 पक्ष – कृष्ण पक्ष
📆 तिथि – श्रावण मास कृष्ण प्रतिपदा तिथि 01:38 PM तक उपरांत द्वितीया
🖍️ तिथि के स्वामी – प्रतिपदा तिथि के स्वामी अग्नि देव जी और द्वितीया तिथि के स्वामी भगवान ब्रह्मा जी है।
💫 नक्षत्र – नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा 08:25 AM तक उपरांत उत्तराषाढ़ा 05:39 AM तक उपरांत श्रवण |
🪐 नक्षत्र स्वामी : नक्षत्र का स्वामी शुक है तो राशि स्वामी शुक्र। नक्षत्र के देवता जल है।
🔔 योग – इन्द्र योग 11:49 AM तक, उसके बाद वैधृति योग
⚡ प्रथम करण : कौलव – 01:38 पी एम तक
✨ द्वितीय करण : तैतिल – 11:50 पी एम तक
🔥 गुलिक काल : मंगलवार का (अशुभ गुलिक) काल 12:21 पी एम से 01:58 पी एम
⚜️ दिशाशूल – मंगलवार को उत्तर दिशा का दिकशूल होता है।यात्रा, कार्यों में सफलता के लिए घर से गुड़ खाकर जाएँ ।
🤖 राहुकाल : मंगलवार का राहुकाल 03:35 पी एम से 05:11 पी एम राहु काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए |
🌞 सूर्योदयः- प्रातः 05:13:00 A.M
🌅 सूर्यास्तः- सायं 06:47:00 P.M
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 04:07 ए एम से 04:48 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या : 04:27 ए एम से 05:28 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 11:58 ए एम से 12:53 पी एम
✡️ विजय मुहूर्त : 02:45 पी एम से 03:40 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 07:22 पी एम से 07:42 पी एम
🌌 सायाह्न सन्ध्या : 07:23 पी एम से 08:24 पी एम
💧 अमृत काल : 12:00 पी एम से 01:24 ए एम, जुलाई 05
🗣️ निशिता मुहूर्त : 12:05 ए एम, जुलाई 05 से 12:46 ए एम, जुलाई 05
🌸 त्रिपुष्कर योग : 01:38 पी एम से 05:28 ए एम, जुलाई 05
🚓 यात्रा शकुन- दलिया का सेवन कर यात्रा पर निकलें।
👉🏽 आज का मंत्र-ॐ अं अंगारकाय नम:।
🤷🏻♀️ आज का उपाय-हनुमान मंदिर में बूंदी के लड्डू चढ़ाएं।
🪵 वनस्पति तंत्र उपाय- खैर के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – त्रिपुष्कर योग/ शुद्ध श्रावण मास प्रारंभ/ साईं बाबा उत्सव समाप्ति (शिर्डी)/पार्थिवार्चन प्रारंभ/अशून्य व्रतारंभ/ स्वामी विवेकानंद स्मृति दिवस, संयुक्त राज्य अमेरिका का स्वतंत्रता दिवस या चौथा जुलाई राष्ट्रीय दिवस, स्वतंत्रता सेनानी अल्लूरी सीताराम राजू जयन्ती, प्रधानमंत्री गुलज़ारीलाल नन्दा जयन्ती, राष्ट्रीय ध्वज डिजाइनर स्वतंत्रता सेनानी पिंगली वेकैय्या पुण्य तिथि, अमेरिका का स्वतंत्रता दिवस, फिलीपींस गणतंत्र दिवस
✍🏼 विशेष – प्रतिपदा तिथि को कद्दू एवं कूष्माण्ड का दान एवं भक्षण दोनों ही त्याज्य बताया गया है। प्रतिपदा तिथि वृद्धि देनेवाली तिथि मानी जाती है। साथ ही प्रतिपदा तिथि सिद्धिप्रद तिथि भी मानी जाती है। इस प्रतिपदा तिथि के स्वामी अग्नि देवता हैं। यह प्रतिपदा तिथि नन्दा नाम से विख्यात मानी जाती है।
🗽 Vastu Tips 🗼
वास्तु शास्त्र में आज हम बात करेंगे स्वास्थ्य सम्बन्धी समस्याओं से मुक्ति दिलाने में नमक के फायदे के बारे में। जब घर में किसी भी सदस्य का स्वास्थ्य खराब होता है तो घर का पूरा माहौल अशांत हो जाता है। यदि आपके घर में भी किसी सदस्य का स्वास्थ्य खराब है तो उनके सोने के कमरे में सिरहाने पर एक कटोरी में सेंधा नमक के कुछ टुकडे रख दें, परंतु ध्यान दें कि जिनकी सेहत खराब है उनका सिरहाना पूर्व दिशा की ओर हो।
साथ ही उसके खाने में भी सेंधा नमक या काले नमक का ही इस्तेमाल करना चाहिए जबकि साधारण नमक का उपयोग कम से कम करना चाहिए। ऐसा करने से सेहत में जल्द ही सुधार होने लगता है। इस तरह से घर का अशांत माहौल भी शांत होने लगेगा।
वास्तु शास्त्र के मुताबिक, घर में छोटी-मोटी लड़ाई-झगड़े से बचने के लिए पति-पत्नी के बीच होने वाली अनबन को दूर करने के लिए नमक बहुत ही कारगर सिद्ध हो सकता है। शयनकक्ष के एक कोने में सेंधा नमक या खड़े नमक का एक टुकड़ा लेकर रख दें और इस टुकड़े को पूरे एक महीने तक उसी कोने में रहने दें। एक महीने के बाद पुराने नमक के टुकड़े को हटाकर नया टुकड़ा रख दें।
❇️ जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
यह समझ होगी तो पेट ठीक रहेगा
वस्तुएँ तो मेजबान की हैं लेकिन जितनी जरूरत है उतना खा, एक ग्रास कम खा | ‘शादी-पार्टी का माल है’ ऐसा सोचकर ज्यादा खाया तो फिर रात को छाती तपेगी, ओ ओ ओ ….! वस्तुएँ तो उनकी हैं पर पेट तो अपना बिगड़ेगा | खाना चबा-चबा के खाना चाहिए | कब खाना, कितना खाना, कैसे खाना – इसकी थोड़ी समझ होगी तो ठीक रहेगा | स्वास्थ्य की कुंजी समझाने के लिए एक कहावत है :
पेट नरम, पैर गरम, सिर को रखो ठंडा |
घर में आये रोग तो मारो उसको ठंडा ||
फिर आये हकीम तो उसे दिखाओ डंडा ||
जो पचता नहीं हो, जो रुचता नहीं हो उसको न खायें तथा रुचता हो और पचना न हो उसको भी ढंग से खायें और थोडा खायें | किंतु जो रुचता नहीं है पर शरीर के लिए अच्छा है और पचता है , उसको चाह से खायें और जो रुचता है उसको सँभल के खायें |
💉 आरोग्य संजीवनी 🩸
धमनियों को साफ करने में कैसे मददगार है डिटॉक्स वॉटर- हाई कोलेस्ट्रॉल की समस्या में कारगर धमनियों को साफ करने में ये डिटॉक्स वॉटर कई प्रकार से फायदेमंद है। ये धमनियों के ताप बढ़ाता है और इनमें जमा पदार्थों को पिघलाने में मदद करता है। इससे धमनियां अंदर से साफ होती हैं और हाई कोलेस्ट्रॉल की समस्या में कमी आती है। जिससे ब्लॉकेज और हार्ट अटैक का खतरा कम होता है।
धमनियों की दीवारों को हेल्दी रखता है-धमनियों की दीवारों को हेल्दी रखने में ये डिटॉक्स वॉटर कई प्रकार से मददगार है। ये आपके ब्लड वेसेल्स को मजबूत बनाने के साथ इन्हें स्वस्थ रखता है और फिर ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाता है। इससे बीपी की समसया से बचाव होता है और स्ट्रोक का खतरा कम होता है। तो, इन तमाम कारणों से आपको अपने दिल को हेल्दी रखने के लिए इस ड्रिंक का सेवन करना चाहिए।
📖 गुरु भक्ति योग 🕯️
आरती क्यों करते हैं ?
आरती को कैसे व कितनी बार घुमाये ?
जो भी देव हैं उनका एक बीजमन्त्र होता है | आरती करते हैं तो उनके बीजमन्त्र के अनुसार आकृति बनाते हैं ताकि उन देव कि ऊर्जा, स्वभाव हममें आयें और उनकी आभा में हमारी आभा का तालमेल हो और हमारी आभा देवत्व को उपलब्ध हो | इसलिए देवता, सद्गुरु, भगवान् कि आरती की जाती है |
जिस देवता का जो बीजमन्त्र होता है, आरती की थाली से उस प्रकार कि आकृति बना के आरती करते हैं तो ज्यादा लाभ होता है “ जैसे आप रामजी कि आरती करते हैं तो उनका ‘रां’ बीजमन्त्र है तो ‘रां’ शब्द आरती में बनाना ज्यादा लाभ करेगा | देवी की आरती करते हैं तो सरस्वतीजी का ‘ऐं’ अथवा लक्ष्मीजी का ‘श्रीं’ बना दें | गणपतिजी का बीजमंत्र है ‘गं’ तो थाली से उस प्रकार कि आकृति बना दें | अब कौन-से देव का कौन-सा बीजमन्त्र है यह पता नहीं है तो सब बीजमन्त्रो का एक मुख्य बीजमन्त्र है ‘ॐ’कार | आरती घुमाते – घुमाते आप ॐकार बना दें | सभी देवी-देबताओं के अंदर जो परब्रह्म-परमात्मा है उसकी स्वाभाविक ध्वनि ॐ है |
तो ‘ॐ’ बनाये अथवा देव के चरणों से घुटनों तक ( 4 बार) फिर नाभि के सामने (2 बार) फिर मुखारविंद के सामने (1 बार) फिर एक साथ सभी अंगो में (7 बार) आरती घुमाये| इमने देव के गुण व स्वभाव आरती घुमानेवाले के स्वभाव में थोड़े थोड़े आने लगते हैं |
आरती का वैज्ञानिक आधार
अभी तो बिज्ञानी भी दंग रह गये कि भारत की इस पूजा-पद्धति से कितना सारा लाभ होता है ! उनको भी आश्चर्यकारक परिणाम प्राप्त हुए | अब विज्ञानी बोलते हैं कि आरती करने से अगर विशेष व्यक्ति है तो उसकी विशेष ओरा और सामान्य व्यक्ति कि ओरा एकाकार होने लगती है | वैज्ञानिकों की दृष्टि में केवल आभा है तो भी धन्यवाद ! किन्तु आभा के साथ-साथ विचार भी समान होते हैं, साथ ही हमारे और सामनेवाले के शरीर से निकलनेवाली तरंगो का विपरीत स्वभाव मिटकर हमारे जीवन में प्रकाश का भाव पैदा होता है |
आयु-आरोग्य प्राप्ति व शत्रुवृद्धि शमन हेतु
आरती करने से इतने सारे लाभ होते हैं और आरती देखने से भी लाभ होता है : गुरुद्वार पर कि हुई आरती के दर्शन करने से आपके ऊपर शत्रुओं की डाली नही गलती | दीपज्योती आयु-आरोग्य प्रदायक और शत्रुओ कि वृद्धि का शमन करनेवाली है | पड़ोसी या प्रतिस्पर्धी एक-दूसरे के इतने शत्रु नहीं होते जितने मनुष्य जीवन में काम, क्रोध, लोभ आदि शत्रु हैं | तो आरती के दर्शन करने से शत्रुओ कि वृद्धि का शमन होता |
शास्त्रों के अनुसार जो धूप व आरती को देखता है और दोनों हाथों से आरती को लेता है वह अपनी अनेक पीढ़ियों का उद्धार करता है तथा भगवान विष्णु के परम पद को प्राप्त होता है |
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⚜️ प्रतिपदा तिथि शुक्ल पक्ष में अशुभ तथा कृष्ण पक्ष में शुभ फलदायिनी मानी जाती है। आज प्रतिपदा तिथि को अग्निदेव से धन प्राप्ति के लिए एक अत्यंत ही प्रभावी उपाय कर सकते हैं। इस अनुष्ठान से अग्निदेव से अद्भुत तेज प्राप्त करने के लिए भी आज का यह उपाय कर सकते हैं। साथ ही आज किसी विशिष्ट मनोकामना की पूर्ति भी इस अनुष्ठान के माध्यम से अग्निदेव से करवायी जा सकती हैं। इसके लिए आज अग्नि घर पर ही प्रज्ज्वलित करके गाय के शुद्ध देशी घी से (ॐ अग्नये नम: स्वाहा) इस मन्त्र से हवन करना चाहिये।
शास्त्र के अनुसार जिस व्यक्ति का जन्म प्रतिपदा तिथि में होता है वह व्यक्ति अनैतिक कार्यों में संलग्न रहने वाला होता है। ऐसा व्यक्ति कानून के विरूद्ध जाकर काम करने वाला भी होता है। ऐसे लोगों को मांस मदिरा काफी पसंद होता है अर्थात ये तामसी भोजन के शौकीन होते हैं। आम तौर पर इनकी दोस्ती ऐसे लोगों से होती है जिन्हें समाज में सम्मान की दृष्टि से नहीं देखा जाता अर्थात बदमाश और ग़लत काम करने वाले लोग।

