Aaj ka Panchang आज का पंचांग मंगलवार, 21 फरवरी 2023
आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचाग 🧾
मंगलवार 21 फरवरी 2023
हनुमान जी का मंत्र : हं हनुमते रुद्रात्मकाय हुं फट् ।
🌌 दिन (वार) – मंगलवार के दिन क्षौरकर्म अर्थात दाढ़ी काटने या कटाने से उम्र कम होती है। अत: इस दिन बाल और दाढ़ी नहीं कटवाना चाहिए । मंगलवार को बजरंगबली की पूजा का विशेष महत्व है।
मंगलवार को यथासंभव मंदिर में हनुमान जी के दर्शन करके उन्हें लाल गुलाब, इत्र अर्पित करके बूंदी / लाल पेड़े या गुड़ चने का प्रशाद चढ़ाएं । हनुमान जी की पूजा से भूत-प्रेत, नज़र की बाधा से बचाव होता है, शत्रु परास्त होते है।
मंगलवार के व्रत से सुयोग्य संतान की प्राप्ति होती है, बल, साहस और सम्मान में भी वृद्धि होती है।
🔮 शुभ विक्रम संवत्-2079, शक संवत्-1944, हिजरी सन्-1443, ईस्वी सन्-2022
🌐 संवत्सर नाम-राक्षस
✡️ शक संवत 1944 (शुभकृत् संवत्सर)
☸️ काली सम्वत 5123
☣️ सायन उत्तरायण
🌦️ ऋतु – सौर बसन्त ऋतु
🌤️ मास – फाल्गुन माह
🌖 पक्ष – शुक्ल पक्ष
📆 तिथि – प्रतिपदा 10:48 AM बजे तक उपरान्त द्वितीया तिथि है।
📆 तिथि स्वामी – प्रतिपदा के स्वामी अग्निदेव माने गए हैं। प्रतिपदा तिथि को नन्दा तिथि की श्रेणी में रखा जाता है।
💫 नक्षत्र – शतभिषा 10:46 AM तक उपरान्त पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र है।
🪐 नक्षत्र स्वामी – नक्षत्र का स्वामी राहु है। शतभिषा नक्षत्र का देवता, जल, बादल व वर्षा का स्वामी वरुण हैं।
📣 योग – शिव 08:41 AM तक उपरान्त सिद्ध योग है।
⚡ प्रथम करण : बव – 09:04 ए एम तक
✨ द्वितीय करण – बालव – 07:27 पी एम तक
⚜️ दिशाशूल – मंगलवार को उत्तर दिशा की यात्रा नहीं करनी चाहिये, यदि अत्यावश्यक हो तो कोई गुड़ खाकर यात्रा कर सकते है।
🔥 गुलिक काल : मंगलवार का (अशुभ ) काल 12:35 पी एम से 02:00 पी एम
🤖 राहुकाल (अशुभ) – दोपहर 15:00 बजे से 16:30 बजे तक राहु काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए |
🌞 सूर्योदय – प्रातः 06:21:38
🌅 सूर्यास्त – सायं 17:39:32
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 05:13 ए एम से 06:04 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या : 05:39 ए एम से 06:55 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 12:12 पी एम से 12:58 पी एम
✡️ विजय मुहूर्त : 02:28 पी एम से 03:14 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 06:13 पी एम से 06:38 पी एम
🏙️ सायाह्न सन्ध्या : 06:15 पी एम से 07:31 पी एम
💧 अमृत काल : 11:25 पी एम से 12:52 ए एम, फरवरी 22
🗣️ निशिता मुहूर्त : 12:09 ए एम, फरवरी 22 से 01:00 ए एम, फरवरी 22
🌸 त्रिपुष्कर योग : 09:04 ए एम से 05:57 ए एम, फरवरी 22
⭐ सर्वार्थ सिद्धि योग : 06:38 ए एम, फरवरी 22 से 06:54 ए एम, फरवरी 22
🔱 शिव योग – आज सुबह 6 बजकर 57 मिनट तक
🕉️ सिद्ध योग – आज देर रात 3 बजकर 8 मिनट तक
🚓 यात्रा शकुन- दलिया का सेवन कर यात्रा पर निकलें।
👉🏻 आज का मंत्र-ॐ अं अंगारकाय नम:।
🤷🏻♀️ आज का उपाय-हनुमान मंदिर में मसूर की दाल चढ़ाएं।
🪵 वनस्पति तंत्र उपाय- खैर के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – रामकृष्ण परमहंस जयन्ती, प्रसिद्ध वैज्ञानिक शान्ति स्वरूप भटनागर जन्म दिवस, झाँसी की रानी लक्ष्मीबाई स्मृति दिवस, दिल्ली में प्रेस क्लब ऑफ इंडिया की स्थापना दिवस, मातृभाषा शिक्षा और समावेशी शिक्षा दिवस, वैज्ञानिक – शान्ति स्वरूप भटनागर जन्म दिवस, अभिनेता ओम प्रकाश पुण्यतिथि, द्वितीय वार्षिक उत्सव, अन्तर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस, विश्व स्काउट दिवस, पंचक जारी
✍🏼 विशेष – प्रतिपदा तिथि को कद्दू एवं कूष्माण्ड का दान एवं भक्षण दोनों ही त्याज्य बताया गया है। प्रतिपदा तिथि वृद्धि देनेवाली तिथि मानी जाती है। साथ ही प्रतिपदा तिथि सिद्धिप्रद तिथि भी मानी जाती है। इस प्रतिपदा तिथि के स्वामी अग्नि देवता हैं। यह प्रतिपदा तिथि नन्दा नाम से विख्यात मानी जाती है।
🏘️ Vastu tips 🏚️
वास्तु शास्त्र में आचार्य श्री गोपी राम से जानिए शंख के बारे में। हमारे शास्त्रों में शंख का हमेशा से बहुत महत्व रहा है। किसी भी अच्छे कार्य की शुरुआत शंख बजाकर ही की जाती थी। कहते हैं शंख में देवतागण वास करते हैं। इसके मध्य में वरुण देव, पृष्ठ भाग में ब्रह्मा जी और अग्र भाग में गंगा और सरस्वती का निवास माना जाता है।
घर में शंख रखने से वास्तु दोषों से छुटकारा मिलता है, साथ ही धन और आरोग्य की प्राप्ति होती है। अगर आपके घर के किसी हिस्से में वास्तु दोष है, तो उस कोने में शंख रखने से वहां का वास्तु दोष समाप्त हो जाता है। आपको बता दूं शंख प्रायः तीन प्रकार के होते हैं- दक्षिणावृत्ति शंख, मध्यावृत्ति शंख तथा वामावृत्ति शंख।
जो शंख दाहिने हाथ से पकड़ा जाता है, वह दक्षिणावृत्ति शंख कहलाता है। जिस शंख का मुंह बीच में खुलता है, वह मध्यावृत्ति और जो शंख बायें हाथ से पकड़ा जाता है, वह वामावृत्ति शंख कहलाता है। इनमें से दक्षिणावृत्ति शंख को लक्ष्मी का कारक माना जाता है। इसे घर में रखने से धन-सम्पदा में बरकत होती है।
❇️ जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
अंगूर की तासीर गर्म होती है या ठंडी-अंगूर की तासीर ठंडी होती है। इसमें सबसे ज्यादा पानी की मात्रा होती है। इसके अलावा इसमें फ्लेवोनाइड्स और कुछ एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं जो कि आपके शरीर के लिए फायदेमंद होते हैं। लेकिन, जब आप इसे गलत समय पर खाते हैं तो इसकी ठंडी तासीर सर्दी-जुकाम समेत बुखार और कई समस्याओं का कारण बन सकता है।
अंगूर में कौन सा विटामिन पाया जाता है-अंगूर में सबसे ज्यादा विटामिन सी होता है जो कि सेहत के लिए कई प्रकार से काम कर सकता है। ये इम्यूनिटी बढ़ाने और आपको कई बीमारियों से बचाव में मददगार है। दरअसल, अंगूर के फ्लेवोनाइड्स और कुछ एंटीऑक्सीडेंट्स आपके बॉडी सेल्स को हेल्दी रखने में मदद करते हैं। इसके अलावा ये मूड बूस्टर है जो कि हैप्पी हार्मोन्स को बढ़ावा देता है। साथ ही ये पाचन तंत्र और शरीर के बाकी अंगों के लिए भी फायदेमंद है।
अंगूर खाने का सही समय क्या है-दिन में या सुबह के समय आप अंगूर का सेवन कर सकते हैं। लेकिन, ध्यान रखें कि रात में और खाली पेट इसे खाने से बचें। साथ ही सीमित मात्रा में ही इसका सेवन करें और डायबिटीज में इसके सेवन से बचें। क्योंकि पहले तो ये आपका शुगर बढ़ा सकता है और दूसरा बहुत अधिक खट्टे फल खाने से दांतों के इनेमल को नुकसान हो सकता है और पेट की परत में जलन हो सकती है। जिससे एसिडिटी और अपच हो सकती है।
🍃 आरोग्य संजीवनी ☘️
बेल का सेवन करें कब्ज से निजात मिलेगी: बेल के फल में रेचक गुण मौजूद होते हैं। अगर आपको कब्ज की समस्या है तो शाम को खाने से पहले आधा कप बेल के गूदे को एक चम्मच गुड़ के साथ खाएं। आप बेल के रस को थोड़े से इमली के पानी और गुड़ के साथ मिलाकर भी बेल का शरबत बनाकर पी सकते हैं। याद रखें की बेल का बहुत अधिक मात्रा में सेवन करने से बचें क्योंकि यह आपके पेट को और खराब भी कर सकता है।
मुलेठी से करें कब्ज का इलाज: मुलेठी में सूजन-रोधी प्रभाव होता है और यह पाचन में सहायता करता है। एक कप गर्म पानी में एक चम्मच पिसी हुई मुलेठी की जड़ और एक चम्मच गुड़ मिलाएं और इसका सेवन करें। मुलेठी का सेवन कब्ज से निजात दिलाता है।
📖 गुरु भक्ति योग 🕯️
हमारी नीति के इस भाग में आइए जानते हैं कि किस तरह कोयल बताती है मधुर वाणी का महत्व।
आचार्य श्री गोपी राम नीति से जानिए कैसे एक कोयल देती है जीवन का अमूल्य ज्ञान
तावन्मौनेन नीयन्ते कोकिलश्चैव वासराः ।
यावत्सर्वं जनानन्ददायिनी वाङ्न प्रवर्तते ।।
अर्थात: एक कोयल तब तक मौन रहकर समय बिताती है, जब तक उसके कंठ से मधुर स्वर नहीं निकलते हैं। यही वाणी सबको प्रिय भी है। इसलिए जब भी बोलें तो मधुर बोलें। कड़वा बोलने से बेहतर मूक रहना ही एक अच्छा विकल्प है।
आचार्य श्री गोपी राम इस नीति के माध्यम से कोयल का उदाहरण देते हुए बता रहे हैं कि व्यक्ति की वाणी का प्रभाव किस तरह से जीवन पर पड़ता है। उन्होंने बताया है कि कोयल अपनी मधुरता के लिए पहचानी जाती है और उसकी आवाज सुनकर सभी मंत्रमुग्ध हो जाते हैं। लेकिन यह कम लोग जानते हैं कि जब तक कोयल अपनी प्रख्यात मधुर स्वर के लिए कंठ को तैयार नहीं कर लेती है, तब तक वह मौन अवस्था में होती है। इसी प्रकार मनुष्य को भी केवल मुख से मधुर वचनों का प्रयोग करना चाहिए। ऐसा इसलिए क्योंकि मधुरता से समाज में प्रेम बढ़ता है और सभी लोगों में सद्भाव की भावना उत्पन्न होती है। वहीं जिस व्यक्ति के कंठ से केवल कड़वाहट के स्वर निकलते हैं उन्हें हर स्थिति में शांत रहना चाहिए। क्योंकि इससे न केवल शत्रु बढ़ते हैं बल्कि समाज में भी व्यक्ति का स्तर नीचे हो जाता है। इसलिए कम बोलें, लेकिन मधुर वचनों का ही प्रयोग करें।
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⚜️ प्रतिपदा तिथि शुक्ल पक्ष में अशुभ तथा कृष्ण पक्ष में शुभ फलदायिनी मानी जाती है। आज प्रतिपदा तिथि को अग्निदेव से धन प्राप्ति के लिए एक अत्यंत ही प्रभावी उपाय कर सकते हैं। इस अनुष्ठान से अग्निदेव से अद्भुत तेज प्राप्त करने के लिए भी आज का यह उपाय कर सकते हैं। साथ ही आज किसी विशिष्ट मनोकामना की पूर्ति भी इस अनुष्ठान के माध्यम से अग्निदेव से करवायी जा सकती हैं। इसके लिए आज अग्नि घर पर ही प्रज्ज्वलित करके गाय के शुद्ध देशी घी से (ॐ अग्नये नम: स्वाहा) इस मन्त्र से हवन करना चाहिये।
शास्त्र के अनुसार जिस व्यक्ति का जन्म प्रतिपदा तिथि में होता है वह व्यक्ति अनैतिक कार्यों में संलग्न रहने वाला होता है। ऐसा व्यक्ति कानून के विरूद्ध जाकर काम करने वाला भी होता है। ऐसे लोगों को मांस मदिरा काफी पसंद होता है अर्थात ये तामसी भोजन के शौकीन होते हैं। आम तौर पर इनकी दोस्ती ऐसे लोगों से होती है जिन्हें समाज में सम्मान की दृष्टि से नहीं देखा जाता अर्थात बदमाश और ग़लत काम करने वाले लोग।

