Aaj ka Panchang आज का पंचांग रविवार, 19 फरवरी 2023
आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचांग 🧾
रविवार 19 फरवरी 2023
भगवान सूर्य जी का मंत्र : ऊँ घृणि सूर्याय नम: ।।
🌠 रविवार को की गई सूर्य पूजा से व्यक्ति को घर-परिवार और समाज में मान-सम्मान की प्राप्ति होती है। रविवार के दिन उगते हुए सूर्य को देव को एक ताबें के लोटे में जल, चावल, लाल फूल और रोली डालकर अर्ध्य करें।
इस दिन आदित्य ह्रदय स्रोत्र का पाठ करें एवं यथा संभव मीठा भोजन करें। सूर्य को आत्मा का कारक माना गया है, सूर्य देव को जल देने से पितृ कृपा भी मिलती है।
रविवार के दिन भैरव जी के दर्शन, आराधना से समस्त भय और संकट दूर होते है, साहस एवं बल की प्राप्ति होती है। रविवार के दिन जी के दर्शन अवश्य करें ।
रविवार के दिन भैरव जी के मन्त्र ” ॐ काल भैरवाय नमः “ या ” ॐ श्री भैरवाय नमः “ की एक माला जाप करने से समस्त संकट, भय दूर होते है, रोगो, अकाल मृत्यु से बचाव होता है, मनवांछित लाभ मिलता है।
🔮 शुभ विक्रम संवत्-2079, शक संवत्-1944, हिजरी सन्-1443, ईस्वी सन्-2022
🌐 संवत्सर नाम-राक्षस
✡️ शक संवत 1944 (शुभकृत् संवत्सर)
☸️ काली सम्वत 5123
☣️ सायन उत्तरायन
🌦️ ऋतु – सौर बसंत ऋतु प्रारंभ
🌤️ मास – माघ माह
🌗 पक्ष – कृष्ण पक्ष
📆 तिथि – चतुर्दशी 15:20 PM बजे तक उपरान्त अमावस्या तिथि है।
✏️ तिथि स्वामी – चतुर्दशी तिथि के स्वामी भगवान शिव हैं। इस तिथि में भगवान शंकर की पूजा करने से मनुष्य समस्त ऐश्वर्यों को प्राप्त होती हैं।
💫 नक्षत्र – श्रवण 13:53 PM तक उपरान्त धनिष्ठा नक्षत्र है।
🪐 नक्षत्र स्वामी : श्रवण नक्षत्र का स्वामी चंद्रमा है। तथा श्रवण नक्षत्र के देवता विष्णु हैं।
🔔 योग – वरीयान 14:47 PM तक उपरान्त परिघ योग है।
⚡ प्रथम करण : शकुनि – 04:18 पी एम तक
✨ द्वितीय करण – चतुष्पाद – 02:25 ए एम, फरवरी 20 तक
⚜️ दिशाशूल – रविवार को पश्चिम दिशा की यात्रा नहीं करनी चाहिये, यदि अत्यावश्यक हो तो पान एवं घी खाकर यात्रा कर सकते है।
🔥 गुलिक काल : रविवार का (अशुभ) काल 03:24 पी एम से 04:49 पी एम
🤖 राहुकाल (अशुभ) – सायं 16:30 बजे से 18:00 बजे तक राहु काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए |
🌞 सूर्योदय – प्रातः 06:23:38
🌅 सूर्यास्त – सायं 17:37:32
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 05:15 ए एम से 06:06 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या : 05:40 ए एम से 06:56 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 12:13 पी एम से 12:58 पी एम
✡️ विजय मुहूर्त : 02:28 पी एम से 03:13 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 06:11 पी एम से 06:37 पी एम
🌃 सायाह्न सन्ध्या : 06:14 पी एम से 07:30 पी एम
💧 अमृत काल : 02:39 ए एम, फरवरी 20 से 04:03 ए एम, फरवरी 20
🗣️ निशिता मुहूर्त : 12:09 ए एम, फरवरी 20 से 01:00 ए एम, फरवरी 20
☄️ वरीयान योग – आज दोपहर बाद 3 बजकर 20 मिनट तक
💰 यायीजय योग – आज शाम 4 बजकर 18 मिनट से कल दोपहर पहले 11 बजकर 46 मिनट तक
🚓 यात्रा शकुन-इलायची खाकर यात्रा प्रारंभ करें।
👉🏻 आज का मंत्र-ॐ घृणि: सूर्याय नम:।
🤷🏻♀️ आज का उपाय-किसी विप्र को लाल वस्त्र भेंट करें।
🪵 वनस्पति तंत्र उपाय-बेल के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – दर्श अमावस्या, शबे मिराज, अमावस्या प्रारंभ शाम 04.19, “मराठा साम्राज्य के शासक” छत्रपति शिवाजी महाराज जन्मोत्सव, राजनीतिज्ञ बेअंत सिंह जन्म दिवस, स्वतंत्रता सेनानी गोपाल कृष्ण गोखले स्मृति दिवस, प्रकाशक मुंशी नवलकिशोर पुण्य तिथि, राजनीतिज्ञ बलवंतराय मेहता जन्म दिवस, पंचक प्रारंभ 25.14
✍🏼 विशेष – चतुर्दशी तिथि को शहद त्याज्य होता है। चतुर्दशी तिथि को एक क्रूरा तिथि मानी जाती है। इतना ही नहीं चतुर्दशी तिथि को उग्रा तिथि भी माना जाता है। यह चतुर्दशी तिथि रिक्ता नाम से विख्यात मानी जाती है। यह चतुर्दशी तिथि शुक्ल पक्ष में शुभ और कृष्ण पक्ष में अशुभ फलदायिनी मानी जाती है। इस चतुर्दशी तिथि के देवता भगवान शिवजी हैं।
🏜️ Vastu tips 🗽
अगर आप महालक्ष्मी को प्रसन्न करना चाहते हैं तो मनी प्लांट की जड़ में शुक्रवार को लाल रंग का धागा बांधना चाहिए इससे धन लाभ होता है साथ ही घर में सकारात्मकता बनी रहती है कहा जाता है कि शुक्रवार को मनी प्लांट की जड़ में कच्चा दूध अर्पित करना भी चाहिए ऐसे में नौकरी पेशा लोगों की आय में बढ़ोतरी होती है।
मनी प्लांट का उपाय मनी प्लांट को हमेशा ही उत्तर पूर्व दिशा में लगाएं इससे भूलकर भी दक्षिण दिशा में नहीं लगाएं और ध्यान रखें कि मनी प्लांट को कभी सीधे जमीन पर नहीं लगाना चाहिए इससे मिट्टी के गमले कांच की बोतल में ही लगा और हमेशा ऊपर की ओर बढ़े।
बेडरूम में रखना शुभ अगर आप शारीरिक रूप से पूर्ण स्वस्थ थे इसके बावजूद रात में सोने से परेशान हैं तो आप नींद खुल जाती है तो बेडरूम में किसी कोने में मनी प्लांट को लगा दे जो फायदा होगा।
➡️ जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
अदरक की चाय पिएं अदरक सेहत के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। इसमें मैग्नीशियम, पोटेशियम और जिंक जैसे कई आवश्यक पोषक तत्व होते हैं, जो ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाने में मदद करते हैं। अदरक की चाय पीने से मांसपेशियों को आराम मिलता है। यह थकान और खर्राटों को दूर करने में भी मदद करता है। इसके लिए आप रोजाना रात में सोने से पहले अदरक की चाय जरूर पिएं।
प्याज खाएं खर्राटों की समस्या को दूर करने के लिए प्याज का सेवन कर सकते हैं। इसमें एंटीऑक्सीडेंट के गुण पाए जाते हैं, जो बैक्टीरिया से लड़ने में मददगार साबित हैं। प्याज के सेवन से नाक और गला साफ रहता है। इससे खर्राटे की समस्या भी दूर होती है। इसके लिए रोजाना रात में सोने से पहले प्याज का सेवन जरूर करें।
हल्दी वाला दूध पिएं डॉक्टर सर्दी, खांसी और जुकाम को दूर करने के लिए हल्दी वाला दूध पीने की सलाह देते हैं। इसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी के गुण होते हैं, जो बंद नाक की समस्या और गले की खराश को दूर करने में मददगार साबित होते हैं। हल्दी वाला दूध पीने से शरीर में रक्त संचार सही से होता है। इससे खर्राटों की समस्या दूर होती है। इसके लिए रोजाना रात में सोने से पहले हल्दी वाले दूध का सेवन करें।
💉 आरोग्य संजीवनी 💊
वजन बढ़ाने में फायदेमंद अगर आप पतले हैं और वजन बढ़ाना चाहते हैं तो किशमिश का पानी आपके लिए फायदेमंद साबित होगा. रात भर भिगोई हुई किशमिश का पानी सुबह खाली पेट पिएं. इस पानी में कैलोरी की मात्रा ज्यादा पाई जाती है.
कब्ज से राहत किशमिश के पानी से कब्ज की समस्या भी दूर हो सकती है. सुबह खाली पेट किशमिश का पानी पीने से पेट साफ हो जाएगा. ये पानी शरीर को हाइड्रेटड रखकर कब्ज की समस्या को दूर कर सकता है.
खून बढ़ाएं किशमिश का पानी शरीर में खून की मात्रा बढ़ाने का भी काम करता है. किशमिश में आयरन पाया जाता है, इसलिए किशमिश या किशमिश के पानी के सेवन से खून की मात्रा बढ़ सकती है.
ग्लोइंग स्किन स्किन के लिए भी किशमिश या किशमिश का पानी फायदेमंद होता है. उसमें कई एंटीऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं, जिसके सेवन से स्किन ग्लोइंग और हेल्दी बनती है.
🌷 गुरु भक्ति योग 🌸
भूत प्रेत को लेकर कई किस्से और कहानियां तो हम सभी ने सुने और पढ़ें है, कुछ लोगों का मानना है कि भूत प्रेत होता है तो वही कुछ ऐसे लोग भी हैं जो इन बातों पर यकीन नहीं रखते है। विज्ञान में भूत प्रेत और आत्मा को नहीं मानता है लेकिन सामान्य जन इन पर विश्वास करते है और उनके अनुसार प्रेत आत्माएं रात्रि में निकलती है, ऐसे में अधिकतर लोगों में मन में ये प्रश्न उठता है कि क्या सच में प्रेत आत्माएं रात को निकलती है अगर आप भी इस विषय में जानने के इच्छुक है तो आज आपको हमारा ये पूरा लेख पढ़ना होगा।
प्रेत आत्माओं से जुड़ा सच—महापुराणों में से एक गरुड़ पुराण है जिसमें प्रेत आत्माओं के बारे में बताया गया है। इसके अनुसार प्रेत आत्माओं की अपनी एक श्रेणियां होती है इन श्रेणियों को यम, शाकिनी, डाकिनी, चुड़ैल, भूत, प्रेत व राक्षस कहा जाता है। ऐसे में मृत्यु के बाद जीवात्माएं भूत प्रेत योनियों में चली जाती है, लेकिन सभी आत्माएं प्रेत नहीं बनती है। बहुत से ऐसे लोग है जो ये दावा करते है कि उन्होंने भूत प्रेत देखा है, और इसी के अनुसार वे ये भी कहते है कि प्रेत आत्माएं रात्रि में निकलती है।
रात्रि में ही क्यों निकलती हैं प्रेत आत्माएं—अधिकतर लोगों का मानना है कि प्रेत आत्माएं रात्रि में ही सफर करती है यानी निकलती है। शास्त्रों में इसे लेकर कहा गया है कि अंधेरे में बुरी शक्तियां जागृत हो जाती है और भूत प्रेत की शक्तियां बढ़ जाती है लेकिन अमावस्या पर इनकी प्रेत आत्माएं अधिक शक्तिशाली हो जाती है। यही वजह है कि रात के वक्त ही बुरी शक्तियां निकलती है।
इसके पीछे का एक कारण यह भी माना जा सकता है कि मंदिर व धार्मिक स्थलों पर रात्रि के वक्त पूजा पाठ नहीं होता है जिसके कारण दैवीय शक्ति कमजोर हो जाती है और नकारात्मक शक्ति या कहें भूत प्रेत की शक्तियां बढ़ जाती है, और ये आसानी से किसी भी मनुष्य पर हावी हो जाती है इस कारण रात के वक्त ही प्रेत आत्माएं निकलती है।
●●●●●★᭄ॐ नमः श्री हरि नम: ★᭄●●●●●
⚜️ चतुर्दशी तिथि को भगवान शिव का ज्यादा-से-ज्यादा पूजन, अर्चन एवं अभिषेक करना करवाना चाहिये। सामर्थ्य हो तो विशेषकर कृष्ण पक्ष कि चतुर्दशी तिथि को विद्वान् वैदिक ब्राह्मणों से विधिवत भगवान शिव का रुद्राभिषेक करवाना चाहिये। आज चतुर्दशी तिथि में भगवान् शिव का रुद्राभिषेक यदि शहद से किया करवाया जाय तो इससे मारकेश कि दशा भी शुभ फलदायिनी बन जाती है। जातक के जीवन कि सभी बाधायें निवृत्त हो जाती है और जीवन में सभी सुखों कि प्राप्ति सजह ही हो जाती है।
जिस व्यक्ति का जन्म चतुर्दशी तिथि को होता है वह व्यक्ति नेक हृदय का एवं धार्मिक विचारों वाला होता है। इस तिथि को जन्मा जातक श्रेष्ठ आचरण करने वाला होता है अर्थात धर्म के मार्ग पर चलने वाला होता है। इनकी संगति भी उच्च विचारधारा रखने वाले लोगों से होती है। ये बड़ों की बातों का पालन करते हैं तथा आर्थिक रूप से सम्पन्न होते हैं। देश तथा समाज में इन्हें उच्च श्रेणी की मान-प्रतिष्ठा प्राप्त होती है।

