ज्योतिष

Aaj ka Panchang आज का पंचांग रविवार, 23 जुलाई 2023

आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचांग 🧾
रविवार 23 जुलाई 2023

भगवान सूर्य जी का मंत्र : ऊँ घृणि सूर्याय नम: ।।
🌠 रविवार को की गई सूर्य पूजा से व्यक्ति को घर-परिवार और समाज में मान-सम्मान की प्राप्ति होती है। रविवार के दिन उगते हुए सूर्य को देव को एक ताबें के लोटे में जल, चावल, लाल फूल और रोली डालकर अर्ध्य करें।
इस दिन आदित्य ह्रदय स्रोत्र का पाठ करें एवं यथा संभव मीठा भोजन करें। सूर्य को आत्मा का कारक माना गया है, सूर्य देव को जल देने से पितृ कृपा भी मिलती है।
रविवार के दिन भैरव जी के दर्शन, आराधना से समस्त भय और संकट दूर होते है, साहस एवं बल की प्राप्ति होती है। रविवार के दिन जी के दर्शन अवश्य करें ।
रविवार के दिन भैरव जी के मन्त्र ” ॐ काल भैरवाय नमः “ या ” ॐ श्री भैरवाय नमः “ की एक माला जाप करने से समस्त संकट, भय दूर होते है, रोगो, अकाल मृत्यु से बचाव होता है, मनवांछित लाभ मिलता है।
🔮 शुभ हिन्दू नववर्ष 2023 विक्रम संवत : 2080 नल, शक संवत : 1945 शोभन
🌐 संवत्सर नाम अनला
🔯 शक सम्वत : 1945 (शोभकृत् संवत्सर)
☸️ काली सम्वत् 5124
🕉️ संवत्सर (उत्तर) पिंगल
☣️ आयन – दक्षिणायन
☀️ ऋतु – सौर वर्षा ऋतु
⛈️ मास – श्रावण मास
🌖 पक्ष – शुक्ल पक्ष
📆 तिथि – श्रावण मास शुक्ल पक्ष पंचमी तिथि 11:45 AM तक उपरांत षष्ठी
✒️ तिथि के स्वामी :- पंचमी तिथि के स्वामी नाग देवता जी और षष्टी तिथि के स्वामी भगवान कार्तिकेय जी है।
💫 नक्षत्र – नक्षत्र उत्तर फाल्गुनी 07:47 PM तक उपरांत हस्त
🪐 नक्षत्र स्वामी – उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र का स्वामी सूर्य है।उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र का स्वामी आर्यमन।
📣 योग – परिघ योग 02:16 PM तक, उसके बाद शिव योग
प्रथम करण : बालव – 11:44 ए एम तक
द्वितीय करण : कौलव – 12:47 ए एम, जुलाई 24 तक
🔥 गुलिक काल : रविवार का शुभ (गलिक काल) 03:37 पी एम से 05:16 पी एम
⚜️ दिशाशूल – रविवार को पश्चिम दिशा का दिकशूल होता है । यात्रा, कार्यों में सफलता के लिए घर से पान या घी खाकर जाएँ ।
🤖 राहुकाल -सायं – 4:30 से 6:00 तक राहु काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए |
🌞 सूर्योदयः- प्रातः 05:20:00 A.M
🌅 सूर्यास्तः- सायं 06:40:00 P.M
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 04:15 ए एम से 04:56 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या : 04:35 ए एम से 05:37 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 12:00 पी एम से 12:55 पी एम
🔯 विजय मुहूर्त : 02:44 पी एम से 03:39 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 07:16 पी एम से 07:37 पी एम
🏙️ सायाह्न सन्ध्या : 07:18 पी एम से 08:20 पी एम
💧 अमृत काल : 11:44 ए एम से 01:32 पी एम
🗣️ निशिता मुहूर्त : 12:07 ए एम, जुलाई 24 से 12:48 ए एम, जुलाई 24
सर्वार्थ सिद्धि योग : पूरे दिन
🌊 अमृत सिद्धि योग : 07:47 पी एम से 05:38 ए एम, जुलाई 24
❄️ रवि योग : 07:47 पी एम से 05:38 ए एम, जुलाई 24
💥 परिघ योग – 23 जुलाई को दोपहर 2 बजकर 16 मिनट तक
🚓 यात्रा शकुन-इलायची खाकर यात्रा प्रारंभ करें।
👉🏽 आज का मंत्र-ॐ घृणि: सूर्याय नम:।
🤷🏻‍♀️ आज का उपाय-किसी विप्र को सवाकिलो आम भेंट करें।
🌳 वनस्पति तंत्र उपाय-बेल के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – सर्वार्थसिद्धि योग/अमृतयोग/ स्वतन्त्रता सेनानी चंद्रशेखर आज़ाद जयन्ती, स्वतंत्रता सेनानी लक्ष्मण प्रसाद दुबे शहीद दिवस, बालगंगाधर तिलक जन्मदिवस, समाज सेवक निर्मला जोशी जयन्ती, फ़िल्म निर्देशक महमूद पुण्य तिथि, मिस्र क्रांति दिवस, राष्ट्रीय प्रसारण दिवस, राष्ट्रीय वेनिला आइसक्रीम दिवस, राष्ट्रीय भव्य दादी दिवस, राष्ट्रीय माता-पिता दिवस, मूंगफली का मक्खन और चॉकलेट दिवस, अंतर्राष्ट्रीय याडा, याडा, याडा दिवस
✍🏼 विशेष – पञ्चमी तिथि को बिल्वफल त्याज्य बताया गया है। पञ्चमी तिथि को खट्टी वस्तुओं का दान और भक्षण दोनों ही त्याज्य है। पञ्चमी तिथि धनप्रद अर्थात धन देनेवाली तिथि मानी जाती है। यह पञ्चमी तिथि अत्यंत शुभ तिथि भी मानी जाती है। इस पञ्चमी तिथि के स्वामी नागराज वासुकी हैं। यह पञ्चमी तिथि पूर्णा नाम से विख्यात मानी जाती है। यह पञ्चमी तिथि शुक्ल पक्ष में अशुभ और कृष्ण पक्ष में शुभ फलदायीनी मानी जाती है।
🗽 Vastu Tips 🗼
वास्तु शास्त्र में आज हम बात करेंगे हाथी के जोड़े के बारे में। वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर में हाथी का जोड़ा रखना बहुत ही शुभ होता है। यह दांपत्य जीवन में खुशी और प्यार लाने वाला होता है। इससे आपसी रिश्ते और मजबूत होते हैं। हाथी के जोड़े को घर में रखने के क्या फायदे होते हैं। ये तो हम आपको बताएंगे ही लेकिन उससे पहले हम आपको हाथी से जुड़ी कुछ अहम बातें बता रहे हैं।
जानवरों में हाथी बहुत ही कर्मठ और बुद्धिमान प्राणी है। साथ ही इनके पारिवारिक समूह में हथनियों को हमेशा प्राथमिकता दी जाती है, उनका सम्मान किया जाता है। इनके परिवार का मुखिया सबको साथ लेकर चलता है। समूह में एकता बनाकर रखता है। आपने देखा होगा कि जब भी ये कहीं जाते हैं तो अपने परिवार के साथ ही जाते हैं और सबका ध्यान रखते हुए समूह में सबसे आगे चलते हैं। इस सबसे पता चलता है कि ये कितने समझदार होते हैं। अपने परिवार के लिए मेहनत करते हैं।
कई पूर्वी संस्कृतियों में तो हाथी को पूजा भी जाता है। इंद्र देव की सवारी हाथी है। देवी लक्ष्मी के वाहन में से एक सफेद हाथी भी है, यानी कि हाथी की मूर्ति को घर में रखना बहुत अच्छा होता है। यह सुख-समृद्धि का प्रतीक है। साथ ही शक्ति, बुद्धि और ज्ञान का भी प्रतीक है। वास्तु के मुताबिक, घर या ऑफिस के मुख्य द्वार पर सूंड ऊपर उठाए हुए हाथी के जोड़े की प्रतिमा लगानी चाहिए। इससे परिवार में सुख-सौभाग्य बना रहता है और रिश्तों में मजबूती आती है। परिवार के सब सदस्यों के बीच सामंजस्य की स्थिति बनी रहती है और घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
🔰 जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
हर बार नहाते वक्त पेशाब आने का क्या संकेत है?
स्नायु तन्त्र की कमजोरी, प्रोटीन की कमी, अत्यधिक हस्त मैथुन के कारण से बार बार पेशाब आना, नहाते वक्त शरीर के पानी लगाते ही पेशाब आना होता है और प्रोटेस्ट बढ़न के कारण भी, एवम शरीर में एक डर भी बैठा होता है । जीवन शैली में बदलाव लाकर ठीक किया जा सकता है । धीरे धीर रात्रि में भी बहुमूत्र की शिकायत भी बढ़ सकती है ।
🩸 आरोग्य संजीवनी 💊
लीवर कमजोर होने के लक्षण क्या होते हैं?
यदि आपका लीवर कमजोर हो रहा है तो आपके शरीर में कुछ विशेष लक्षण दिखाई देने लगते हैं। इसमें कमजोरी होना, भूख कम होना, उल्टी होना, नींद ना आना, दिनभर थकान महसूस होना, शरीर में सुस्ती बनी रहना, तेजी से वजन घटना और लीवर में सूजन जैसे लक्षण शामिल है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, लीवर की बीमारियों को देश में मौतों का दसवां सबसे आम कारण माना जाता है। लगभग 10 लाख भारतीयों हर साल लिवर सिरोसिस से ग्रसित होते हैं। यह भी दुनिया में मौतों के प्रमुख कारणों में से एक है।
ज्यादा दवाई खाने से लीवर डेमेज हो सकता है। लीवर का काम जड़ी-बूटियों, सप्लीमेंट्स और दवाओं सहित व्यक्ति द्वारा उपभोग की जाने वाली किसी भी चीज़ को तोड़ना है। कुछ दवाएं बहुत हार्ड होती है जिसका बहुत अधिक सेवन करने से लीवर को नुकसान हो सकता है। हर छोटी बीमारी में दवा खाने की आपकी आदत लीवर में इंफेक्शन से लेकर लीवर फेल होने तक की नौबत ला सकती है।
📚 गुरु भक्ति योग 🕯️
शास्त्रों में कहा गया है कि यदि ब्राह्मण दुराचारी भी हो तो भी वंदनीय है. क्या यह उचित है?
शास्त्रों में कहा गया है कि यदि ब्राह्मण दुराचारी भी हो तो भी वंदनीय है. क्या यह उचित है?
✍🏼 शास्त्रों में जो यह कहा गया है कि यदि ब्राह्मण दुराचारी भी हो तो भी वंदनीय है. यह तभी उचित है, जब सही अर्थ और सन्दर्भ में कहा जाए।
दो बिन्दुओं पर ध्यान दीजिए:
प्रथम: यहां ब्राह्मण शब्द जातिगत प्रयुक्त नहीं हुआ है। यहां ब्राह्मण का अर्थ ब्रह्मज्ञानी है, जो किसी भी जाति, धर्म, लिंग या वर्ग का हो सकता है।
द्वितीय: यह विवरण आलंकारिक है। यहां यह कहना कि- यदि ब्राह्मण दुराचारी भी हो तो भी वंदनीय है।
ठीक वैसा ही है, जैसे कहा जाए, कि-
यदि सूर्य अंधकार करे, तब भी वंदनीय है।
स्पष्ट है कि- सूर्य में कभी अंधेरे की संभावना नहीं होती है ठीक इसी तरह
ब्राह्मण में कभी दुराचारी होने की संभावना नहीं होती है।
भावार्थ यही है, कि- ब्रह्मज्ञान चेतना की इतनी उच्च स्थिति है, कि- ब्रह्मज्ञानी दोष होने के बावजूद वन्दनीय होता है। क्योंकि- वस्तुत: तो ब्रह्मज्ञानी निष्कलंक होता है। ब्रह्मज्ञानी में दिखाई देने वाले दोष हमारी दृष्टि का ही दोष होता है।
इस प्रकार हम देखते हैं, कि- उपरोक्त गुणों से युक्त वास्तविक ब्राह्मण का दुराचारी होना, ठीक उसी प्रकार असंभव है, जैसे सूर्य का अंधकारमय होना।

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