नायब तहसीलदार के रीडर को लोकायुक्त ने रिश्वत लेते रंगे हाथ किया गिरफ्तार
ब्यूरो चीफ : संजय द्विवेदी
रतलाम । प्रदेश में लगातार रिश्वतखोरी का सिलसिला चल रहा है प्रति दिन कहीं ना कहीं लोकायुक्त रिश्वतखोर अधिकारियों को रंगे हाथों पकड़ ही रहे हैं।
जिसके बाद भी रिश्वतखोरी के मामले कम नहीं हो रहे हैं ऐसे ही एक ताजा मामला मध्य प्रदेश के रतलाम का है जिसमें तहसीलदार नामली तहसीलदार का है बताया जा रहा है कि यहां उज्जैन लोकायुक्त टीम ने नायव तहसीलदार के रीडर प्रकाश पलासिया को ₹15000 की रिश्वत लेते हुए धर दबोचा है।
बताया जा रहा है कि यहां ₹40000 की रिश्वत को मांगा गया था जिसमें ₹15000 की रिश्वत लेते हुए पकड़ लिया ।
फरियादी गणपत पिता दयाराम हाडा निवासी पंचायत रतलाम का है।
बताया जा रहा है कि इसने शिकायती आवेदन पुलिस अधीक्षक कार्यालय में दिया था जिसकी शिकायत की गई थी कि रीडर द्वारा रिश्वत की मांग की जा रही है।
आवेदक गणपति ने आवेदन में बताया है कि गांव पंचायत में कृषि भूमि उसके पिता की मृत्यु के बाद में स्वयं व उसके भाई-बहन मां के नाम पर नामांतरण पर राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज कर दिया गया था।
बताया जा रहा है कि कुछ समय बाद परिवार वालों ने उसे जमीन को धोखे से जितेंद्र जाट को बेच दी जिसके नामांतरण पर नाम ली तहसील ऑफिस में आपत्ति को लगाया गया था।
आपत्ति पर गणेश ने पक्ष में फैसला देने के लिए नामली के नायब तहसीलदार के रीडर प्रकाश पलासिया के द्वारा ₹40000 रिश्वत मांगी गई थी। जिसमें आवेदक ने लोकायुक्त उज्जैन को शिकायत की गई।
जिस पर लोकायुक्त गणेश की जांच की ओर सत्य पाए जाने पर एक ट्रैप दल को बनाया गया यह निर्धारित समय पर आवेदक ने नायक तहसीलदार के रीडर को जैसे ₹15000 की रिश्वत थी।
वैसे ही लोकायुक्त की टीम में रिश्वत लेते हुए पकड़ लिया गया इस पूरे मामले के खिलाफ में आरोपी लोकायुक्त पुलिस ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्यवाही को किया गया।



