नौनिहालों को नहीं मिल रही स्कूल में मूलभूत सुविधाएँ, रमपुरा प्राथमिक शाला का मामला
रिपोर्टर : राजेन्द्र सिंह
पाटन। वैसे तो पाटन क्षेत्र के चारों ओर विकास की गंगा बहाई जा रही है लेकिन विकास किस चिड़िया का नाम है शायद तहसील से थोड़ी दूरी पर बसे रमपुरा गांव के वासियों को नहीं पता है। पाटन ब्लाक के ग्रामीण इलाकों के शासकीय स्कूलों की व्यवस्था और अध्ययन करने वाले नौनिहालों को मूल भूत सुविधाएँ न मिलने के कारण आज भी ये बच्चे शिक्षा से वंचित हैं। ऐसा ही ताजा मामला पाटन क्षेत्र के रमपुरा गांव में देखने को मिला जहां गांव के शासकीय प्राथमिक शाला में न तो बिजली की व्यवस्था है और न ही बच्चों को पीने के लिए स्वच्छ जल की व्यवस्था है। जबकि सरकार नल-जल योजना में करोड़ों रुपए पानी की तरह बहा रही है और नल की टोटी से झर-झर पानी भरने की बात कह रही है। लेकिन आज भी रमपुरा गांव के शासकीय प्राथमिक स्कूल में न तो कही नल की टोटी दिखी और जो स्कूल में बोरिंग थी उसमें पिछले चार वर्षो से पानी नहीं है। ग्रामीणों ने बताया कि बोर में पानी नहीं है। और बोरिंग में मोटर डली है लेकिन उसके ऊपर लगा हेड पंप गायब है। आज बारिश के कारण स्कूल के सामने वर्षा का पानी भरा हुआ है जिससे बच्चे इस पानी से होकर स्कूल आ जा रहें हैं। इसके अलावा स्कूल में पढ़ने वाले शिक्षक महज डेढ़ दो घंटे के लिए स्कूल आकर अपनी शासकीय खानापूर्ति करके स्कूल से चले जाते है। मध्यप्रदेश सरकार की शिक्षा व्यवस्था को लेकर हमेशा से ही प्रश्न लगते रहे है। लेकिन राज्य सरकार के जिले में बैठे सरकारी अधिकारियों को इन समस्याओं से कोई लेना देना नहीं है। आज भी ग्रामीण इलाकों के बच्चे किन मुश्किल हालातों में शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं इसका जीता जागता उदाहरण है रमपुरा गांव का शासकीय प्राथमिक शाला स्कूल है जहां बच्चों को मिलने वाली मूलभूत सुविधाएं नदारद दिखी।
जब इस संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी घनश्याम सोनी से बात की गई तो उनके द्वारा उक्त रमपुरा गांव के शासकीय प्राथमिक स्कूल की समस्या को दिखवाने की बात कही।
रमपुरा गांव की महिला सरपंच अभिलाषा चढ़ार ने बताया कि गांव में नल जल योजना का पानी नहीं आता है। वही लाईट एवं स्कूल में पानी भराव के संबंध में मामले को दिखवाने का बोला है।



