Aaj ka Panchang आज का पंचांग शनिवार, 31 दिसम्बर 2022
आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
✦••• *_जय श्री हरि_* •••✦
🧾 आज का पंचाग 🧾
शनिवार 31 दिसम्बर 2022
शनि देव जी का तांत्रिक मंत्र – ऊँ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः।।
🌐 31 दिसम्बर 2022 दिन शनिवार को मार्गशीर्ष मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि है। आज ईसाईयों के सन शताब्दी अर्थात 2022 का अंतिम दिवस है। कल अर्थात 1 जनवरी से 2023 वर्ष शताब्दी अर्थात ईसाईयों का नववर्ष आरम्भ हो जायेगा। आप सभी को अग्रिम नववर्ष 2023 की हार्दिक शुभकामनायें।।
☄️ दिन (वार) -शनिवार के दिन क्षौरकर्म अर्थात शनिवार को पीपल वृक्ष में मिश्री मिश्रित दूध से अर्घ्य देने से लक्ष्मी की प्राप्ति होती है। पीपल के नीचे सायंकालीन समय में एक चतुर्मुख दीपक जलाकर हनुमान चालीसा का पाठ करने से सभी ग्रह दोषों की निवृति हो जाती है।
पुराणों में वर्णित है कि पिप्पलाद ऋषि ने अपने बचपन में माता पिता के वियोग का कारण शनि देव को जानकर उनपर ब्रह्म दंड से प्रहार कर दिया, जिससे शनि देव घायल हो गए। देवताओं की प्रार्थना पर पिप्पलाद ऋषि ने शनि देव को इस बात पर क्षमा किया कि शनि जन्म से लेकर 16 साल तक की आयु तक एवं उनके भक्तो को किसी को भी कष्ट नहीं देंगे। तभी से पिप्पलाद का स्मरण करने से ही शनि देव के प्रकोप से मुक्ति मिल जाती है।
शिवपुराण के अनुसार शनिवार के दिन पिप्पलाद श्लोक का या पिप्पलाद ऋषि जी के केवल इन तीन नामों (पिप्पलाद, गाधि, कौशिक) को जपने से शनि की पीड़ा शान्त हो जाती है ।
🔮 शुभ विक्रम संवत्-2079, शक संवत्-1944, हिजरी सन्-1443, ईस्वी सन्-2022
🌐 संवत्सर नाम-राक्षस
✡️ शक संवत 1944 (शुभकृत् संवत्सर)
☸️ काली सम्वत 5123
☣️ सायन उत्तरायन
🌦️ ऋतु – सौर शिशिर ऋतु
🌤️ मास – पौष मास
🌖 पक्ष – शुक्ल पक्ष
📆 तिथि – नवमी 22:44 PM बजे तक उपरान्त दशमी तिथि है।
✏️ तिथि स्वामी – नवमी (नौमी) की देवी हैं दुर्गा। इस तिधि में जगतजननी त्रिदेवजननी माता दुर्गा की पूजा करने से मनुष्य इच्छापूर्वक संसार-सागर को पार कर लेता है तथा हर क्षेत्र में सदा विजयी प्राप्त करता है।
💫 नक्षत्र – रेवती 16:21 PM तक उपरान्त अश्विनी नक्षत्र है।
🪐 नक्षत्र स्वामी : रेवती नक्षत्र के देवता पूषा हैं। इस नक्षत्र के प्रथम चरण के स्वामी गुरु हैं। साथ ही इसका लग्न नक्षत्र स्वामी बुध नक्षत्र चरण स्वामी से शत्रुता रखता है।
🔊 योग – परिघ 13:11 PM तक उपरान्त शिव योग है।
⚡ प्रथम करण : कौलव – 06:33 पी एम तक
✨ द्वितीय करण : तैतिल – 06:47 ए एम, जनवरी 01 तक गर
🔥 गुलीक काल (शुभ समय) शनिवार – प्रातः6 से 7.30 बजे तक।
⚜️ दिशाशूल – शनिवार को पूर्व दिशा की यात्रा नहीं करनी चाहिये, यदि अत्यावश्यक हो तो अदरख एवं घी खाकर यात्रा कर सकते है।
🤖 राहुकाल (अशुभ) –शनिवार सुबह 09:00 बजे से 10:30 बजे तक राहु काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए |
🌞 सूर्योदय – प्रातः 06:47:38
🌅 सूर्यास्त – सायं 17:13:32
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 05:24 ए एम से 06:19 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या : 05:52 ए एम से 07:14 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 12:03 पी एम से 12:45 पी एम
🔯 विजय मुहूर्त : 02:08 पी एम से 02:49 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 05:24 पी एम से 05:48 पी एम
🎇 सायाह्न सन्ध्या : 05:35 पी एम से 06:57 पी एम
💧 अमृत काल : 09:21 ए एम से 10:58 ए एम05:18 ए एम, जनवरी 01 से 06:58 ए एम, जनवरी 01
🗣️ निशिता मुहूर्त : 11:57 पी एम से 12:52 ए एम, जनवरी 01
❄️ रवि योग : 11:47 ए एम से 07:14 ए एम, जनवरी 01
☄️ परिघ योग- आज सुबह 8 बजकर 20 मिनट तक
💥 यायीजय योग- दोपहर 11 बजकर 47 मिनट तक
🚓 यात्रा शकुन-शर्करा मिश्रित दही खाकर घर से निकलें।
👉🏼 आज का मंत्र-ॐ प्रां प्रीं प्रौं स: शनयै नम:।
🤷🏻♀️ आज का उपाय-शनि मंदिर में काला कंबल दान करें।
🪵 वनस्पति तंत्र उपाय-शमी के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – न्यू इयर ईव यानी नववर्ष की पूर्व संध्या इसी दिन मनाई जाती है, भारतीय राजनीतिज्ञ – अरविंद गणपत सावंत जन्म दिवस, (भारतीय रियासतों के एकीकरण में सरदार पटेल के सहयोगी) – वी. पी. मेनन स्मृति दिवस, अभिनेता तथा निर्देशक कादर खान पुण्यतिथि, मुख्यमंत्री पंडित रविशंकर शुक्ल पुण्य तिथि, अभिनेता बेन किंग्सले (कृष्ण भानजी) जन्म दिवस, साहित्यकार श्रीलाल शुक्ल जन्मोत्सव, पंचक समाप्ति 11.46 पर
✍🏽 विशेष – नवमी तिथि को काशीफल (कोहड़ा एवं कद्दू) एवं दशमी को परवल खाना अथवा दान देना भी वर्जित अथवा त्याज्य होता है। नवमी तिथि एक उग्र एवं कष्टकारी तिथि मानी जाती है। इस नवमी तिथि की अधिष्ठात्री देवी माता दुर्गा जी हैं। यह नवमी तिथि रिक्ता नाम से विख्यात मानी जाती है। यह नवमी तिथि कृष्ण पक्ष में मध्यम फलदायिनी मानी जाती है। नवमी तिथि के दिन लौकी खाना निषेध बताया गया है। क्योंकि नवमी तिथि को लौकी का सेवन गौ-मांस के समान बताया गया है।
☘Tips Of The Day ☘
अगर बच्चे को मिटटी खाने की आदत हो तो पका हुआ केला शहद में मिलाकर खिलाना चाहिए। इसके सेवन से मिटटी खाने की आदत छूट जाती है।
🔯 वास्तु विशेष ⚛
जिन वृक्षों या पौधों के पत्तों से दूध जैसा द्रव्य निकलता हो तो ऐसे वृक्षों को भी नहीं लगाना चाहिये क्योंकि ये द्रव्य भी ऋणात्मक ऊर्जा के बहुत बडे स्रोत कहलाते हैं। यदि किसी फलहीन वृक्ष की छाया भवन पर पडती है तो विभिन्न रोगों का सामना करना पडता है तथा अनेक विपदायें भी परेशान करती रहती हैं।
☀ जीवनोपयोगी कुंजियां⚜
बीमार है तो रूद्र गायत्री मंत्र
समझो किसी के घर में कोई बीमार है, या कोई कष्ट नष्ट ही नहीं हो रहा है तो दीक्षा में जो गुरुमंत्र मिला है उसका जप बढाये और सोमवार को घर के आसपास शिव मंदिर हो तो मंदिर में जाकर शिवलिंग पर बेलपत्र, फूल, दूध चढ़ा देना फिर दिया जलाकर रख देना और रूद्र गायत्री मंत्र बोलना * मंत्र इस प्रकार है👇 ॐ सर्वेश्वराय विद्महे, शूलहस्ताय धीमहि । तन्नो रूद्र प्रचोदयात् ।। “हे सर्वेश्वर भगवान ! आपके हाथ में त्रिशूल है । मेरे जीवन में जो शूल है, कष्ट है । वो आपके कृपा से ही नष्ट होंगे । मैं आपकी शरण में हूँ “.. ऐसा करने से उस भक्त की रक्षा हो जाती है । 👨👧मातृ-पितृ पूजन दिवस👩👦 १४ फरवरी वैलेंटाइन नहीं, मातृ-पितृ पूजन दिवस मनायें। ऐसा पवित्र प्रेम, एक ऐसा अनोखा त्यौहार जिससे बच्चों और युवा पीड़ी को मिल रही है नयी दिशा। आज परम आनंद मिला, सच्चा सुख आज ही पाया है । मात-पिता के चरणों में जब, मैंने शीश झुकाया है ।। कर पूजन स्वीकार मेरा, दीजे यह आशीर्वाद मुझे । जब तक मेरी सांस चले, रहे ये पावन दिन याद मुझे ।। 🙏आओ थोड़ा कर्ज.. कुछ फर्ज निभा लें। १४ फरवरी मातृ-पितृ पूजन दिवस मनालें। ✅हम बदलेंगे युग बदलेगा।
🙏दिव्य सत्संग 🌺
तत्त्वज्ञान तो कइयों को मिल जाता है लेकिन वे तत्त्वज्ञान में स्थिति नहीं करते। स्थिति करना चाहते हैं तो ब्रह्माकारवृत्ति उत्पन्न करने की खबर नहीं रखते। बढ़िया उपासना किए बिना भी किसी को सदगुरु की कृपा से जल्दी तत्त्वज्ञान हो जाये तो भी विक्षेप रहेगा। मनोराज हो जाने की संभावना है। उच्च कोटि के साधक आत्म-साक्षात्कार के बाद भी ब्रह्माभ्यास में सावधानी से लगे रहते हैं। साक्षात्कार के बाद ब्रह्मानन्द में लगे रहना यह साक्षात्कार की शोभा है।
जिन महापुरुषों को परमात्मा का साक्षात्कार हो जाता है, वे भी ध्यान-भजन, शुद्धि-सात्त्विकता का ख्याल रखते हैं। हम लोग अगर लापरवाही कर दें तो अपने पुण्य और साधना के प्रभाव का नाश ही करते हैं। जीवन में जितना उत्साह होगा, साधना में जितनी सतर्कता होगी, संयम में जितनी तत्परता होगी, जीवनदाता का मूल्य जितना अधिक समझेंगे उतनी हमारी आंतरयात्रा उच्च कोटि की होगी।
ब्रह्माकारवृति उत्पन्न होना भी ईश्वर की परम कृपा है। सात्त्विक श्रद्धा होगी, ईमानदारी से अपना अहं परमात्मा में समर्पित हो सकेगा तभी यह कार्य संपन्न हो सकता है।
●●●●●★᭄ॐ नमः श्री हरि नम: ★᭄●●●●●
⚜️ नवमी तिथि में माँ दुर्गा कि पूजा गुडहल अथवा लाल गुलाब के फुल करें। साथ ही माता को पूजन के क्रम में लाल चुनरी चढ़ायें। पूजन के उपरान्त दुर्गा सप्तशती के किसी भी एक सिद्ध मन्त्र का जप करें। इस जप से आपके परिवार के ऊपर आई हुई हर प्रकार कि उपरी बाधा कि निवृत्ति हो जाती है। साथ ही आज के इस उपाय से आपको यश एवं प्रतिष्ठा कि भी प्राप्ति सहजता से हो जाती है।
आज नवमी तिथि को इस उपाय को पूरी श्रद्धा एवं निष्ठा से करने पर सभी मनोरथों कि पूर्ति हो जाती है। नवमी तिथि में वाद-विवाद करना, जुआ खेलना, शस्त्र निर्माण एवं मद्यपान आदि क्रूर कर्म किये जाते हैं। जिन्हें लक्ष्मी प्राप्त करने की लालसा हो उन्हें रात में दही और सत्तू नहीं खाना चाहिए, यह नरक की प्राप्ति कराता है।
नवमी तिथि को जन्म लेने वाला व्यक्ति भाग्यशाली एवं धर्मात्मा होता है। इस तिथि का जातक धर्मशास्त्रों का अध्ययन कर शास्त्रों में विद्वता हासिल करता है। ये ईश्वर में पूर्ण भक्ति एवं श्रद्धा रखते हैं। धनी स्त्रियों से इनकी संगत रहती है तथा इसके पुत्र गुणवान होते हैं।



