ज्योतिष

Aaj ka Panchang आज का पंचांग सोमवार, 20 नवम्बर 2023

आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचाग 🧾
सोमवार 20 नवम्बर 202

20 नवम्बर 2023 दिन सोमवार को कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष का सप्तमी उपरान्त अष्टमी तिथि है। आज छठ व्रतियों के लिए अन्तिम दिन प्रातः सूर्य भगवान को अर्घ्य देकर पारण करने का दिन है। आज गोपाष्टमी का पावन व्रत है। आज गौ माता का अलंकार शृंगार आदि करके उनकी पूजा करनी चाहिए। उसके उपरान्त गौ माता की प्रदक्षिणा करनी चाहिए। ऐसा करने से अयोध्या-मथुरा की प्रदक्षिणा का पूर्ण फल प्राप्त होता है। आज सूर्यदेवता विशाखा नक्षत्र को छोडकर रात्री 20:15 PM पर अनुराधा नक्षत्र में चले जाएंगे। आज सूर्यषष्ठी (छठ) व्रत का चौथा और अंतिम दिन है। आज छठ व्रत का अन्तिम दिन अर्थात प्रातःकालीन उगते भगवान सूर्य को सूर्यार्घ्य अर्थात अर्घ्यदान देने (वाराणसी सूर्योदय – प्रातः 06:39:12 एवं मुम्बई सूर्योदय – प्रातः 06:51:28) का समय है। सभी छठ व्रती सूर्योदय के सूर्यार्घ्य के उपरान्त पारण कर सकते हैं। आप सभी सनातनियों को “गोपाष्टमी एवं छठ व्रत” की हार्दिक शुभकामनायें।।
महा मृत्युंजय मंत्र – ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्‌। उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्।।
☄️ दिन (वार) – सोमवार के दिन क्षौरकर्म अर्थात बाल, दाढ़ी काटने या कटाने से पुत्र का अनिष्ट होता है शिवभक्ति को भी हानि पहुँचती है अत: सोमवार को ना तो बाल और ना ही दाढ़ी कटवाएं ।
सोमवार के दिन भगवान शंकर की आराधना, अभिषेक करने से चन्द्रमा मजबूत होता है, काल सर्प दोष दूर होता है।
सोमवार का व्रत रखने से मनचाहा जीवन साथी मिलता है, वैवाहिक जीवन में लम्बा और सुखमय होता है।
जीवन में शुभ फलो की प्राप्ति के लिए हर सोमवार को शिवलिंग पर पंचामृत या मीठा कच्चा दूध एवं काले तिल चढ़ाएं, इससे भगवान महादेव की कृपा बनी रहती है परिवार से रोग दूर रहते है।
सोमवार के दिन शिव पुराण के अचूक मन्त्र “श्री शिवाये नमस्तुभ्यम’ का अधिक से अधिक जाप करने से समस्त कष्ट दूर होते है. निश्चित ही मनवाँछित लाभ मिलता है।
🔮 शुभ हिन्दू नववर्ष 2023 विक्रम संवत : 2080 नल, शक संवत : 1945 शोभन
🌐 संवत्सर नाम अनला
🔯 शक सम्वत : 1945 (शोभकृत् संवत्सर)
☸️ काली सम्वत् 5124
🕉️ संवत्सर (उत्तर) पिंगल
☣️ आयन – दक्षिणायन
☀️ ऋतु – सौर हेमंत ऋतु
🌤️ मास – कार्तिक मास
🌒 पक्ष – शुक्ल पक्ष
📆 तिथि – कार्तिक मास शुक्ल पक्ष दिन सोमवार अष्टमी तिथि 03:16 AM तक उपरांत नवमी
✏️ तिथि स्वामी : अष्टमी तिथि के देवता हैं रुद्र। इस तिथि को भगवान सदाशिव या रुद्रदेव की पूजा करने से प्रचुर ज्ञान तथा अत्यधिक कांति की प्राप्ति होती है।
💫 नक्षत्र – नक्षत्र धनिष्ठा 09:26 PM तक उपरांत शतभिषा
🪐 नक्षत्र स्वामी : धनिष्ठा नक्षत्र का स्वामी मंगल हैं और देवता वसु हैं। इस नक्षत्र के अधिष्ठाता देव अष्ट वसवाल हैं और राशि स्वामी शनि हैं।
🔕 योग : ध्रुव योग 08:35 PM तक, उसके बाद व्याघात योग
प्रथम करण : विष्टि – 04:19 पी एम तक
द्वितीय करण : बव – 03:16 ए एम, नवम्बर 21 तक
🔥 गुलिक काल : – सोमवार का शुभ (गुलिक काल) दोपहर 1:30 से 3 बजे तक ।
⚜️ दिशाशूल – सोमवार को पूर्व दिशा का दिकशूल होता है ।यात्रा, कार्यों में सफलता के लिए घर से दर्पण देखकर, दूध पीकर जाएँ ।
🤖 राहुकाल -सुबह -7:30 से 9:00 तक राहु काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए |
🌞 सूर्योदय – प्रातः 06:51:28
🌅 सूर्यास्त – सायं 17:55:18
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 04:42 ए एम से 05:33 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या : 05:07 ए एम से 06:24 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 11:39 ए एम से 12:24 पी एम
✡️ विजय मुहूर्त : 01:54 पी एम से 02:39 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 05:40 पी एम से 06:05 पी एम
🏙️ सायाह्न सन्ध्या : 05:40 पी एम से 06:56 पी एम
💧 अमृत काल : 11:38 ए एम से 01:08 पी एम
🗣️ निशिता मुहूर्त : 11:36 पी एम से 12:27 ए एम, नवम्बर 21
🚕 यात्रा शकुन- मीठा दूध पीकर यात्रा करें।
👉🏽 आज का मंत्र-ॐ सौं सोमाय नम:।
🤷🏻‍♀️ आज का उपाय-किसी विप्र को मखाने भेंट करें।
🪵 वनस्पति तंत्र उपाय- पलाश के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – दुर्गा अष्टमी, गोपाष्टमी, मैसूर राज्य का शासक टीपू सुल्तान जयन्ती, भारत के ऐसे प्रसिद्ध धावक मिलखा सिंह जन्मोत्सव, जनरल अजय सिंह जन्म दिवस, भारतीय महिला फ्रीस्टाइल पहलवानबबीता फोगाट जन्म दिवस, अफ्रीका औद्योगीकरण दिवस, बाल दिवस, कोलकाता बोस अनुसंधान संस्थान की स्थापना दिवस, राष्ट्रीय पुस्तक दिवस (सप्ताह), नवजात शिशु दिवस (सप्ताह), राष्ट्रीय औषधि दिवस (सप्ताह), विश्व शौचालय दिवस, पंचक प्रारंभ 10.07
✍🏼 विशेष – अष्टमी को नारियल एवं नवमी को काशीफल (कोहड़ा एवं कद्दू) त्याज्य होता है। अष्टमी तिथि बलवती एवं व्याधि नाशक तिथि मानी जाती है। इस तिथि के देवता भगवान शिव जी माने जाते हैं। इसलिये इस तिथि को भगवान शिव का दर्शन एवं पूजन अवश्य करना चाहिए।
🏜️ Vastu Tips 🗽
वास्तु शास्त्र की परंपरा सदियों पुरानी है। प्राचीन समय में जब भी कहीं राजभवनों या घरों का निर्माण होता था। तो सबसे पहले वास्तु के नियमों को ध्यान में रखा जाता था। आज भी ज्यादातर लोग वास्तु के अनुसार अपने भवनों का निर्माण करवाते हैं। लेकिन कहीं न कहीं उसमें कोई कमी रह जाती है, जिस कारण घर में निगेटिविटि पैदा होने लगती है। घर के वास्तु में जो सबसे महत्वपूर्ण बात होती है, वह सही चीज का सही दिशा में होना। तो आज हम वास्तु शास्त्र के अनुसार यह बात जानेंगे कि घर में किचन किस दिशा में होना चाहिए।
वास्तु के अनुसार रसोई की सही दिशा वास्तु शास्त्र के अनुसार घर का किचन हमेशा अग्नि कोण में होना चाहिए, यानी पूर्व-दक्षिण दिशा में। किचन में खाना बनाने के लिए अग्नि का प्रयोग होता है। जिसकी सही दिशा अग्नि कोण है। माना जाता है कि इस दिशा में खाना बनाने से घर में सुख-समृद्धि आति है। वास्तु दोष नहीं लगता है और घर में अन्न का भंडार भरा रहता है। ऐसे घर के सदस्य सदा सुखी रहते हैं।
❇️ जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
हड्डियों से चटखने की आवाज, हो सकती है ये बीमारी
मांसपेशियों को नुकसान- कई रिसर्च में ये पाया गया है कि मांसपेशियों में खिंचाव होने पर भी हड्डियों से चटकने की आवाज आने लगती है। अगर आपकी मांसपेशियों में स्ट्रेस है तो ये समस्या हो सकती है।
कार्टिलेज का नुकसान- बढ़ती उम्र के साथ हड्डियों से चटकने की आवाज आने लगती है। आपको मोटे जोड़ों की समस्या हो सकती है। इस स्थिति में हड्डियों से और दूसरे जॉइंट से आवाज आने लगती है।
गठिया- जिन लोगों को गठिया की बीमारी होती है उनकी हड्डियों के जॉइंट्स खराब होने लगते हैं। गठिया होने पर कार्टिलेज खत्म हो जाता है और हड्डियों से चटखने की आवाज आने का खतरा रहता है।
कैल्शियम की कमी- अगर शरीर में कैल्शियम की कमी है तो हड्डियों से कट-कट की आवाज आने का खतरा बढ़ जाता है। इससे जॉइंट्स में बबल बनने लगते हैं जो चलने में फटते हैं। कैल्शियम के साथ आयरन और विटामिन सी की भी कमी हो सकती है।
🍂 आरोग्य संजीवनी 🍁
खून साफ करने के लिए क्या खाना पीना चाहिए ?
खून साफ करने के लिए आपको अपने आहार में सेहतमंद और पुनर्निर्मित होते हुए आहार शामिल करना चाहिए।पानी: पर्याप्त मात्रा में पानी पीना खून साफ करने में मदद करता है।हरी सब्जियां और फल: अधिकतम रंग और पोषण से भरपूर हरी सब्जियां और फल खून साफ करने में मदद कर सकते हैं।अंडा, दूध, और दूध उत्पाद: प्रोटीन और विटामिन की भरपूर सोर्स के रूप में ये आहार खून की शुद्धि में मदद कर सकते हैं।नट्स और बीजग्राही: अलमोंड, वालनट, चिया बीज, और सुनफ्लावर सीड्स खून में हेमोग्लोबिन बढ़ाने के लिए उपयुक्त हैं।गुड़ और खजूर: इनमें आयरन और फोलेटिक एसिड होता है जो खून साफ करने में मदद कर सकता है।ध्यान रखें कि सभी इस आहार को सेहतमंद जीवनशैली और अच्छे खानपान के साथ मिलाकर लेने चाहिए।
🪔 गुरु भक्ति योग 🕯️
क्या किसी मंत्र जाप से आपने स्वर्ण की प्राप्ति की है?
जी, किसी मंत्र से स्वर्ण का मिलना कोई चमत्कार के जैसा नहीं होगा, की अपने जप किया और वो प्रकट हो गया।
वैसे ऐसे कई मंत्र है, जैसे कनकधारा स्त्रोत, यह स्त्रोत देवी महालक्ष्मी को समर्पित है, इसका पाठ व जप दीपावली से शुरू करे या शुक्रवार के दिन व्रत करके भी यह शुरू किया जा सकता है, इसका असर मैने कुछ ऐसे देखा है कि, मेरे जानकारी में ऐसे कई लोग जिन्होंने इसका दीपावली के दिन पाठ किया, 21, 51 या 101 बार अपनी श्रद्धा अनुसार और उन्हें यह फल मिला की किसी की नौकरी लग गई, किसी का रुका हुआ पैसा मिल गया।
ऐसा ही एक ओर स्त्रोत है वह भी ऐसा ही परिणाम देता है, ओर ऐसे ही जप करना है, पर वह बहुत शक्तिशाली है, किसी जानकार पंडित से उसका पाठ करवाए या, खुद भी पाठ करे तो संस्कृत को पढ़ने में गलती ना करे, वह है “श्री सूक्त” यह श्री यंत्र ओर महालक्ष्मी के संबंध और प्रभाव को दिखाता है, चुकी यह दोनों से संबंध रखता है, तो इसका पाठ भी श्री यंत्र व देवी लक्ष्मी में प्रतिमा के सामने करना चाइए, ओर इसका असर कई गुना जल्दी और सटीक होता है, परन्तु उस समय आपकी भावनाएं व शारीरिक शुद्धता अनिवार्य है, यह सूक्त सिर्फ धन प्राप्ति के लिए नहीं अपितु, अन्य यौगिक क्रियाओं में भी उपयोग में आता है, क्युकी यह बहुत शक्तिशाली है। इसका असर तो मैने अपने परिवार में ही देखा है, इसके पाठ को शुरू करने के मात्र कुछ हफ्ते बाद 8 साल से बेरोजगार को नौकरी भी लगी व जल्द ही उसके घर भी बन गया, जहां से किराया भी आने लगा।
तो यह वे स्त्रोत है जो हमे धन लाभ पहुंचा सकते है, पर कोशिश तो हमे ही करनी होगी, पैसा कमाने या सोना लाने के लिए वह अपने आप प्रकट नहीं होगा।
जय महाकाल
जय जगत गुरु शिव
········••●◆❁ 👣❁◆●••·············
⚜️ अष्टमी तिथि कच्चा दूध, शहद, काला तिल, बिल्वपत्र एवं पञ्चामृत शिवलिंग पर चढ़ाने से भगवान शिव की कृपा सदैव बनी रहती है। घर में कोई रोगी नहीं होता एवं सभी मनोकामनाओं की सिद्धि तत्काल होती है। जया नाम से विख्यात यह तिथि शुक्ल एवं कृष्ण दोनों पक्षों में मध्यम फलदायिनी मानी जाती है।
मंगलवार को छोड़कर बाकि किसी दिन की भी अष्टमी शुभ मानी गयी है परन्तु मंगलवार की अष्टमी शुभ नहीं होती। इसलिये इस तिथि में भगवान शिव के पूजन से हर प्रकार की सिद्धियाँ प्राप्त होती है। इस तिथि को अधिकांशतः विष्णु और वैष्णवों का प्राकट्य हुआ है, इसलिये भगवान शिव और भगवान नारायण दोनों का पूजन एक साथ करके आप अपनी सम्पूर्ण मनोकामनायें पूर्ण कर सकते हैं।

Related Articles

Back to top button