बरेली के बाद परसेल हार में 100 एकड की फसल खाक
रिपोर्टर : सतीश चौरसिया
उमरियापान । उमरियापान क्षेत्र के खेतों में आग लगने की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही। शनिवार को उमरियापान से 5 किलोमीटर दूर परसेल हार में सुबह करीब 9 बजे खेतों में अज्ञात कारणों से आग लग गई। जिससे लगभग 100 एकड की खडी फसल और खेतों में कटी रखी फसल अग्निकांड की भेंट चढ गई। इसके पहले शुक्रवार को बरेलीबार हार में आग से तीन दर्जन किसानों की 150 एकड फसल खाक हो चुकी है। परसेल हार में लगी आग से खेतों में रखे पाइप, बिजली तारें व मशीन भी खाक हो गये। लोगों ने बताया आग की सूचना तत्काल प्रशासन को देने के साथ ही फायर ब्रिगेड तो दी गई थी। लेकिन कटनी से फायर ब्रिगेड दोपहर 1 बजे मौके पर पहुंची। तब तक पूरी फसल स्वाहा हो चुकी थी। आग बुझाने ग्रामीण लगातार मशक्कत करते रहे। अग्निकांड में किसानों पूरन राय, राजेंद्र राय, अंकित राय, मानिकलाल बढई सहित करीब 40 किसानों को भारी नुकसान हुआ है। बताया जाता है परसेल हार के किसानों ने अगले एक दो दिन में कटाई की तैयारी कर ली थी। लेकिन इसके पहले आग ने उनकी पूरी उम्मीदों पर पानी फेर दिया। जिससे किसान बेहद दुखी है।
आग बुझाने टैंकरों का किया जाए उपयोग
उमरियापान व ढीमरखेडा क्षेत्र में आगजनी की घटनाएं होने पर कटनी नगर निगम व सिहोरा नगर पालिका की फायर ब्रिगेड ही सहारा है। जिनके मौके पर पहुंचने में घंटों समय लग जाता है। तब तक किसानों की फसलें खाक हो चुकी होती है। हाल ही आगजनी की घटनाओं में यह देखने भी मिल चुका है। जिस पर ग्रामीणों का कहना है आग बुझाने में ग्राम पंचायतों में उपलब्ध पेयजल टैंकरों का उपयोग किया जाए। जिससे काफी राहत मिल सकती है। जिसके लिए टैंकरों में सिर्फ पाइप व मशीन लगाने की आवश्यकता है। जिसके लिए ग्राम पंचायते अपने फंड से यह व्यवस्था कर अन्नदाताओं को राहत दे सकते है। इस संबंध में भाजपा जिला मंत्री विजय दुबे ने कलेक्टर व जिला पंचायत सीईओ का इस ओर ध्यान आकृष्ट कराते हुए तत्संबंध में ग्राम पंचायतों को दिशा निर्देश दिए जाने की मांग की है। जिससे आगजनी की घटनाएं होने पर अन्नदाताओं को आग बुझाने में मदद मिल सके।



