कृषिमध्य प्रदेश

बारिश से खेती को फायदा: कृषि वैज्ञानिक ने कहा- स्प्रिंकलर से पांच घंटे की सिंचाई बराबर खेतों को पानी मिल गया

गेहूं में यूरिया छिड़कें तो मिलेगा भरपूर फायदा
रिपोर्टर : शिवलाल यादव
रायसेन।
मंगलवार को जिले भर में मावठा गिरने से खेती को फायदा हुआ है। विशेषकर उन फसलों को जिन किसानों के पास सिंचाई के लिए पानी की कोई व्यवस्था नहीं थी। इसी प्रकार जहां किसान सिंचाई कर रहे थे उन्हें भी राहत मिली है। कृषि वैज्ञानिकों डॉ स्वप्निल दुबे कृषि विज्ञान केंद्र नकतरा का कहना है कि जिस तरह की बारिश जिले भर में हुई है, उससे स्प्रिंकलर से करीब 5 घंटे में जितनी सिंचाई हो पातीहै।उतनी सिंचाई इस मावठे से हो गई है। गेहूं की फसल में किसानों को यूरिया खाद का छिड़काव करना चाहिए। इसके साथ ही जो फसल पिछले दिनों पाला तुषार से प्रभावित हुई थी, उसके लिए भी यह मावठा अमृत के समान बरसा है। वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक डॉ.स्वप्निल दुबे ने बताया कि जिले के ज्यादातर इलाकों में मौसमी बारिश हुई है।
मावठे की बारिश से गेंहू,चना सरसों फसल को मिलेगा फायदा…..,
यह बारिश रबी फसलों विशेषकर गेहूं, चना, मसूर, सरसों के लिए अमृत के समान है। किसान भाई गेहूं की फसल में दूसरे या तीसरे दिन जब खेत चलने लायक हो जाए तब प्रति एकड़ के मान से पहली सिंचाई पर 30-40 किलोग्राम एवं दूसरी सिंचाई पर 15 से 20 किलोग्राम की मात्रा में यूरिया खाद का छिड़काव करें।
कीटनाशकों का किसान करें स्प्रे….
यूरिया खाद डालने के एक या दो दिन बाद नींदानाशक का उपयोग करें। जिससे खरपतवार नियंत्रण समय से होने पर फसल का उत्पादन अच्छा प्राप्त होगा। जहां चना, मसूर की फसल की बढ़वार हो रही है, वह घुलनशील एनपीके 19:19:19 उवर्रक अथवा 0:52:34 का स्प्रे कर सकते हैं। इसके साथ ही साथ तिलहनी फसलों सरसों एवं अलसी में यूरिया की 15 से 20 किलोग्राम मात्रा प्रति एकड़ के मान से अवश्य डालें।

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