ज्योतिषाचार्य पंडित धर्मेंद्र व्यास का अवसान, विद्वानों ने कहा, ज्योतिष का चमकता हुआ तारा हो गया अस्त

रिपोर्टर : कमल याज्ञवल्क्य
बरेली । ज्योतिष के आसमान से एक चमकते हुए तारे का अस्त हो गया। कई बर्षो से बरेली में रह रहे सुप्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य पंडित धर्मेन्द्र व्यास भारतीय ज्योतिष का एक चमकता हुआ तारा थे, जिन्होंने अपनी आभा विखेरते हुए अचानक देवलोक को प्रस्थान किया। सुप्रसिद्ध ज्योतिषी पंडित धर्मेंद्र व्यास अब हमारे बीच नहीं रहे। क्षेत्र के विद्वानों और नागरिकों ने बडी संख्या में अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए इसे अपूरणीय क्षति बताया है। बरेली क्षेत्र के प्रकाण्ड विद्वान पंडित चंद्रकांत शास्त्री एवं दर्शन शास्त्र के अध्येता और “शुभ चौपाल ” के संपादक पंडित सत्यनारायण याज्ञवल्क्य ने इस प्रतिनिधि से ख्यातिप्राप्त ज्योतिषाचार्य पंडित धर्मेन्द्र व्यास परिवार से जुड़े संस्मरण साझा करते हुए बताया कि पंडित धर्मेंद्र व्यास जामगढ के उस व्यास परिवार के रहे हैं, जिसे पीढियों से ज्ञान और भक्ति विरासत में मिली है। इनके पिता स्व पंडित शिवशंकर व्यास योग्य शिक्षाविद रहे हैं। दादा जी पंडित मोतीलाल व्यास एक ओर जहां उस समय भोपाल स्टेट के श्रेष्ठ गुरु के रूप में सम्मानित रहे, वहीं दूसरी ओर मां भगवती के वे अनन्य उपासक थे। उनके विदाई समारोह पर आयोजित कार्यक्रम में देश के सर्वोच्च पद तक पहुंचे डॉ शंकरदयाल शर्मा कई घंटे रुके रहे और उनकी विशेषताओं का उल्लेख करते रहे थे।
ज्योतिष में थी विशेषज्ञता
पंडित धर्मेंद्र व्यास को भारतीय ज्योतिष में विशेषज्ञता प्राप्त थी। वे बरेली में किनगी रोड पर रहकर हजारों लोगों का मार्गदर्शन करते रहते थे। बीते समय शुभ चौपाल के संपादक पंडित याज्ञवल्क्य ने एक पारिवारिक आयोजन में जामगढ आए पंडित व्यास जी से ज्योतिष को लेकर लंबी चर्चा की थी। इस समय उन्होने उपस्थित लोगों की ज्योतिष संबंधी जिज्ञासाओं का संतुष्टिपूर्ण समाधान भी किया था। बरेली सहित सम्पूर्ण क्षेत्र के नागरिकों ने पंडित धर्मेन्द्र व्यास जी के अवसान पर अपनी विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि यह रिक्तता सदैव रिक्तता ही रहेगी।



