मध्य प्रदेश

विश्व आदिवासी दिवस : सांस्कृतिक रंग रैली और ज्ञापन से सिलवानी सराबोर राज्य गठन की उठी मांग

सिलवानी। शनिवार को विश्व आदिवासी दिवस पर सिलवानी पूरी तरह आदिवासी रंग में रंगा रहा। स्टेट हाईवे-15 स्थित विश्वकर्मा मैरिज गार्डन में सुबह से ही पारंपरिक वेशभूषा में महिलाएं, पुरुष और बच्चे जुटे। फड़ापेन गोगोपाटा की पूजा के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई।
मुख्य अतिथि कुंवर धर्मवीर सिंह, नीलमणि शाह विशेष अतिथि घनश्याम मसकोले भोपाल और संतोष उईके सागर सहित कई गणमान्य मंच पर मौजूद रहे। डीजे की धुन पर पारंपरिक नृत्य बालिकाओं की प्रस्तुतियां और चित्रकला प्रतियोगिता ने माहौल को उत्सव में बदल दिया। बालिकाओं ने नृत्य के जरिए नशा मुक्ति और सामाजिक एकता का संदेश दिया।
*रैली में गोंडवाना राज्य की मांग*
कार्यक्रम के बाद आदिवासी समाज द्वारा बड़ी संख्या में एकत्रित होकर  विशाल रैली विश्वकर्मा गार्डन से प्रारंभ की जो  बजरंग चौराहा, गांधी चबूतरा, पुराना बस स्टैंड, शिवाजी नगर होते हुए तहसील प्रांगण पहुंची। यहां महामहिम राज्यपाल के नाम अधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा गया जिसमें आदिवासी बहुल जिलों को मिलाकर पृथक गोंडवाना राज्य के गठन शिक्षा व स्वास्थ्य संस्थानों के नाम बदलने पर पुनर्विचार तथा सामाजिक आर्थिक राजनीतिक भागीदारी सुनिश्चित करने जैसी मांगें शामिल रहीं।
ज्ञापन में विद्यालयों व स्वास्थ्य केंद्रों के नाम बदलने को जनभावनाओं के विपरीत बताते हुए आदेश वापस लेने की मांग भी की गई।
*संबोधन और सम्मान*
संबोधन में कुंवर धर्मवीर सिंह ने शिक्षा व स्वास्थ्य को समाज की सबसे अहम कड़ी बताते हुए कहा कि इनके बिना विकास संभव नहीं। बाबा नीलमणि शाह ने जल जंगल जमीन की सुरक्षा और अधिकारों के लिए एकजुट संघर्ष का आह्वान किया। सुरजीत सिंह ने कहा कि आदिवासी समाज अपने हक के लिए निरंतर संघर्षरत है।
वरिष्ठजन युवाओं और छात्र-छात्राओं का सम्मान किया गया। मंच संचालन गजराज सिंह दीवार व विजय पदराम ने किया आभार सुनील उईके ने व्यक्त किया। कार्यक्रम में राकेश उइके, पप्पू ठाकुर, संतोष, चैनसिंह उईके, हरिलाल मसकोले, अर्जुन, राजू उईके, सुरेंद्रनाम पूशाम, दिनेश धुर्वे विजय पटेल, सूरज उईके, पप्पू ठाकुर, दयाराम, मोहन मरकाम, संतोष वी और ललित धुर्वे सहित बड़ी संख्या में समाजजन मौजूद रहे।

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