बाबू केशव प्रसाद परौहा करीब 25 वर्षों से अंगद के पैर की तरह जमे ढीमरखेड़ा में, नहीं हों रहा स्थानांतरण

रिपोर्टर : सतीश चौरसिया
उमरियापान । जनपद पंचायत ढीमरखेड़ा में लंबे समय से पदस्थ बाबू केशव प्रसाद परौहा विभाग की गोपनीय बातों को जानकर विभाग के अंदर जमकर मलाई काट रहे हैं।
सूत्रों ने बताया कि शासन के नियमानुसार 3 वर्ष से अधिक समय होने के बाद स्थानांतरण का प्रावधान हैं लेकिन ऐसा जान पड़ता हैं जैसे बाबूओं के लिए कोई नियम ही नहीं हैं। ढीमरऔखेड़ा जनपद पंचायत में पदस्थ बाबू केशव प्रसाद परौहा से अपनी कुर्सी छोड़ी नहीं जाती । स्मरण रहे कि चुनाव आयोग का स्पष्ट आदेश है कि कोई भी कर्मचारी 3 वर्ष से अधिक एक स्थान में पदस्थ नहीं रहता लेकिन जनपद पंचायत ढीमरखेड़ा में पदस्थ बाबू केशव प्रसाद परौहा करीब 25 वर्षों से पदस्थ है। विदित हों कि विभागीय कामों में बाबूओं का अहम रोल होता हैं । फाइल भी इन्ही की मेहरबानी से उच्च अधिकारियों तक पहुंचती हैं और अगर उसमें लक्ष्मी का वजन ना हो तो फाइल भी साहब की मेहरबानी से अधिकारियों तक नहीं पहुंच पाती हैं। अगर इसी तरह का कार्य जनपद मे चलता रहा तो शांत और सीधे साधे लोग शिकार होते रहेंगे ।
*जनपद में बिना लक्ष्मी के नहीं बढ़ती फाइल*
सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार जनपद ढीमरखेड़ा में पदस्थ बाबू केशव प्रसाद परौहा द्वारा बिना रिश्वत के काम नहीं किया जाता। कुछ कर्मचारियों के द्वारा बताया गया कि बाबू केशव प्रसाद परौहा द्वारा बिना रिश्वत के कोई भी काम नहीं किया जाता हैं और जनपद में विभिन्न मदो से शासन से राशि प्राप्त होती हैं जिसका आहरण करने के लिए पहले बाबू को पैसा देना पड़ता हैं। सूत्रों ने बताया कि बाबू केशव प्रसाद परौहा के द्वारा विभिन्न प्रकरणों में जमकर लेन – देन किया जाता हैं और जो कर्मचारी बाबू केशव प्रसाद परौहा को रिश्वत नहीं देता तो उनके प्रकरणों का निपटारा नहीं किया जाता हैं और बाबू केशव प्रसाद परौहा के द्वारा नियमों की झड़ी लगा दी जाती हैं जिससे परेशान होकर संबंधित कर्मचारी रिश्वत देने के लिए मजबूर हों जाता हैं।



