जैविक खेती से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़े विद्यार्थी, कीट-रोग नियंत्रण का मिला प्रशिक्षण

रिपोर्टर : सतीश चौरसिया
उमरियापान। विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ आर्थिक रूप से सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से शासकीय आरके गौतम उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मुरवारी, जनपद पंचायत ढीमरखेड़ा में व्यावसायिक शिक्षा के अंतर्गत कृषि विषय का अध्ययन कर रहे विद्यार्थियों के लिए जैविक कृषि प्रशिक्षण आयोजित किया गया । प्रशिक्षण प्राचार्य संघ रत्न भेलावे के मार्गदर्शन में जैविक कृषि विशेषज्ञ रामसुख दुबे द्वारा दिया गया ।
प्रशिक्षण के दौरान विद्यार्थियों को रासायनिक एवं जैविक खेती के बीच अंतर, जैविक खेती के लाभ तथा रासायनिक खेती से होने वाले नुकसान की जानकारी दी गई । विशेषज्ञ ने बताया कि जैविक खादों के माध्यम से फसलों को आवश्यक पोषक तत्व उपलब्ध कराए जा सकते हैं । विद्यार्थियों को कम लागत तकनीक एवं जीरो बजट फार्मिंग के तहत फसलों के लिए आवश्यक 17 पोषक तत्वों के बारे में विस्तार से बताया गया।
प्रशिक्षण में पोषक तत्वों का वर्गीकरण करते हुए हवा एवं पानी से मिलने वाले पोषक तत्वों के साथ मुख्य, द्वितीयक एवं सूक्ष्म पोषक तत्वों की जानकारी दी गई । इसके अलावा फसलों में लगने वाले विभिन्न प्रकार के कीट एवं रोगों की पहचान तथा उनके जैविक नियंत्रण के उपाय बताए गए।
विशेषज्ञ ने जैविक खेती में गोबर एवं गोमूत्र के उपयोग, देसी गाय के गोमूत्र से बीज उपचार, जैविक कीटनाशक, शीघ्र खाद एवं पौध पोषण में जैविक संसाधनों के उपयोग की जानकारी दी । विद्यार्थियों को फसलों को नुकसान पहुंचाने वाले काटने वाले, कुतरने वाले, रस चूसने वाले तथा फल छेदक कीटों के बारे में भी विस्तार से समझाया गया।
प्रशिक्षण के दौरान विद्यार्थियों ने जैविक खेती की तकनीकों और कीट-रोग नियंत्रण से संबंधित जानकारी प्राप्त की । व्यावसायिक शिक्षक महेंद्र दोहरे ने प्रशिक्षण कार्यक्रम को सफलतापूर्वक संपन्न कराने में सहयोग किया ।



