चिटफंड के आरोपी फिर पहुंचे हाईकोर्ट, पैसा जमा करने की समय अवधि बढ़ाने दायर की याचिका

रिपोर्टर : सतीश चौरसिया
कटनी, उमरियापान । शिखर सहकारी समिति मर्या. उमरियापान के नाम से चिटफंड कंपनी बनाकर उमरियापान, पचपेढ़ी सहित आसपास के क्षेत्रों में लाखों रूपये की धोखाधड़ी मामले में म.प्र.हाईकोर्ट द्वारा चिटफंड के आरोपियों को इस शर्त के साथ जमानत दी गई थी कि वें दो माह के अंदर खाताधारकों का संपूर्ण भुगतान कर दे। इस मामले में चिटफंड के आरोपियों की ओर से न्यायालय के समक्ष शपथ पत्र पेश किया गया था और दो माह के अंदर संपूर्ण राशि अदायगी का वचन दिया गया था। लिहाजा आज दिनांक तक चिटफंड के आरोपियों की ओर से न्यायालय के समक्ष राशि अदा नहीं की गई है और पैसा जमा न करना पड़े इसके लिये लगातार उनके द्वारा तरह-तरह के बहाने बनाये जा रहे है।
स्मरण रहे कि उक्त चारों तथाकथित आरोपियों द्वारा ग्रामीणों को अपने झांसे में लेकर ज्यादा ब्याज का प्रलोभन दिया और जैसे ही पैसा देने की बारी आई तो उक्त चारों आरोपी पैसा देने से मुकर गये। खाताधारकों की रिपोर्ट रिपोर्ट पर उमरियापान थाने में मामला पंजीबद्ध किया गया। अन्वेषण कार्यवाही उपरांत संबंधित आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया है जहां से न्यायालय ने जेल भेज दिया था बाद में हाईकोर्ट जबलपुर से जमानत पर रिहा किया गया था।
दो माह में जमा करने का आदेश , आज दिनांक तक राशि नहीं हुई जमा
चारों आरोपियों नरेन्द्र पौराणिक, एजेंट अंशुल चौरसिया, मुकेश चौरसिया, मनीष पौराणिक की ओर से न्यायालय को यह विश्वास दिलाया गया है और शपथ पत्र प्रस्तुत किया गया है उनके द्वारा जो भी राशि गबन की गई है उसका 1/4-1/4 चारों आरोपी जमानत दिनांक से दो माह के अंदर जमा कर देंगे। यदि निर्धारित समय अवधि में इनके द्वारा पैसा जमा नहीं किया जाता है इनकी जमानत स्वमेय निरस्त मानी जावेगी। लिहाजा माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर द्वारा पारित आदेश को भी चिटफंड के आरोपियों द्वारा नहीं माना जा रहा है और जब खाताधारकों द्वारा इस संबंध में आरोपियों से बात की जाती है तो उनके द्वारा यह कह दिया जाता है कि अभी यह प्रमाणित नहीं हुआ है कि हमने राशि का गबन किया है। सवाल यह उठता है कि यदि राशि का गबन इनके द्वारा नहीं किया गया तो माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर के समक्ष यह शपथ पत्र प्रस्तुत क्यों किया गया कि हम दो माह के अंदर राशि अदा कर देंगे।
समय बढ़ाये जाने का करेंगे विरोध
वहीं जैसे ही खाताधारकों को इस बात की जानकारी लगी कि चिटफंड के आरोपियों की ओर से म.प्र.हाईकोर्ट जबलपुर में इस बावत् याचिका दायर की गई है कि हमें जो राशि अदा करना है उसमें समय वृद्धि की जाये। इस बात से खाताधारकों में काफी आक्रोश है और उनके द्वारा इस संबंध में बताया गया कि माननीय न्यायालय के समक्ष इस बात का विरोध किया जायेगा और आरोपियों को और अधिक समय न दिया जाये इस बावत् निवेदन किया जायेगा।



