धार्मिक

धर्म नगरी तुलसीपार में गूंजा ‘हर-हर महादेव, तीन नूतन मंदिरों का लोकार्पण

11 विग्रहों की प्राण-प्रतिष्ठा के साथ शुरू हुई शिव महापुराण कथा
सिलवानी। तहसील क्षेत्र के ग्राम तुलसीपार इन दिनों भक्ति, आस्था और आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर है। गांव में नवनिर्मित तीन मंदिरों का भव्य लोकार्पण, कलश स्थापना एवं 11 विग्रहों की प्राण-प्रतिष्ठा के साथ 11 फरवरी से शिव महापुराण कथा एवं यज्ञ का शुभारंभ हुआ। पंचदिवसीय धार्मिक अनुष्ठान 16 फरवरी को दोपहर 12 से 2 बजे तक कथा विश्राम और विशाल भंडारा प्रसादी के साथ संपन्न होगा।
पूरे आयोजन का संचालन श्री 1008 श्री ब्रह्मचारी महाराज के सान्निध्य में हो रहा है। रघुवंशी–हड़ा परिवार द्वारा आयोजित इस धार्मिक महोत्सव में क्षेत्रभर से श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। गांव की गलियां वेद मंत्रों, शंखनाद और ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष से गूंज उठीं। मंदिर परिसर को आकर्षक सजावट से सजाया गया है, जहां प्रतिदिन श्रद्धालु दर्शन और कथा श्रवण के लिए पहुंच रहे हैं।
14 फरवरी फलाधिवास, देव स्नान, साम प्रदक्षिणा, देव भ्रमण एवं कथा चतुर्थ दिवस
15 फरवरी महाशिवरात्रि विशेष पूजन हवन, प्राण-प्रतिष्ठा यज्ञ की पूर्णाहुति एवं श्रद्धालुओं को फलाहार प्रसादी।
16 फरवरी: कथा विश्राम एवं विशाल भंडारा प्रसादी।
कथा में सती और वीरभद्र प्रसंग ने किया भावविभोर।
कथा वाचन के दौरान ब्रह्मचारी महाराज ने माता सती के पूर्व जन्म का प्रसंग सुनाया। उन्होंने बताया कि भगवान शिव के निरंतर राम नाम जप को देखकर माता सती को संशय हुआ। वन में सीता वियोग में व्याकुल भगवान राम की परीक्षा लेने के लिए सती ने सीता का रूप धारण किया, किंतु प्रभु राम ने उन्हें तुरंत ‘माता’ कहकर संबोधित किया। इस प्रसंग ने श्रोताओं को भावुक कर दिया।
आगे कथा में राजा दक्ष द्वारा भगवान शिव के अपमान, सती के आत्मदाह और शिव के रौद्र रूप से वीरभद्र के प्राकट्य का मार्मिक वर्णन किया गया। महाराज ने बताया कि शिव की जटा से प्रकट हुए वीरभद्र ने दक्ष के यज्ञ का विध्वंस कर अहंकार और अधर्म का अंत किया। अंततः देवताओं की प्रार्थना पर शिव ने दक्ष को पुनर्जीवन प्रदान किया। पुण्य स्मृति में आयोजन
यह धार्मिक आयोजन स्व. पटेल अनूप सिंह रघुवंशी एवं स्व. केराबाई रघुवंशी की पावन स्मृति में किया जा रहा है। आयोजन में पटेल माधव सिंह रघुवंशी, क्रांति रघुवंशी, देवराज रघुवंशी, युवराज रघुवंशी, पटेल लखनसिंह रघुवंशी, नीता रघुवंशी सहित समस्त रघुवंशी हड़ा परिवार एवं ग्रामवासी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
आयोजक परिवार ने क्षेत्रवासियों से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर धर्म लाभ लेने और भंडारा प्रसादी में सहभागी बनने की अपील की है। तुलसीपार इन दिनों सचमुच ‘धर्म नगरी’ के रूप में अपनी पहचान बना रहा है।

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