किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर ट्रैक्टर रैली के साथ कांग्रेस ने महामहिम के नाम सौंपा ज्ञापन
अति वर्षा से बर्बाद हुई फसलों का मुआवजा देने की मांग
ब्यूरो चीफ : शब्बीर अहमद
बेगमगंज । रायसेन जिले के बेगमगंज एवं सिलवानी तहसील के किसानो की समस्यों के निराकरण हेतु जिला कांग्रेस कमेटी के नवागत अध्यक्ष एवं विधायक देवेंद्र पटेल कांग्रेस के पूर्व प्रदेश महामंत्री राजेंद्र सिंह तोमर के नेतृत्व में करीब 3 किलोमीटर लंबी विशाल ट्रैक्टर रैली के साथ तहसील कार्यालय पहुंचकर महामहिम राज्यपाल के नाम का ज्ञापन एसडीएम सौरभ मिश्रा को सौंपकर बताया कि शासन प्रशासन हेतू किसानों की मांगो के निराकरण हेतू कोई ठोस कदम न उठाए जाने से अत्यंत परेशानी एवं तंगहाली से जूझ रहे है।
ज्ञापन में बताया गया है कि बेगमगंज सिलवानी तहसील में विगत 20 जून से 1 अगस्त तक लगातार भारी वर्षा के कारण किसानो की खरीफ की सभी फसले नष्ट होकर किसान त्राही माम कर रहा है। तथा कृषि लागत मंहगी होने व फसले नष्ट होने से आर्थिक संकट से ग्रस्त हो गया है। फसलो का आंकलन कराकर शीघ्र राहत राशी, मुआवजा वितरित कराया जाए, कृषी बीमा दिलाया जाए।
दोनो तहसीलो में शासन प्रशासन का ध्यान खाद की समस्या को लेकर आकृर्षित कराए जाने के बाद भी किसानो को पर्याप्त मात्रा में खाद एव यूरिया उपलब्ध ना होने के कारण किसानो को बाजार से अत्यधिक कीमत पर, मानक हीन व नकली खाद खरीद कर अपना शोषण कराने मजबूर होना पडा है। रबी फसल हेतू अभी से खपत अनुसार आंकलन कर खाद एवं यूरिया की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। शासन की घोषणा अनुसार रबी की फसल हेतु 13 घंटे बिजली उपलब्ध कराई जाए,
अत्यंत दुख एवं किसानो के प्रति असंवेदन हीनता का विषय है कि, बीना बहुउद्देशीय सिचाई परियोजना अंतर्गत बेगमगंज तहसील के डूब प्रभावित किसानो से उनकी अधिग्रहित भूमि का तीन साल बाद भी, संपूर्ण किसानो को मुआवजा वितरित करने में प्रशासन विफल रहा है, जिससे किसान आज भी मुआवजे के लिए परेशान है। शेष रहे सभी किसानो को उनका मुआवजा जन प्रतिनिधियों की उपस्थिती में 7 दिवस के अंदर वितरित कराया जाए ।साथ ही बेगमगंज तहसील में चल रही मोहनिया, बेरखेडी जोरावर नहरिया टेकपार सिचाई परियोजनों में अधिग्रहित की गयी भूमि के किसानो को 15 दिवस के अंदर मुआवजा वितरित कराना सुनिश्चित करे।
एवं जिन किसानो की कुल भूमि में से 90 प्रतिशत भाग डूब में आया है तो उनका गांव में रहने का कोई ओचित्य नहीं बचता है, उन्हें उनके आवास एवं शेष बची भूमि का पुनर्वास सहित मुआवजा दिलाया जाए।
जिन सिचाई परियोजनाओं में जो ग्राम 70 प्रतिशत से अधिक जल मग्न हो गये है, उनमें निवास करने वाले भूमि हीन व कृषी मजदूरी करने वाले व्यक्तियों को भी उनके आवास एवं पुनर्वास राशी सहित मुआवजा दिया जाना सुनिश्चित किया जाए, शासन द्वारा बीमा कंपनियो से वर्ष 2022-2023 को जो मुआवजा राशी खातो में डाली गयी है, वह किसानो के साथ अत्यंत क्रूर मजाक होकर, शासन द्वारा मनमाने ढंग से नुकसानी आंकलन कराकर फर्जी आंकड़ो के आधार पर बीमा कंपनियों को लाभ पहुंचाने वाले आंकडो के आधार पर मुआवजा डाला जाना प्रतीत होता है, जिससे किसानो के मन में शासन एवं प्रशासन के प्रति तीव्र आक्रोश एवं अविश्वास पनप रहा है। दोनो तहसीलो के किसानो का एक सर्वदलीय प्रतिनिधि मंडल गठित कर डाले गए बीमा राशी के सबंध में उत्पन्न शंकाओं का निवारण कर, वास्तविक हुए नुकसान के आधार पर उचित बीमा राशी वितरित की जाए आदि मांगे शामिल है।
ज्ञापन में बेगमगंज सिलवानी क्षेत्र के किसान मजदूरो की उपरोक्त मांगो का निराकरण वर्णित तय अवधि में करने की मांग के साथ चेतावनी दी गई है कि यदि शासन प्रशासन तय अवधी में स्थानीय जन प्रतिनिधि के साथ उपरोक्त मांगो को पूरा नहीं करता है, तो दोनो तहसीलो के किसान अपनी रोजी रोटी बचाने आंदोलन को बाध्य होगें इसकी जवाबदारी शासन प्रशासन की होगी।




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