नर्मदा जयंती पर इस साल भी दिखेगा कोरोना इफेक्ट : सार्वजनिक आयोजनों को लेकर असमंजस
8 फरवरी को विधि-विधान से होगी पूजा अर्चना
रिपोर्टर : शिवलाल यादव
रायसेन। पुण्य सलिला जिले की जीवन, मोक्ष दायनी पवित्र पतित पावनी माँ नर्मदा जयंती शुक्ल पक्ष की सप्तमी को 8 फरवरी मंगलवार को आयोजित की जाएगी। कोरोना संक्रमण के कारण जयंती महोत्सव बड़े पैमाने या सूक्ष्म रूप से मनाया जाएगा। इसको लेकर असमंजस बना हुआ है। उधर बरेली उदयपुरा तहसीलदरों ने पूजा अर्चना के लिए रोक नहीं है, लेकिन कोरोना गाइडलाइन के तहत घाटों पर भीड़ का जुटना प्रतिबंधित रहेगा।
नार्मदीय ब्राह्मण समाज रायसेन के नवनियुक्त अध्यक्ष पवन चौबे ने बताया कि पुण्य सलिला मां नर्मदा की जयंती प्रतिवर्ष समाज के द्वारा हर्षोल्लास के साथ मनाई जाती रही है। इस साल कोरोना के चलते समाज शासन से मिले दिशा निर्देश के अनुसार कोरोना गाइडलाइन का पालन करते हुए नर्मदा जयंती मनाएंगी। जयंती के दिन सुबह से पूजन पाठ और प्रसादी का आयोजन किया जाएगा। 7 फरवरी को सुबह नाभि स्थल से जल लाकर सादगीपूर्ण रूप से पूजा अर्चना कर दोपहर 12 बजे महाआरती कर प्रसाद वितरण किया जाएगा।
नाभि स्थल पर होते हैं भव्य आयोजन…
हिंदू पंचांग के अनुसार, माघ महीने की शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि को हर साल नर्मदा जयंती मनाई जाती। पूरे मध्यप्रदेश सहित रायसेन होशंगाबाद नरसिंहपुर जिले में भी जयंती बड़े ही धूमधाम तरीके से हर साल मनाई जाती है। खासकर मांगरोल,पतई बगलवाड़ा बरेली नर्मदा नदी तट, बौरास, केतोघान उदयपुरा कैलकच्छ देवरी, मदागन घाट, भारकच्छ बाड़ी पर क्योंकि यहां पर नर्मदा नदी का नाभि स्थल है। जिसकी नर्मदा के उद्गम स्थल अमरकंटक एवं अरब सागर से एक समान दूरी है। जयंती का महत्व मां नर्मदा के पृथ्वी पर अवतरण दिवस के रूप में नर्मदा जयंती मनाई जाती है। मान्यता है पवित्र गंगा नदी में स्नान करने से सारे पापों का नाश होता है। वहीं नर्मदा जयंती के पावन मौके नर्मदा नदी के दर्शन मात्र से ही से व्यक्ति को पुण्य मिलता है और पाप नष्ट हो जाते हैं। इस पावन मौके पर भक्त भारी संख्या में आकर मां नर्मदा के दर्शन कर आस्था की डुबकी लगाते हैं।
जिले में नर्मदा जयंती को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह रहता है। लोग बड़ी संख्या में नर्मदा तटों पर पहुंचकर पूजा स्नान करते हैं। नर्मदा नदी के घाटों पर विशाल भंडारों का भी आयोजन होता है। जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल होते हैं। हंडिया में रिद्धनाथ घाट उत्सव समिति एवं सड़क घाट समिति के सहित ग्रामीण क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर जयंती महोत्सव मनाया जाता है।



