आईपीसी कंपनी के कार्यों की जांच कर एफआईआर की मांग
वार्डवासियों द्वारा पूर्व में भी सौंपा गया था, कार्रवाई सिफर
कार्यवाही न होने पर करेंगे उग्र आंदोलन
सिलवानी। मंगलवार को नगर के वार्डवासियों द्वारा मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार संजय नागवंषी को ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि वार्डवासियों द्वारा तीन फरवरी को मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर व तहसीलदार को लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत बनने वाली सड़क रम्पुरा पुलिया से पड़ान होते हुए मकबूल पटेल के खेत से होते हुए षालाबर्रू टोला तक आईपीसी कंपनी द्वारा करोड़ों रूपयों की लागत से अधूरा व घटिया गुणवत्ताहीन निर्माण कार्य सड़क कंपनी द्वारा कराया गया है। कई जगह निर्माण कार्य अधूरा एवं पुलियों पर बड़ी-बड़ी लोहे की राडे निकली हुई है जिससे दुर्घटनाएं हो रही है। वहीं पड़ान पर अधूरा निर्माण कार्य के कारण लगातार हादसे हो रहे और लगभग एक वर्ष से भी ज्यादा समय सड़क निर्माण कंपनी अधूरा छोड़कर गायब हो गई। वार्ड क्रमांक सात पड़ान से होते हुए नदी के घाट पर आईपीसी कंपनी द्वारा पुलिया के एक ओर काटन बाल डालकर अधूरा छोड़ दिया है जिससे आए दिन लोगों को दुर्घटना का षिकार होना पड़ रहा है।
पूर्व में दिए गए ज्ञापन में सड़क निर्माण आईपीसी कंपनी के उपर कार्यवाही को लेकर षिकायत की गई थी लेकिन प्रषासन द्वारा करीबन 12 दिन बीत जाने के बावजूद भी न तो सड़क निर्माण कंपनी पर और न ही लोक निर्माण विभाग के जिला अधिकारियों पर कोई कार्यवाही की गई।
जिले के लोक निर्माण विभाग अधिकारी ई का सड़क निर्माण आईपीसी कंपनी पर खुला संरक्षण होने के कारण कंपनी पर कोई कार्यवाही नहीं हो पा रही है। वहीं जिले के अधिकारी नागरिकों का फोन रिसीव नहीं करते है, तानाषाहीपूर्ण रवैया अपनाए हुए है। कई बार नागरिकों द्वारा दूरभाष के माध्यम से सड़क निर्माण के संबंध में जानकारी लेनी चाही परंतु जिले के अधिकारी किषन वर्मा द्वारा फोन रिसीब नहीं किया जाता है।
वार्ड क्रमांक एक के राजीव नगर, पठारिया, रानीपुरा से रम्पुरा पुलिया पड़ान होते हुए मकबूल पटेल के खेत से होते हुए षालाबर्रू टोला तक आईपीसी कंपनी द्वारा सड़क निर्माण में षासकीय भूमि में बडे़ पैमाने पर राजस्व तथा वन भूमि पर अवैध उत्खनन करके तालाबनुमा गड्ढे बना दिए है जिससे ग्राम वालों को बारिष के मौसम में यही तालाबनुमा गड्ढे छोटे-छोटे बच्चों के लिए मौत का कारण बन सकते है। पूर्व में अवैध उत्खनन कई सड़क निर्माण कंपनियों द्वारा किए जा चुका है जिससे कई मौतें भी हो चुकी है। इसके बावजूद भी खनिज विभाग के जिले व प्रदेष के अधिकारी सड़क निर्माण कंपनियों पर मेहरबानी कर रहे है, कार्यवाही के नाम पर खुला संरक्षण दे रहे है और कार्यवाही में इतिश्री हो रही है। वार्डवासियों ने ज्ञापन सौंपकर कहा कि अगर षीघ्र ही सड़क निर्माण कंपनी व लोक निर्माण विभाग के अधिकारी के विरूद्ध कार्यवाही नहीं की गई तो सभी वार्डवासी धरना आंदोलन के लिए बाध्य होंगे जिसकी जिम्मेदारी ष्षासन-प्रषासन की होगी। इस दौरान षिवराज, रहीस, दिलीप, दीपेष, जहीर, हरीराम, रोहित, राजा, राजकुमार, अजीम, निसार आदि मौजूद रहे।



