बिजली हेल्पर की करंट लगने से दर्दनाक मौत, विधायक बैठे धरने पर
बेगमगंज । मड़देवरा गांव में शनिवार की शाम को गांव की बिजली जोड़ते समय एक हेल्पर की करंट लगने से मौत हो गई।
जानकारी के अनुसार पड़रिया राजाधार ग्राम पंचायत के मड़देरा गांव की बिजली बिल नहीं भरे होने से कटी हुई थी। ग्राम वासियों द्वारा बिल जमा किए जाने के बाद विद्युत विभाग ने गांव की बिजली सप्लाई चालू करने के निर्देश लाइनमैन बलराम रजक को दिए थे जिसने सहायक लाइनमैन संजय लोधी एवं हेल्पर अर्जुन सिंह को डीपी से गांव की लाइन जोड़ने के लिए भेजा था लाइन जोड़ने समय उन्होंने बिजली बंद रखने का परमिट ले लिया था लेकिन समय से पहले ही बिजली चालू होने से एकाएक करंट प्रभावित हुआ और उसकी चपेट में लाइन जोड़ रहा हेल्पर अर्जुन सिंह आ गया जिससे उसकी दर्दनाक मौत हो गई घटना की खबर खेलते ही कोहरा मच गया।
सवाल यह उठता है कि जब विद्युत कर्मियों ने बिजली बंद करने का परमिट लिया था तब बिना उनसे पूछे किस व्यक्ति द्वारा बिजली की सप्लाई चालू की गई जिसके कारण यह दर्दनाक हादसा हुआ।
थानाप्रभारी राजीव उइके ने बताया कि ने मृतक अर्जुन सिंह आदिवासी पिता दरिया सिंह आदिवासी 42 वर्ष निवासी रमपुरा की पत्नी एवं चार बच्चे हैं। जो अस्थाई रूप से बिजली विभाग में पिछले करीब 8 साल से हेल्पर का काम करता था गांव की डीपी से बिजली चालू करने के लिए वह एवं सहायक लाइनमैन संजय लोधी गए थे मृतक अर्जुन सिंह डीपी से लाइन चालू कर रहा था तब अचानक बिजली की सप्लाई शुरू हो गई जिससे करंट की चपेट में आने से उसकी दर्दनाक मौत हो गई पुलिस ने मामला दर्ज कर विवेचना में लिया है।
आज रविवार की सुबह मृतक का पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया है।
गुस्साए परिजन विधायक देवेन्द्र पटेल के निवास पहुंचे । विधायक देवेन्द्र पटेल की तबीयत ठीक ना होने पर वह बनियान और तौलिया पर ही घर से बाहर निकल आए और लोगों की समस्याएं सुनी एवं बिजली घर के उच्च अधिकारियों से फोन पर बात की। बाद में परिजन और ग्रामीणों के साथ धरने पर बैठ गए। धरने में जमकर नारेबाजी करते हुए अर्जुन आदिवासी को न्याय दिलाने की मांग की। परिजनों और ग्रामीणों की मांग है कि दोषी लाइनमैन पर एफआईआर दर्ज की जावे, मृतक के बेटे को सरकारी नौकरी और एक लाख रुपए बिजली घर से दिए जाए जो मांगे मंजूर की गए। चक्काजाम लगभग 2 घंटे तक चला। एक ओर जहां देश में 15 नवम्बर को जातीय गौरव दिवस मनाया गया, वही दूसरी ओर विभाग की लापरवाही से एक आदिवासी की मौत हो गई।



