मध्य प्रदेश

साईंखेड़ा अनुविभाग व सालेचौका तहसील घोषित कर उमरधा सर्कल साईंखेड़ा में शामिल करने की मांग

रिपोर्टर : कमलेश अवधिया
साईंखेड़ा । प्रदेश में संभाग, जिला, अनुविभाग तहसील, विकासखंड की सीमाओं का पुनः निर्धारण करने एवं नवीन जिले अनुविभाग तहसील के गठन के लिए जिला पुनर्गठन आयोग का गठन किया गया है, साईंखेड़ा को भी विगत कई वर्षों से अनुविभाग बनाने की मांग की जा रही है, इसी प्रकार विकासखंड में भी बरेली, बरहेटा, कजरोटा सहित एक दर्जन से भी अधिक दूरदराज के ग्राम जुड़े हुए हैं, जन अपेक्षा है कि साईंखेड़ा तहसील एवं विकास खंड का युक्ति युक्तकरण करके इन दूरदराज के ग्रामो नजदीक के चीचली विकासखंड में जोड़कर चीचली विकासखंड के साईंखेड़ा के पास के पनागर, सहावन जैसे तीन दर्जन गांवों को साईंखेड़ा विकासखंड में जोड़ा जाए तथा सालेचौका क्षेत्र के नागरिकों की सुविधा को देखते हुए राजस्व सर्कल सालेचौका एवं डुंगरिया, ढिंगसरा, पोडार,खमरिया, आड़े गांव सहित एक दर्जन गांवों को मिलाकर सालेचौका तहसील घोषित कर साईंखेड़ा एवं सालेचौका को मिलाकर नवीन साईंखेड़ा अनुविभाग बनाया जाए क्योंकि गाडरवारा अनुविभाग में वर्तमान में 350 से अधिक ग्राम सम्मिलित हैं जिस कारण गाडरवारा में अधिक भार रहता है लोगों को भारी समस्याओ का सामना करना पड़ रहा है। साईंखेड़ा अनुविभाग गठित किया जाए जिसका लाभ गरीबों किसानों मजदूरों, व्यापारी, विद्यार्थी सभी को मिलेगा तथा नर्मदापुरम के बनखेड़ी तहसील के नांदना- परसवाड़ा से लेकर उमरधा तक दूधी नदी के किनारे के दो दर्जन से भी अधिक ग्राम जिनकी साईंखेड़ा से दूरी काफी कम 2 किमी से लेकर 12 किमी तक है जबकि बनखेड़ी तहसील मुख्यालय 25 किमी से अधिक है इस क्षेत्र के अधिकांश नागरिक अपने दैनिक कार्यों के लिए साईंखेड़ा आते जाते हैं अतः क्षेत्र के नागरिकों की सुविधा दृष्टि गत रखते हुए इन ग्रामों को साईंखेड़ा विकासखंड तहसील में शामिल किया जाए।

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