श्री हरि शरणम् सेवा संस्थान के तत्वावधान में भव्य सत्संग संपन्न

रिपोर्टर : कमलेश अवधिया
साईंखेड़ा । नगर में श्री हरि शरणम् सेवा संस्थान के संस्थापक पंडितअनुराग भार्गव के निवास पर एक दिव्य एवं प्रेरणादायक सत्संग का आयोजन किया गया। इस पावन अवसर पर गीतामनीषी ब्रह्मचारी स्वामी निर्विकल्प स्वरूप महाराज श्रीजी का नगर में आगमन हुआ। महाराज श्री के आगमन से नगर का वातावरण भक्तिमय हो गया तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं नगरवासी सत्संग में उपस्थित रहे। सत्संग के दौरान स्वामी निर्विकल्प स्वरूप महाराज श्री जी ने अपने अमूल्य वचनों से उपस्थित जनसमूह को धर्म, संस्कृति और सनातन मूल्यों का महत्व समझाया। उन्होंने कहा कि भगवद् गीता प्रत्येक हिंदू के घर में होनी चाहिए, क्योंकि गीता केवल एक ग्रंथ नहीं बल्कि जीवन जीने की कला है। गीता के उपदेश मानव को कर्म, धर्म और सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते हैं। महाराज श्री ने गौ माता की रक्षा पर विशेष जोर देते हुए कहा कि हर हिंदू का कर्तव्य है कि वह गौ माता की सेवा और संरक्षण करे। गौ सेवा से समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और यह भारतीय संस्कृति की आत्मा है। सत्संग के अंत में उपस्थित श्रद्धालुओं ने महाराज श्री से आशीर्वाद प्राप्त किया।



