जीते-जी नरक का अहसास करा रहे हरदी सरपंच-सचिव बद से बद्तर हो रही गांव की स्थिति
रिपोर्टर : सतीश चौरसिया
उमरियापान। उपरोक्त समाचार में लगीं फोटो को देखकर विलचित मत हों और न ही समाचार के शीर्षक से….यह पूरा मामला ढीमरखेड़ा जनपद के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत हरदी का है जहां पर जीते-जी सरपंच और सचिव ग्रामवासियों को नरक का अहसास करा रहे है और भरे त्यौहार तक में इनके द्वारा गांव में साफ-सफाई नहीं करवाई गई। लिहाजा विवश होकर ग्रामवासियों ने संवाददाता से संपर्क किया जिसके उपरांत मौका मुआयना में बात सही पाई गई। उल्लेखनीय है कि बिना काम के राशि आहरित करने के बाद भी गांव की ऐसी दुर्दशा सचिव ने बनाकर रखी है और कई-कई माह तक सफाई नहीं करवाई जाती है, जबकि इस मद का पैसा बराबर आहरित किया जा रहा है। सरपंच, सचिव और रोजगार सहायक की नहीं बैठ रही पटरी । जो स्थितियों हरदी गांव में निर्मित हुई है वह एक-दो माह में नहीं हुई बल्कि ये कई वर्षों से चल रहा है। सूत्रों ने बताया कि हरदी सरपंच, सचिव और रोजगार सहायक में तालमेल नहीं है और वे खुद ही एक दूसरे की बुराई में उलझे रहते है। लिहाजा इनके आपसी तालमेल न होने का परिणाम हरदी गांव की जनता भुगत रही है। सवाल यह उठता है कि सरपचं, सचिव और रोजगार सहायक के मनमुटाव का परिणाम क्या गांव की जनता भोगेगी या भोगने के लिये मजबूर किया जायेगा?




