सिहोरा जिला मामले की अनदेखी तीन विधानसभा को प्रभावित करेगी, सिहोरा जिला की मांग पर पच्चीसवां धरना
रिपोर्टर : सतीश चौरसिया
उमरियापान । सिहोरा को जिला बनाए जाने की मांग पिछले छै माहों से प्रत्येक रविवार धरना प्रदर्शन के माध्यम से कर रहे लक्ष्य जिला सिहोरा आंदोलन समिति ने चेतावनी दी है कि सिहोरा जिला मामले की अनदेखी तीन विधानसभा क्षेत्रों को प्रभावित करेगी।समिति ने चेतावनी दी कि आने वाले चुनाव में इस उपेक्षा के चलते जनता सरकार को आईना जरूर दिखाएगी । समिति ने दावा किया सिहोरा हित की अनदेखी आने वाले समय मे सिहोरा सहित बहोरीबंद, मझौली को भी प्रभावित करेगी।
सिहोरा से मुँह न मोड़े:- लक्ष्य जिला सिहोरा आंदोलन समिति ने अपने पच्चीसवें धरने में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को सम्बोधित करते हुए कहा कि सिहोरा की जमीं और सिहोरावासियों से मुँह मोड़ना न्यायोचित नही है। समिति ने घोषणा की थी कि सिहोरा में हुए श्रीराम यज्ञ और स्लीमनाबाद में मुख्यमंत्री के आगमन पर उन्हें सिहोरा जिला संबंधी ज्ञापन सौपेंगे परंतु दोनों ही स्थानों पर मुख्यमंत्री का आना अंतिम समय मे निरस्त हो गया। मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के स्थगित होने का कारण सिहोरा जिला आंदोलन बताए जाने के कारण सिहोरावासियों तक ये संदेश गया कि उनके मुख्यमंत्री ने उनसे मुँह मोड़ लिया।लक्ष्य जिला सिहोरा आंदोलन समिति ने मुख्यमंत्री से सिहोरा आगमन का आग्रह किया।
सिहोरा की मिट्टी से तिलक होगा:- आंदोलनकारियों ने घोषणा की कि अगले धरने प्रदर्शन से सिहोरावासियों के मस्तक पर सिहोरा की माटी का तिलक लगाकर धरने की शुरुआत करेंगे। साथ ही समस्त सिहोरावासियों को भी सिहोरा की माटी का तिलक लगा सिहोरा के सम्मान में आगे आने का आह्वान करेंगे।
सिहोरा जिले के पच्चीसवें धरने में समिति के नागेंद्र क़ुररिया, राजभान मिश्रा, अनिल क़ुररिया, रामजी शुक्ला, जितेन्द्र श्रीवास, गुड्डू कटैहा, प्रहलाद क़ुररिया, सुरेश बड़गिया, पैसुराम, कृष्ण कुमार क़ुररिया, अनिल जैन, विकास दुबे, सियोल जैन, मानस तिवारी, अमित बक्शी, विनोद तिवारी, किशोर कुमार, जितेंद्र श्रीवास, अंगद प्रसाद, नत्थू पटेल, ए के शाही, जयप्रकाश तिवारी सहित अनेक लोग मौजूद रहे।



