नहीं रुक रहा अवैध रेत का कारोबार, रेत माफियाओं की दादागिरी
रिपोर्टर : सतीश चौरसिया
उमरियापान l ढीमरखेड़ा तहसील क्षेत्र में अवैध रेत का कारोबार धड़ल्ले से चल रहा है। सेक्शन घाटो में तो रेट है ही नहीं लेकिन अन्य घाटों में जो रेत बची है उनमें से रेत माफियाओं द्वारा शासन प्रशासन की मदद से रेत चोरी का कारोबार जोरों से चल रहा हैl रेत माफियाओं की दादागिरी से चल रही हैl यहां तक की टोकन भी फर्जी है गरीब जनता की आवाज दादागिरी के कारण इस तरह दबी हुई है की गरीब लोग अपने ही मकान के लिए रेत महंगे से महंगे दामो ले रहे हैं l प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत जो अनुदान राशि ग्रामीण क्षेत्रों में ग्रामीण लोगों को दी जा रही है उससे मकान बनना तो असंभव है लेकिन माफियाओं का तो बोल वाला है l शासन प्रशासन की भी इसमें पूरी सहमति है ना तो टोकन लॉयल्टी है l फिर भी धड़ल्ले से माफियाओं द्वारा रेत का कारोबार चल रहा है हाल ही में ढीमरखेड़ा तहसील के छोटे से गांव आमाझल और खुदरा में मिनिमम 800 ट्राली का स्टॉक पड़ा हुआ है l जोकि पूरी रेत अवैध है l क्या माइनिंग विभाग एवं प्रशासन को यह अवैध रेत का ढेर दिखाई नहीं दे रहा वही गरीब अपनी साईकिल से एक बोरी रेत अगर निकालता है तो सबकी उस पर पूरी नजर होती है।
ग्रामीणों ने शासन प्रशासन को दिखाकर कुछ अपेक्षा चाहती है की जो अवैध रूप से रेत का उत्खनन कर रहे हैं उन पर रोक लगाई जाए अवैध उत्खनन से हमारे गांव की सड़क पर भी प्रभाव पड़ रहा है और दूसरी बात यह है कि आए दिन जो इन माफियाओं द्वारा चोरी से रेत निकाल कर इस तरह भागा जाता है की कहीं कोई देख ना ले इन्हीं के वाहनों द्वारा अभी-अभी 2 एक्सीडेंट भी हुए हैं ।जिसको देखते हुए भी शासन की आंखे बंद पड़ी हुई है ।



