मध्य प्रदेश

दो सगी बहनों की महज 17 मिनिट में गुरूवाणी सुन हुआ विवाह बेटियां बोली दहेज एक अभिशाप

साईंखेड़ा में हुआ दहेज मुक्त अंतरजातीय विवाह, फिजूलखर्ची पर लगी रोक
रिपोर्टर : कमलेश अवधिया
गाडरवारा । देश में जहां शादियों में तमाम तरह के ताम-झाम किए जाते हैं और पानी की तरह पैसे बहा दिए जाते हैं तो वहीं दूसरी और इसके बिल्कुल उल्ट एक शादी नरसिंहपुर जिले के अंतर्गत साईंखेड़ा में रविवार को देखने को मिली । ये शादी महज 17 मिनट की गुरुवाणी के दौरान शादी (ऱमैणी) के द्वारा सम्पन्न हो गई । इसमें किसी प्रकार का कोई भी ताम-झाम नहीं किया गया । रमैणी बिल्कुल सादगी पूर्ण ढंग से सम्पन्न हो गई यह शादी पूर्ण तरह से दहेज़ मुक्त थी। इसमें न तो वर पक्ष के लोगों की तरफ से दहेज़ की मांग की गई और न ही वधु पक्ष की तरफ से किसी प्रकार का दहेज़ दिया गया और बिना किसी खर्च के शादी सम्पन्न हो गई । यह शादी समाज को एक कड़ा संदेश देती है हर तरफ इस दहेज़ रहित शादी (ऱमैणी) का कार्यक्रम चर्चा में रहा लोग इसे देखने आतुर दिखे । देशभर में कोने-कोने से खबरें देखने को मिलती हैं कि लड़कियों को दहेज़ के लिए प्रताड़ित किया जाता है और कई लड़कियां तंग होकर आत्महत्या तक कर लेती हैं l ऐसे में दहेज़ का लालच दिल में संजोये रखने वाले लोगों को इस शादी से सीख लेनी चाहिए ।
महज 17 मिनिट में गुरुवाणी सुन सम्पन्न हुआ विवाह
आपको बता दें कि शादी पूर्णत: अंतरजातीय थी बिना किसी आडंबर दिखावे के महज 17 मिनिट में गुरुवाणी सुन नवयुगलों ने अपने दाम्पत्य जीवन की शुरुआत की । लड़का पक्ष एक जिला झुंझुनूं राज्यस्थान के है वही दूसरा लड़का मध्यप्रदेश के नीमच जिले से हैं वही वधु यानी दोनो लड़कियां गाडरवारा तहसील के ग्राम बम्होरी की निवासी है। वही दोनो लडकिया सगी बहने है दोनो की शादी एक साथ संपन्न हुई । दोनो लड़के अलग अलग जिले से संबंध रखते हैं और इन्होंने अपने गुरु जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल महाराज जी के तत्वज्ञान से परिचित होकर ऐसी दहेज़ रहित शादी करने का फैसला लिया । ये आयोजन रविवार को नरसिंहपुर जिले के साईंखेड़ा में आयोजित हुआ। सतलोक आश्रम जिला कॉर्डिनेटर महेंद्र शर्मा ने बताया कि ये कार्यक्रम पूरी तरह बिना डीजे बाजे बिना घोड़े बारात के संपन्न हुआ कार्यक्रम दोपहर 12 बजे से प्रारंभ हुआ पहले तीन घण्टे जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज जी के सानिध्य में यहां डीवीडी. के माध्यम से सतसंग का भी आयोजन किया गया। जिसके बाद 3 बजे दहेज मुक्त अंतरजातीय शादी रमैनी का कार्यक्रम किया गया ।
बेटियां बोझ ना बने इसी को लेकर किया आयोजन
दोनो नवयुगलों एवं के परिवारजनों ने बताया कि साईंखेड़ा में आयोजित हुए रमैणी कार्यक्रम के दौरान दोनो सगी बहनों की रमैणी उनके गुरु जगत गुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज के सानिध्य में रविवार को बिना किसी दहेज़ के सम्पन्न हुई l बेटियों के पिता व उनका कहना था की दहेज़ रुपी कुरीति का समाज से पूरी तरह से खात्मा कर एक सभ्य समाज का निर्माण करना उनके गुरु संत रामपाल जी महाराज का उद्देश्य है और उन्हीं की आज्ञा का पालन करते हुए उनके सभी  दहेज़ रहित ऱमैणी का ये कार्यक्रम हुआ आज समाज मे व्याप्त कुरीतियों के कारण समाज मे बेटियों को बोझ समझा जाने लगा है संत रामपाल जी महाराज के उद्देश्यों ओर पदचिन्हों पर चलकर एक स्वच्छ समाज की स्थापना हो रही है ।
इनकी रही उपस्थिति
यह अनोखा कार्यक्रम पूरे साईंखेड़ा में चर्चा का विषय बना रहा है दूर दूर से लोग इस कार्यक्रम को देखने आए वही इस पूरे कार्यक्रम में जिला कॉर्डिनेटर हरिराम साहू, महेंद्र शर्मा तहसील कॉर्डिनेटर जगमोहन शर्मा रमैनी सेवादार लखन कौरव, सचिन राजपूत, अर्पित राजपूत, आशीष शर्मा, शिवकुमार कौरव, अजीत कौरव तीरथ कुशवाहा, पूरन कहार, मनोज कहार, हेमराज कुशवाहा, करन, बसंत कौरव वही महिलाओं में राखी शर्मा, आरती, ऋतु कौरव, पुनीता शर्मा, अनीता शर्मा आदि की उपस्थिति रही ।

Related Articles

Back to top button