धार्मिक

पुष्पवार धाम में आयोजित शिव महापुराण समापन हुआ।

समापन कार्यक्रम में जिला अध्यक्ष व पूर्व विधायक देवेन्द्र पटेल व आदिवासी काँग्रेस प्रदेश महामंत्री नीलमणि शाह द्वारा व्यास गादी की पूजा अर्चना कर की कथा श्रवण, कथा वाचक रमन शाह उइके का तिलक व फूल मालाएं पहनाकर किया स्वागत
सिलवानी। ग्राम चैनपुर के पुष्पवार धाम में आयोजित शिव महापुराण कथा के समापन दिवस के अवसर पर कांग्रेस जिला अध्यक्ष व पूर्व विधायक देवेन्द्र पटेल व आदिवासी काँग्रेस प्रदेश महामंत्री नीलमणि शाह द्वारा व्यास गादी की पूजा अर्चना कर शिव महापुराण कथा श्रवण कर कथा वाचक रमन शाह उइके को तिलक व फूल मालाएं पहना कर शाल श्रीफल देकर स्वागत किया। शिव महापुराण कथा के समापन पर कथा वाचक रमन शाह उइके द्वारा शिवमहापुराण कथा में श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि शिव आराधना के लिए शिवरात्रि से बड़ा कोई पर्व नहीं है, इस दिन किया गया शिव पूजन और शिव के स्मरण में रात्रि जागरण का विशेष फल प्राप्त होता है। इस दिन की गई पूजा,अर्चना से शिव की अमोघ कृपा प्राप्त होती है, इस दिन की शिव पूजा का फल वर्ष भर की गई, पूजा के बराबर प्राप्त होता है।महाशिवरात्रि के दिन शिवपूजन जल अभिषेक, बिल्वपत्र चढ़ाने से वह शीघ्र प्रसन्न होकर मनचाहा वर प्रदान करते हैं। आगे कथा वाचक रमन शाह
ने कहा कि शिवरात्रि को श्रद्धाभाव से रात्रि जागरण करते हुए शिव का स्मरण उनका पूजन करते हुए व्रत धारण करना चाहिए भारतीय परंपरा में व्रतों का विशेष महत्व होता है व्रत करने से चित्त की प्रवृत्तियां शांति होती है और अंतःकरण पवित्र बनता है। भगवान शिव को शिवरात्रि के व्रत करने वाले भक्त अत्यंत प्रिय हैं। वह उनका सहज ही कल्याण करते हैं। शिव के सानिध्य में जीवन की सभी व्याधियों का शमन होता है। राम के जीवन में शिव का विशेष महत्व हैं, लंका विजय के पूर्व राम ने रामेश्वर लिंग की स्थापना की थी, जहाँ आज लोग पूजा अर्चन करके, गंगा जल अर्पित करके अपने जीवन में शिव कृपा प्राप्त करके,अपना कल्याण करते हैं, शिव के नाम का अर्थ ही कल्याणकारी होता है, जहाँ जीव का शिव कल्याण करके अपने धाम में स्थान प्रदान करते हैं।शिव के अनेक अवतारों की कथा सुनने से हमारे जीवन में शिव की कृपा का समावेश स्वतः हो जाता है। शिव के ग्यारहवें अवतार हनुमान जी की कथा सुनाते हुए आपने कहा कि हनुमान जी हमारे जीवन के सभी संकटों को दूर करके,हमारे जीवन में मंगल करते हैं।हनुमान जी की सेवा ,सहयोग से ही राम ने निशाचरों का अंत किया ।शिव दया से युक्त हैं,वह भक्त वत्सल हैं उनके स्वरूप की भक्ति से सहज आत्म कल्याण हो जाता है।शिव पुराण शिव का वाङमय स्वरुप है, जिसके श्रवण, मनन, चिंतन से शिव कृपा प्रदान करते हैं। इस अवसर पर धरमदास इमने, हरीलाल मसकोले, महेश काकोडिया, वीरेन्द्र रघुवंशी, गजेन्द्र पटेल, राजीव रघुवंशी, हरिप्रकाश पटेल, मनोज यादव, महेन्द्र पटेल आदि मौजूद रहे।

Related Articles

Back to top button