रिमझिम वारिश के बीच शहर में धूमधाम के साथ निकली कलश शोभयात्रा

भगवान राम के चरित्र को आत्मसात कर अपने जीवन को धन्य बनाएं : मुरलीधर जी महाराज
रायसेन । जिला मुख्यालय स्थित सोमेश्वर धाम की पवित्र धरा रायसेन में विश्व प्रसिद्ध रामकथा वाचक पं मुरलीधर जी महाराज के श्रीमुख से नौ दिवसीय श्री राम कथा की शुरूआत विशाल कलश शोभा यात्रा के साथ हो गई है। बरसते पानी में कलश शोभयात्रा में बड़ी संख्या में माताओ बहनों एवं भक्तजनो ने उत्साह के साथ भाग लिया। कलश शोभा यात्रा का शुभांरभ गंज बाजार स्थित श्री हनुमान मंदिर से शुरू हुई जो शहर के प्रमुख मार्गो से होते हुए श्री राम कथा स्थल दशहरा मैदान पंहुची, इस दौरान जगह जगह शहर में कलश शोभा यात्रा का लोगो ने पुष्पा वर्षो कर जोरदार स्वागत किया।
श्रीराम कथा के प्रथम दिवस सुप्रसिद्ध कथा वाचक पूज्य पं मुरलीधर जी महाराज ने भक्तो को अश्रीवाचन देते हुए कहा कि आज से इस रायसेन नगरी की पवित्र धरा पर भगवान राम की कथा शुरू हो रही है उन्होने कहा कि भगवान राम के चरित्र को आत्मसात करते हुए आप अपने जीवन को धन्य बना सकते है । रामजी की ऐसी पावन कथा है जिसे सुनकर हर भक्त इस भव से पार हो सकता है। उन्होने कहा कि कथा क्यो सुनना और गाना चाहिए आप ज्यादा संसार के साथ रहेगें तो आपका मन संसार में लगेगा और अगर आप भगवान के साथ ज्यादा मन लगाते है तो भगवान का आपको साथ मिलेगा हमारा मन भगवान के प्रति लगना चाहिए उन्होने कहा कि सन्यासी जन 18 घंटे माला का जाप करते है तब जाकर उन्हे फल मिलता है पंरतु अगर आपमें से कोई भी भक्त अगर भगवान की माला का जप करे तो उतना ही फल मिलेगा। महाराज श्री ने कहा कि भगवान के मंदिर में कभी भी मनोकामना लेकर नही जाना चाहिए निष्काम भाव के साथ अगर आप भगवान के मंदिर जाते है तो आपको वैसे ही सब कुछ प्राप्त हो जाएगा ।उन्होने गुरू की महिमा का बखान करते हुए कहा कि संत तुलसीदास जी ने भी श्रीराम चरित्र मानस में गुरू वंदना कर शुरूआत की है गुरू बिना ज्ञान की प्राप्ति नही हो सकती सच्चा गूरू वही है जो अपने शिष्य को परमात्मा से जोड़ने का काम करें इस बीच गुरूदेव ने भजन गाया कि गुरूदेव दया करके मुझको अपना लेना .. मैं शरण पड़ा तेरी चरणो में जगह देना । राम कथा के दौरान मुरलीधर जी महाराज ने कहा कि तुलसीदास जी ने 84 लख योनियो को सियाराम मय मानकर श्रीराम चरित्र मानस के माध्यम से बताया है राम कथा एक ऐसा सरोवर है जिसे सुनकर मनुष्य इस भव सागर से पार लग सकता है। वारिश के बावजूद श्रीराम कथा को सुनने के लिए बड़ी संख्या में भक्तजन कथा स्थल पंहुचे। श्री राम कथा आयोजन समिति के पदाधिकारियो बारिष को देखते हुए कथा स्थल पर वाटरपूफ डोम पंडाल की बेहतर व्यवस्था की है समिति के सभी पदाधिकारियो ने भक्त जनो से ज्यादा से ज्यादा संख्या में पंहुचकर रामकथा एवं धर्म का लाभ उठाने की अपील की है।


