क्राइम

चौकी प्रभारी पर ₹3 लाख लेकर नाबालिग अपहरण मामले को दबाने का आरोप

नावलिक बच्ची के पिता ने लगाया आरोप, जैथारी चौकी प्रभारी ने आरोपी सोनू विश्वकर्मा जो पहले 108 एंबुलेंस सेवा में पदस्थ था उससे ₹3 लाख लेकर आरोपी नहीं बनाया
पीड़ित पिता ने दिये चौकी प्रभारी अरविंद पांडे को वीडियो रिकॉर्डिंग और फोटो साक्ष्य, चौकी प्रभारी ने सब नष्ट कर दिए तथा पूरे मामले को रफा-दफा कर दिया
पीड़ित पिता को आरोपी सोनू विश्वकर्मा अब भी उन्हें धमकियाँ दे रहा है और जैथारी चौकी प्रभारी भी उसके साथ मिले हुए है।
इंदौर से बरामद हुई नाबालिक बेटी का मेडिकल तक नहीं कराया, आरोपी अब भी दे रहा पीड़िता परिवार को धमकियाँ पिता बोले पुलिस ने सबूत नष्ट कर दिए

सिलवानी । विकासखंड सिलवानी के ग्राम जैथारी से पुलिस की लापरवाही और कथित भ्रष्टाचार का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक वर्ष पूर्व ग्राम जैथारी से लापता हुई नाबालिग लड़की को आखिरकार हाल ही में इंदौर से चौकी जैथारी प्रभारी अरविंद पांडे ने बरामद किया गया लेकिन परिजनों ने आरोप लगाया है कि चौकी प्रभारी ने आरोपी से ₹3 लाख लेकर पूरे मामले को दबा दिया। पीड़िता के पिता मदन रैकवार ने मुख्यमंत्री, पुलिस महानिदेशक, कलेक्टर और एसपी रायसेन के नाम सिलवानी तहसील कार्यालय पहुंचकर नायव तहसीलदार गौरव शुक्ला को एक ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की। ज्ञापन में उल्लेख किया है कि जैथारी चौकी प्रभारी अरविंद पांडे पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मदन रैकवार का कहना है कि आरोपी सोनू विश्वकर्मा जो पहले 108 एंबुलेंस सेवा में चालक था ने उनकी नाबालिग बेटी को बहला फुसलाकर भगाकर ले गया था।
1 साल तक पुलिस ने नहीं की कोई कार्रवाई
पीड़ित पिता के अनुसार उन्होंने बेटी के लापता होने के बाद चौकी जैथारी थाना सिलवानी में रिपोर्ट दर्ज कराई थी लेकिन पूरा एक वर्ष बीत जाने के बाद भी पुलिस ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। अंतत जब बच्ची बरामद हुई, तो सुपुर्दगी के समय चौकी प्रभारी ने न तो नाबालिक लड़की का मेडिकल कराया न ही आरोपी को गिरफ्तार किया।
पिता बोले सबूत दिए थे चौकी प्रभारी ने नष्ट कर दिए
मदन रैकवार का कहना है कि उन्होंने चौकी प्रभारी को वीडियो रिकॉर्डिंग और फोटो साक्ष्य दिए थे जिनमें आरोपी सोनू विश्वकर्मा के साथ बेटी के दृश्य थे लेकिन चौकी प्रभारी ने सबूत नष्ट कर दिए और मामले को रफा-दफा कर दिया। मदन रैकवार ने आरोप लगाया कि जब उन्होंने अपनी पुत्री के शरीर पर चोट के निशान देखे और मेडिकल की मांग की तो चौकी प्रभारी ने मना कर दिया और बालिका को बाल संरक्षण विभाग के सुपुर्द कर दिया।
आरोपी अब भी दे रहा पीड़िता परिवार को धमकियाँ
पीड़ित परिवार का कहना है कि आरोपी सोनू विश्वकर्मा अब भी उन्हें धमकियाँ दे रहा है जबकि चौकी प्रभारी उसे संरक्षण दे रहे हैं। परिजनों ने मांग की है कि मामले की जांच अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रायसेन से कराई जाए और चौकी प्रभारी अरविंद पांडे को तुरंत निलंबित किया जाए।
उच्च न्यायालय जाने की चेतावनी पीड़ित पिता ने अपने आवेदन के साथ 10वीं की अंकसूची, रिपोर्ट की छायाप्रति और शपथ पत्र भी लगाए हैं। उन्होंने कहा है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो वे न्यायालय का दरवाजा खटखटाने को मजबूर होंगे।

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