शिक्षक संवर्ग, नवीन संवर्ग एवं अन्य कर्मचारी सवंर्ग की प्रदेश स्तरीय मांगों के अविलंब निराकरण को लेकर सौंपा ज्ञापन
सिलवानी। मध्यप्रदेश शिक्षक संघ के बैनर तले मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार रामजीलाल वर्मा को शिक्षक संवर्ग, नवीन संवर्ग एवं अन्य कर्मचारी सवंर्ग की प्रदेश स्तरीय मांगों के अविलंब निराकरण को लेकर ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि 30 से 38 वर्षों से एक ही पद पर सेवारत सहायक शिक्षक, शिक्षक, प्रधानाध्यापक, व्याख्याता, प्राचार्य तथा सहायक संचालक-उपसंचालक को योग्यता तथा प्राप्त वेतनमान के आधार पर अपग्रेड कर उच्च पदनाम दिए जाए। यह मांग पूर्णतः अनार्थिक वित्तरहित है। गृह विभाग सफलतापूर्वक इसे अपने पुलिस विभाग में लागू कर चुका है जबकि प्रारंभ से स्कूल शिक्षा एवं जनजातीय विभाग के शिक्षक संवर्ग हेतु संगठन अनेक वर्षों से मांग कर रहा है। मुख्यमंत्री से दो-दो बार इस आशय की घोषणा भी कर चके हैं नियमित शिक्षक संवर्ग में इस कारण आक्रोश असहनीय हो चुका है। 2005 में भारत सरकार द्वारा शुरू की गई राष्ट्रीय पेंशन योजना एनपीएस प्रदेश के लिए अनिवार्य नहीं थी फिर भी तत्कालीन राज्य सरकार ने नई पेंशन योजना प्रारंभ की। यह योजना कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने में असफल सिद्ध हो रही है जिससे नवीन शिक्षक संवर्ग सहित समूचे कर्मचारी जगत में असुरक्षा, भय एवं अवसाद की स्थिति निर्मित हो रही है। इन परिस्थितियों में कर्मचारियों की कार्यक्षमता भी प्रभावित हो रही है। केन्द्र के समान यथावत वेतनमान, गृह भाड़ा भत्ता एचआरए साथ ही पात्रताधारी गुरूजियों को नियुक्ति दिनांक से वरिष्ठता देते हुए नवीन शिक्षक संवर्ग की शिक्षा विभाग में रोकी गई क्रमोन्नति आदेश शीघ्र प्रसारित करने की मांग की गई। इस दौरान रामनिवास दुबे, रेवाराम कुशवाहा, महाराणा प्रताप सिंह, मनीष सोनी, रामकृष्ण रघु, नेतराम ठाकुर आदि मौजूद रहे।



