क्राइम

पिता-भाई की हत्या में वांटेड नाबालिग पुलिस गिरफ्त में

हरिद्वार पुलिस ने अभिरक्षा में लिया, जबलपुर पुलिस रवाना, बॉयफ्रेंड मुकुल भाग निकला

पिता और भाई की प्रेमी के हत्या कर फरार थी नाबालिग
ब्यूरो चीफ: मनीष श्रीवास
जबलपुर । जबलपुर में 15 मार्च को रेल कर्मचारी पिता राजकुमार विश्वकर्मा और भाई तनिष्क की हत्या करने वाली नाबालिग पुलिस गिरफ्त में आ गई है। करीब ढाई महीने की तलाश के बाद उसे मंगलवार की शाम हरिद्वार पुलिस ने अभिरक्षा में लिया। हालांकि, उसका बॉयफ्रेंड मुकुल सिंह अभी भी फरार है।
जानकारी मिलते ही जबलपुर पुलिस की टीम हरिद्वार के लिए रवाना हो गई है। बीते करीब 70 दिन से नाबालिग और उसके बॉयफ्रेंड की तलाश की जा रही थी। उन्हें पकड़ने के लिए जबलपुर पुलिस ने 10 हजार पोस्टर देश भर में लगवाए थे।
जबलपुर पुलिस अधीक्षक आदित्य प्रताप सिंह ने बताया कि मंगलवार को हरिद्वार पुलिस का फोन आया था। वीडियो कॉल पर नाबालिग की तस्वीर दिखाई गई। जबलपुर पुलिस की एक टीम हरिद्वार के लिए रवाना की गई है।
उन्होंने कहा कि अब वो दिन दूर नहीं, जब मुकुल सिंह भी पुलिस गिरफ्त में होगा। हरिद्वार पुलिस ने इलाके में नाकाबंदी कर दी है। उम्मीद है कि जल्द ही उसे भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
आश्रम में छिपे थे, चौकीदार ने पुलिस को बताया
पुलिस अधीक्षक ने बताया, ‘प्रारंभिक जानकारी में पता चला है कि मुकुल सिंह और नाबालिग लड़की आश्रम, गुरुद्वारा और अन्य धार्मिक स्थानों पर ठिकाना बना रहे थे। वे यहां भोजन करते और फिर आसपास छिपकर दिन गुजारते थे। हरिद्वार में इसी तरह वे एक मंदिर के आश्रम में छिपे थे।
आश्रम के चौकीदार को मुकुल की शक्ल पोस्टर में छपी तस्वीर से मिलती-जुलती दिखी। उसने इसकी खबर पुलिस को दी। हरिद्वार पुलिस ने मुकुल को पकड़ने के लिए जाल बिछाया लेकिन वह चकमा देकर फरार हो गया।
15 मार्च 2024 को जबलपुर की मिलेनियम कॉलोनी निवासी राजकुमार विश्वकर्मा उम्र 52 साल और तनिष्क उम्र 8 साल की हत्या कर दी गई थी। राजकुमार विश्वकर्मा रेल विभाग में कार्यालय अधीक्षक थे। हत्या के बाद उनकी नाबालिग बेटी ने भोपाल में रहने वाली चचेरी बहन को 4 सेकेंड का वॉइस मैसेज किया था। कहा था- पड़ोस में रहने वाले मुकुल ने पापा और भाई को मार डाला है।
दोपहर करीब 3 बजे पुलिस आरपीएफ के साथ पहुंची, तो घर पर बाहर से ताला लगा था। ताला तोड़कर पुलिस अंदर दाखिल हुई। किचन में राजकुमार खून से लथपथ मृत पड़े थे। बॉडी पॉलीथिन से कवर थी। वहीं, फ्रिज में पॉलीथिन के ऊपर चादर में लिपटी तनिष्क की खून से सनी लाश मिली। इसके बाद से रेलकर्मी की 17 साल की बेटी अपने बॉयफ्रेंड मुकुल सिंह उम्र 21 साल के साथ फरार चल रही थी।
आरोपियों को पकड़ने के लिए मध्यप्रदेश पुलिस की आठ टीमें मुंबई, पुणे, कर्नाटक, गोवा, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, पंजाब और बिहार गई थीं। 11 अप्रैल को मुकुल की मोबाइल लोकेशन चंडीगढ़ में मिली थी। जबलपुर पुलिस ने पंजाब पुलिस की मदद ली, लेकिन वह फरार हो गया।
इसके बाद पंजाब से हरियाणा होते हुए छह दिन में 880 किलोमीटर का सफर तय कर आरोपी 17 अप्रैल को अयोध्या पहुंच गया था। यहां उसका मोबाइल कुछ देर के लिए चालू हुआ, फिर बंद हो गया था।
जबलपुर पुलिस ने उत्तर प्रदेश पुलिस के साथ मिलकर अयोध्या में घेराबंदी की, लेकिन इस बार भी आरोपी भाग निकला। पुलिस अयोध्या, मथुरा में तलाश कर रही थी। इस बीच सूचना मिली कि मुकुल सिंह का मोबाइल कुछ मिनट के लिए नेपाल बॉर्डर पर ऑन हुआ, फिर बंद हो गया। इसके बाद जबलपुर पुलिस अयोध्या से तीन घंटे का सफर कर नेपाल पहुंची थी।
जबलपुर पुलिस ने मुकुल सिंह वांटेड के 10 हजार पोस्टर छपवाए हैं। इन पोस्टर्स को न सिर्फ मध्यप्रदेश, बल्कि देश के कई शहर में चिपकाया गया है। पश्चिम बंगाल, नेपाल बॉर्डर पर भी पोस्टर लगाए गए हैं। साथ ही, मध्यप्रदेश DGP सुधीर कुमार सक्सेना ने देश के सभी राज्यों के डीजीपी को ई-मेल के माध्यम से मुकुल सिंह को फोटो भेजकर गिरफ्तारी में मदद मांगी है।
पुलिस ने मुकुल सिंह को नेशनल वांटेड घोषित करते हुए 10 हजार के इनामी का पोस्टर भी छपवाया है। पोस्टर में लिखा है, ‘अपराध क्रमांक 79/24 धारा 302,201 आईपीसी का आरोपी मुकुल सिंह, जिसकी उम्र करीब 21 साल है। 13 मार्च 2024 को 2 लोगों की हत्या कर रेलवे मिलेनियम कॉलोनी सिविल लाइन जबलपुर से फरार है। मुकुल के साथ 17 साल की नाबालिग लड़की भी है। आरोपी का हुलिया इस प्रकार है। गठीला बदन, रंग सांवला, ऊंचाई 5 फीट 7 इंच। बाएं हाथ, सीने और गले में बाएं तरफ टैटू बना है। साथ में नाबालिग लड़की है, जिसका रंग गेहुंआ, चेहरा गोल, कद 5 फीट 4 इंच है।
पुलिस ने आरोपी को पकड़ने के लिए सिविल लाइन थाना प्रभारी का नंबर भी दिया है, जो 9479994053, 7587632945 है। पुलिस ने पोस्टर में यह भी लिखा है कि सूचना देने वाले को इनाम दिया जाएगा और उसका नाम भी गुप्त रखा जाएगा।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक समर वर्मा ने बताया कि आरोपी क्राइम थ्रिलर मूवी बहुत देखता था। उसे पुलिस की कार्यप्रणाली की भी जानकारी है। दो महीने से ज्यादा का समय हो गया है, उसने मोबाइल का उपयोग नहीं किया है। अभी तक 6 से 8 राज्यों में उसके होने की जानकारी मिली है। आरोपी रात को सफर करता है, फिर दिन में शहर में घूमता है। जब तक खबर मिलती है, पुलिस के पहुंचने से पहले ही वो निकल जाता है।
जबलपुर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक समर वर्मा ने बताया कि आरोपी डिजिटल चीजों का उपयोग बिल्कुल भी नहीं कर रहा। देश इतना बड़ा है कि वो एक दिन में कई किलोमीटर तक का सफर कर रहे हैं। इस वजह से उन्हें पकड़ने में परेशानी आ रही है।
वारदात के बाद भागने के समय मुकुल सिंह के पास बैग, दो एटीएम और मोबाइल था, जबकि लड़की अपने पिता का मोबाइल और कुछ जेवर लेकर गई थी। भागने के बाद ही मुकुल सिंह ने पैसे निकालना शुरू कर दिए। 15 मार्च से 19 मार्च तक आरोपी ने मृतक राजकुमार के खाते से करीब डेढ़ लाख रुपए अपने खाते में ट्रांसफर किए। मुकुल सिंह का एक अकाउंट एचडीएफसी बैंक का है, जबकि दूसरा इंडस बैंक का।
फिलहाल, पुलिस ने राजकुमार और मुकुल सिंह के दोनों खातों को फ्रीज करवा दिया है।

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