ढीमरखेड़ा के पाली में विराजीं 24 भुजाओं वाली मां विरासन देवी, नवरात्र पर उमड़ रहे श्रद्धालु

रिपोर्टर : सतीश चौरसिया
उमरियापान । शारदीय नवरात्र पर्व पर मां दुर्गा की आराधना में पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो गया है। इसी कड़ी में ढीमरखेड़ा तहसील के सिलौंडी क्षेत्र के सुदूर वनांचल ग्राम पाली में स्थित मां विरासन देवी का प्राचीन मंदिर श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है । यहां विराजमान मां विरासन देवी की 24 भुजाओं वाली अद्भुत प्रतिमा भक्तों के आकर्षण का केंद्र है । नवरात्र की शुरुआत के साथ ही मंदिर में माता के दर्शन और पूजन के लिए श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया है ।
विकासखंड मुख्यालय ढीमरखेड़ा से लगभग 30 किलोमीटर दूर घने जंगलों के बीच स्थित इस मंदिर का इतिहास करीब एक हजार वर्ष पुराना बताया जाता है । मंदिर की सबसे बड़ी विशेषता यहां स्थापित मां विरासन देवी की 24 भुजाओं वाली प्रतिमा है, जो इस धाम को विशिष्ट पहचान प्रदान करती है । अन्य प्रसिद्ध देवी मंदिरों से तुलना करें तो बिरसिंहपुर पाली में मां की अष्टभुजी प्रतिमा विराजमान है, जबकि छत्तीसगढ़ के हरवाह में विरासन माता की दो भुजाओं वाली प्रतिमा स्थापित है । ऐसे में ग्राम पाली में विराजीं मां की 24 भुजाओं वाली प्रतिमा श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनी हुई है ।
*खुदाई में मिले प्राचीन मंदिर के अवशेष*
मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र में हुई खुदाई के दौरान पुराने कुएं और मंदिर के अवशेष मिलने की जानकारी भी सामने आई है । इन अवशेषों से इस स्थान के प्राचीन धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व को लेकर लोगों की जिज्ञासा बढ़ी है । वनांचल में स्थित यह मंदिर न केवल श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है, बल्कि ऐतिहासिक और पर्यटन की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जाता है । इसे पर्यटन विभाग के संरक्षण में लिए जाने की जानकारी भी दी जाती है ।
*नवरात्र में विशेष महत्व*
नवरात्र के अवसर पर मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की पूजा-अर्चना का विशेष महत्व है । ऐसे में मां विरासन देवी के दर्शन के लिए पाली स्थित इस प्राचीन धाम में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं । प्राकृतिक सुंदरता और घने जंगलों के बीच स्थित यह मंदिर क्षेत्र की धार्मिक परंपरा और आस्था को दर्शाता है । नवरात्र के दिनों में माता के दर्शन, पूजन और आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए दूर-दराज के क्षेत्रों से भी भक्तों के पहुंचने का सिलसिला जारी है ।



