Aaj ka Panchang आज का पंचांग मंगलवार, 11 जुलाई 2023
आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचाग 🧾
मंगलवार 11 जुलाई 2023
हनुमान जी का मंत्र : हं हनुमते रुद्रात्मकाय हुं फट् ।
🌌 दिन (वार) – मंगलवार के दिन क्षौरकर्म अर्थात बाल, दाढ़ी काटने या कटाने से उम्र कम होती है। अत: इस दिन बाल और दाढ़ी नहीं कटवाना चाहिए ।
मंगलवार को हनुमान जी की पूजा और व्रत करने से हनुमान जी प्रसन्न होते है। मंगलवार के दिन हनुमान चालीसा एवं सुन्दर काण्ड का पाठ करना चाहिए।
मंगलवार को यथासंभव मंदिर में हनुमान जी के दर्शन करके उन्हें लाल गुलाब, इत्र अर्पित करके बूंदी / लाल पेड़े या गुड़ चने का प्रशाद चढ़ाएं । हनुमान जी की पूजा से भूत-प्रेत, नज़र की बाधा से बचाव होता है, शत्रु परास्त होते है।
🔮 शुभ हिन्दू नववर्ष 2023 विक्रम संवत : 2080 नल, शक संवत : 1945 शोभन
🌐 संवत्सर नाम अनला
🔯 शक सम्वत : 1945 (शोभकृत् संवत्सर)
☸️ काली सम्वत् 5124
🕉️ संवत्सर (उत्तर) पिंगल
☣️ आयन – उत्तरायण
☀️ ऋतु – सौर वर्षा ऋतु
🌤️ मास – श्रावण मास
🌒 पक्ष – कृष्ण पक्ष
📆 तिथि : श्रावण मास कृष्ण पक्ष नवमी तिथि 06:05 PM तक उपरांत दशमी
🖍️ तिथि स्वामी – नवमी तिथि की स्वामी देवी दुर्गा हैं ऎसे में जातक को दुर्गा की उपासना अवश्य करनी चाहिए.
💫 नक्षत्र : नक्षत्र अश्विनी 07:04 PM तक उपरांत भरणी
🪐 नक्षत्र स्वामी : अश्विनी नक्षत्र का स्वामी केतु होता है।
🔊 योग : सुकर्मा योग 10:52 AM तक, उसके बाद धृति योग
⚡ प्रथम करण : तैतिल – 06:19 ए एम तक
✨ द्वितीय करण : गर – 06:04 पी एम तक
🔥 गुलिक काल : मंगलवार का (अशुभ गुलिक) काल 12:21 पी एम से 01:58 पी एम
⚜️ दिशाशूल – मंगलवार को उत्तर दिशा का दिकशूल होता है।यात्रा, कार्यों में सफलता के लिए घर से गुड़ खाकर जाएँ ।
🤖 राहुकाल : मंगलवार का राहुकाल 03:35 पी एम से 05:11 पी एम राहु काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए |
🌞 सूर्योदयः- प्रातः 05:15:00 A.M
🌅 सूर्यास्तः- सायं 06:45:00 P.M
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 04:10 ए एम से 04:50 ए एम
🌆 प्रातः सन्ध्या : 04:30 ए एम से 05:31 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 11:59 ए एम से 12:54 पी एम
✡️ विजय मुहूर्त : 02:45 पी एम से 03:40 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 07:21 पी एम से 07:41 पी एम
🌌 सायाह्न सन्ध्या : 07:22 पी एम से 08:23 पी एम
💧 अमृत काल : 11:51 ए एम से 01:27 पी एम
🗣️ निशिता मुहूर्त : 12:06 ए एम, जुलाई 12 से 12:47 ए एम, जुलाई 12
⭐ सर्वार्थ सिद्धि योग : 05:31 ए एम से 07:04 पी एम
💧 अमृत सिद्धि योग : 05:31 ए एम से 07:04 पी एम
🚓 यात्रा शकुन- दलिया का सेवन कर यात्रा पर निकलें।
👉🏽 आज का मंत्र-ॐ अं अंगारकाय नम:।
🤷🏻♀️ आज का उपाय-हनुमान मंदिर में सिंदूर का चोला चढ़ाएं।
🌳 वनस्पति तंत्र उपाय- खैर के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार : अमृतयोग/ केर पुजा (त्रिपुरा), अभिनेता कुमार गौरव जन्मोत्सव, राष्ट्रीय स्विमिंग पूल दिवस, (स्वतंत्रता सेनानी) सरदार बलदेव सिंह जयन्ती, भीष्म साहनी – भारतीय लेखक स्मृति दिवस, विश्व जनसंख्या दिवस, विश्व जनसंख्या दिवस – प्रत्येक वर्ष 11 जुलाई को मनाया जाता है, मूल समाप्त
✍🏼 विशेष – नवमी तिथि को काशीफल (कोहड़ा एवं कद्दू) एवं दशमी को परवल खाना अथवा दान देना भी वर्जित अथवा त्याज्य होता है। नवमी तिथि एक उग्र एवं कष्टकारी तिथि मानी जाती है। इस नवमी तिथि की अधिष्ठात्री देवी माता दुर्गा जी हैं। यह नवमी तिथि रिक्ता नाम से विख्यात मानी जाती है। यह नवमी तिथि कृष्ण पक्ष में मध्यम फलदायिनी मानी जाती है। नवमी तिथि के दिन लौकी खाना निषेध बताया गया है। क्योंकि नवमी तिथि को लौकी का सेवन गौ-मांस के समान बताया गया है।
🗽 Vastu Tips ⛲
वास्तु शास्त्र में आज हम बात करेंगे कि आईने के द्वारा आप घर में किन-किन जगहों का वास्तु संबंधी समस्या दूर कर सकते हैं। अगर आपके घर के बेसमेंट या नैऋत्य कोण, यानी दक्षिण-पश्चिम दिशा में स्नानघर या शौचालय बना है तो आप वहां पूर्व दिशा की दीवार पर वर्गाकार आकृति का आईना लगाइए। इससे आपके घर का वास्तु संबंधी समस्या जल्द ही दूर हो जाएगा। अगर आपके घर का कोई हिस्सा असामान्य शेप का या अंधकारयुक्त हो तो वहां कटे या बढ़े हुए हिस्से में दर्पण, यानी आईना लगाकर ऊर्जा को संतुलित कर सकते हैं।
इसके अलावा यदि आपके घर के बाहर कोई बिजली का खंबा, ऊंची इमारत, अवांछित पेड़ या फिर धरती पर नुकीले उभार हैं तो आप घर के मुख्य दरवाजे पर उनकी तरफ पाक्वा मिरर लगाकर निदान कर सकते हैं। पाक्वा मिरर अष्टकोणीय लकड़ी के फ्रेम में होता है। जिस पर धागे से हुई कारीगरी भी मिलती है। यह फ्रेम अधिकतर लाल, हरे, पीले और सुनहरे रंग का होता है।
🔰 जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
तरबूज खाएं गर्मियों में – तरबूज को ना केवल खाने बल्कि देखने से भी ठंडक का एहसास होने लगता है। ये ठंडा ठंडा तरबूज अगर आप अपनी डाइट में शामिल करेंगे तो ये आपकी हाई बीपी की समस्या को कंट्रोल करने में मदद करेगा। तरबूज में 90 प्रतिशत पानी होता है। जो गर्मियों में शरीर में पानी की कमी नहीं होने देता। इसके साथ ही इसमें पाया जाने वाला मैग्नीशियम हाइपरटेंशन को नियंत्रित करने में मददगार है।
जामुन का करें सेवन – अगर आप हाई ब्लड प्रेशर की समस्या से जूझ रहे हैं तो आज से जामुन का सेवन शुरू कर दें। जामुन में एंटी ऑक्सीडेंट, मैग्नीशियम और पोटेशियम के गुण पाए जाते हैं। ये सेहत के लिए बेहतरीन होता है और आपकी हाई ब्लड प्रेशर की समस्या को भी दूर करने में मदद करता है।
दही रोज खाएं – गर्मियों के मौसम में दही का सेवन करना लाभकारी होता है। इसमें प्रचुर मात्रा में कैल्शियम होता है। इसके साथ ही प्रोटीन, राइबोफ्लेविन और विटामिन बी 12 भी होता है। ये सभी हाई ब्लड प्रेशर की समस्या को कंट्रोल करने में कारगर है।
नींबू – कुछ खाने पीने की चीजें ऐसी होती हैं कि अगर उसमें एक बूंद नींबू डाल दिया जाए तो उस चीज का स्वाद दोगुना हो जाता है। ये विटामिन सी के अलावा एंटी ऑक्सीडेंट युक्त होता है। ये शरीर से फ्री रेडिकल्स को खत्म कर ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने में कारगर है।
🍃 आरोग्य संजीवनी ☘️
दमे की तकलीफ :- छुहारों को धो के धुप में सुखा दें, फिर कूट के चूर्ण बना के रख लें। १ ग्राम चूर्ण में थोड़ी सोंठ मिलाकर चाट लें या तो सोंठ के साथ पानी से फाँक लें। दिन में 3 बार यह प्रयोग करने से दमे में आराम मिलता है।
उच्च रक्तचाप (hypertension) :- थोड़ी अरवी ( कचालू) भोजन में खाना शुरू करो और ‘ॐ शांति …. शांति’ जपो। इससे उच्च रक्तचाप में कइयों को आराम हुआ है।
निम्न रक्तचाप (low B.P.) :- गाजर का 230 मि.ली. रस और पालक का 125 मि.ली. रस मिलाकर पीने से और आरोग्यप्रद, पुण्यदायी ॐकार का जप करने से फायदा होता है।
🪔 गुरु भक्ति योग 🕯️
भगवान जगन्नाथ का रथ एक मजार के सामने क्यों रुकता है? आचार्य श्री गोपी राम के मुताबिक, जब रथ ग्रैंड रोड पर लगभग 200 मीटर आगे जाता है, तो यहां दाहिनी ओर एक मज़ार पड़ती है. यहां रथ आते ही थोड़ी देर के लिए रोक दिया जाता है. इसके मुगल काल से चली आ रही एक मान्यता है.
जहांगीर कुली खान, जिसे लालबेग के नाम से भी जाना जाता है, मुगल सम्राट जहांगीर के शासनकाल के दौरान एक वर्ष (1607-1608) के लिए बंगाल का सूबेदार था. उसने अपनी एक सैन्य यात्रा के दौरान रास्ते से गुज़र रही विधवा ब्राह्मण महिला से शादी कर ली. दोनों के सालबेग नाम का एक बेटा हुआ. सालबेग की मां भगवान जगन्नाथ की परम भक्त थीं. सालबेग अपनी मां के काफ़ी क़रीब थे, तो वो भी भगवान जगन्नाथ को पूजने लगे.
सालबेग को भगवान जगन्नाथ को काफ़ी मानते थे. मगर उन्हें धार्मिक वजहों से कभी मंदिर में प्रवेश नहीं मिल पाया. इस बात का उन्हें काफ़ी दुख पहुंचा. ऐसे में सालबेग काफ़ी दिन तक वृंदावन में रहे.
कहते हैं कि सालबेग जब भगवान जगन्नाथ की यात्रा में शामिल होने ओडिशा पहुंचे, तो बीमार पड़ गए. सालबेग के शरीर में बिल्कुल भी ताकत नहीं बची, तो उन्होंने भगवान से प्रार्थना कर उनसे बस एक बार दर्शन देने की इच्छा जताई. कहा जाता है कि सालबेग की प्रार्थना का असर हुआ और भगवान जगन्नाथ ख़ुश हो गए. जब यात्रा शुरू हुई, तो रथ सालबेग की कुटिया के सामने अचानक रुक गया और आगे नहीं बढ़ा. इस तरह भगवान जगन्नाथ ने अपने परम भक्त को पूजा करने की अनुमति दी
बता दें, आज भी यही परंपरा चली आ रही है. भगवान के रथ को सालबेग की मज़ार के आगे थोड़ी देर के लिए रोका जाता है.
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⚜️ नवमी तिथि में माँ दुर्गा कि पूजा गुडहल अथवा लाल गुलाब के फुल करें। साथ ही माता को पूजन के क्रम में लाल चुनरी चढ़ायें। पूजन के उपरान्त दुर्गा सप्तशती के किसी भी एक सिद्ध मन्त्र का जप करें। इस जप से आपके परिवार के ऊपर आई हुई हर प्रकार कि उपरी बाधा कि निवृत्ति हो जाती है। साथ ही आज के इस उपाय से आपको यश एवं प्रतिष्ठा कि भी प्राप्ति सहजता से हो जाती है।
आज नवमी तिथि को इस उपाय को पूरी श्रद्धा एवं निष्ठा से करने पर सभी मनोरथों कि पूर्ति हो जाती है। नवमी तिथि में वाद-विवाद करना, जुआ खेलना, शस्त्र निर्माण एवं मद्यपान आदि क्रूर कर्म किये जाते हैं। जिन्हें लक्ष्मी प्राप्त करने की लालसा हो उन्हें रात में दही और सत्तू नहीं खाना चाहिए, यह नरक की प्राप्ति कराता है।
नवमी तिथि को जन्म लेने वाला व्यक्ति भाग्यशाली एवं धर्मात्मा होता है। इस तिथि का जातक धर्मशास्त्रों का अध्ययन कर शास्त्रों में विद्वता हासिल करता है। ये ईश्वर में पूर्ण भक्ति एवं श्रद्धा रखते हैं। धनी स्त्रियों से इनकी संगत रहती है तथा इसके पुत्र गुणवान होते हैं।


