धार्मिकमध्य प्रदेश

देश में सुख शांति के लिए अनूठी होली का दहन किया गया

नारियल और पलाश के फूल जड़ी बूटियों की भेंट दी गई
ब्यूरो चीफ : शब्बीर अहमद
बेगमगंज । जहां पूरे क्षेत्र में होलिका दहन में लकड़ी वह कंडो का उपयोग किया जाता है । जहां शहर में चंदन का टीका लगाकर ईश्वरीय विद्यालय में होली खेली गई वहीं तपोभूमि बाबा राम दास आश्रम दशहरा मैदान में पहली बार अनूठी होली का आयोजन देश में सुख समृद्धि और शांति के लिए किया गया।
जिसमें करीब दो हजार तेईस नारियल, पलाश के फूल, लोंग, इलायची और विभिन्न जड़ी बूटियों की भेंट होलिका दहन में श्री श्री 1008 श्री राम बाबा परमहंस महाराज के मार्गदर्शन में दी गई।
पंडित श्याम शरण कौशिक ने बताया कि वास्तु के अनुसार पेड़-पौधों में देवताओं का वास माना जाता है। कई पौधे घर में सकारात्मकता के लिए लगाए जाते हैं, जिससे घर परिवार में खुशहाली आती है. ऐसा ही एक पेड़ है पलाश. वास्तु के अनुसार इस पेड़ में ब्रह्मा, विष्णु और महेश तीनों देवताओं का वास होता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इस पेड़ के फूल बहुत ही चमत्कारी होते हैं। पलाश के फूल को घर में रखने से मां लक्ष्मी की कृपा बरसती है।
वास्तु में पलाश के फूल के कई लाभ बताए गए हैं। कहते हैं इसे घर में लगाने से धन में वृद्धि और खुशहाली आती है। धन से जुड़ी किसी भी समस्या को दूर करने के लिए पलाश का फूल और एक एकाक्षी नारियल लेकर सफेद कपड़े में बांध लें और इसे तिजोरी या पैसे रखने वाले स्थान पर रख दें। बता दें कि पलाश का अगर ताजा फूल न मिले तो सूखे फूल का भी इस्तेमाल कर सकते हैं।
नगर के दशहरे मैदान में जिस तरह होली का दहन किया गया उसे देवताओं की होली कहां जाता है। इस प्रकार की होलिका दहन करके देश में सुख शांति समृद्धि देश युद्ध से कोसों दूर रहे और देश प्रगति के रास्ते पर आगे बढ़ता चले इसकी कामना की गई।

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