रायसेन किले में विराजमान भोलेनाथ के कपाट खोलें हमेशा के लिए : पण्डित प्रदीप मिश्रा
रिपोर्टर : शिवकुमार साहूरायसेन । मंगलवार को रायसेन नगर में चल रही शिवमहापुराण के तीसरे दिवस कथा के दौरान व्यास गादी से पूज्य गुरुदेव प्रदीप मिश्राजी के श्री मुख से आह्वान किया गया कि प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान स्वयं आएं और भोलेनाथ के कपाट हमेशा के खोलें जाए।
देशभर में भोलेनाथ के कई प्राचीन और पौराणिक मंदिर हैं। देश- विदेश से लाखों की संख्या में श्रद्धालु इन मंदिरों में पूजा- अर्चना करने आते हैं। साथ ही भगवान शिव का आशीर्वाद पाने के लिए श्रद्धालुओं की लंबी लाइन लगती है।
लेकिन मध्य प्रदेश के रायसेन में महादेव का एक ऐसा मंदिर है जो सिर्फ महाशिवरात्रि के दिन ही खुलता है।
प्राचीन सोमेश्वर महादेव मंदिर के नाम से प्रसिद्ध ये मंदिर एक ऊंची पहाड़ी पर स्थित है। यहां भगवान सोमेश्वर महादेव के दर्शन काफी दुर्लभ माने जाते हैं। आइए जानते हैं इस मंदिर का इतिहास और पौराणिक महत्व… केवल महाशिवरात्रि पर खुलते हैं मंदिर के कपाट
सोमेश्वर महादेव मंदिर के कपाट साल में सिर्फ महाशिवरात्रि के दिन ही खुलते हैं। जिसका समय सुबह 6 बजे से लेकर शाम 6 बजे तक का है। मतलब सिर्फ 12 घंटे के लिए मंदिर के कपाट खोले जाते हैं। मंदिर जब खोला जाता है तब प्रशासनिक और पुरातत्व विभाव की टीम मौजूद रहती है और सूर्यास्त के बाद मंदिर को फिर से बंद कर दिया जाता है।
श्रावण मास में भक्त इस तरह से करके हैं दर्शन:
मान्यता है कि शिवलिंग पर जब सूर्य देव की किरणें पड़ती हैं, तो यह सोने से दमक उठती है। साथ ही सावन के महीने में श्रद्धालुओं के लिए अलग से व्यवस्था की जाती है। भक्त शिवलिंग पर एक पाइप के जरिए जलाभिषेक करते हैं और दूर से ही भोलेनाथ के दर्शन कराए जाते हैं।
प्रशासन और स्थानीय लोगों के अनुसार सोमेश्वर महादेव अतिप्राचीन और प्रसिद्ध मंदिर। आपको बता दें कि मंदिर को लेकर कुछ विवाद होने लगे थे। जिस कारण पुरातत्व विभाग ने इस मंदिर में ताला लगा दिया। इसके बाद वर्ष 1974 में तत्कालीन सीएम प्रकाश चंद्र सेठी खुद मंदिर का ताला खोलने आए थे।



