मध्य प्रदेश

धान काटने बिहारी- छत्तीसगढ़ी मजदूर आए, जेब काटने सफेद बुलेरो में शराब माफिया आया!

नर्मदा किनारे दिनदहाड़े शराब की सप्लाई, थाने के सामने से निकलती बुलेरो का वीडियो वायरल – आबकारी कौमा में, पुलिस ने मुंह मोड़ा

रिपोर्टर : विनोद कुमार साहू
बाड़ी । मध्यप्रदेश में जहरीली शराब से सागर में 10 से ज्यादा मौतों के बाद भी शराब माफिया का सिस्टम नहीं सुधरा। ताजा मामला रायसेन जिले के अंतिम छोर, मां नर्मदा किनारे बसे बाड़ी-भारकच्छकलां क्षेत्र का है।
यहां धान की कटाई के लिए बिहार और छत्तीसगढ़ से हजारों मजदूर आए हुए हैं। मजदूरों की भीड़ देखकर शराब माफियाओं की आंखें चमक गई हैं। आबकारी नीति में साफ लिखा है – ठेकेदार सिर्फ रजिस्टर्ड दुकान से ही शराब बेचेगा, कहीं और भंडारण और बिक्री नहीं कर सकता। लेकिन यहां नीति को खुलेआम रौंदा जा रहा है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक दिन के उजाले में थाने के सामने से सफेद बुलेरो में भरकर अवैध शराब गांव-गांव उतारी जा रही है। ग्रामीणों ने खुद वीडियो बनाकर क्षेत्रीय वृत्त आबकारी अधिकारी और थाना प्रभारी भारकच्छकलां को भेजकर कार्यवाही की मांग की है। लेकिन न फोन उठ रहा है, न कार्यवाही हो रही है।
राखी पर लिया वचन भी हवा में उड़ा –
श्रावण माह में उदयपुरा विधायक नरेंद्र शिवाजी पटेल भारकच्छकलां आए थे। गांव की महिलाओं ने राखी बांधकर उनसे क्षेत्र को शराब मुक्त करने का वचन मांगा था। विधायक ने मंच से ही अवैध शराब बंद करने का स्पष्ट निर्देश दिया था। लेकिन उनका आदेश हवा में उड़ गया। आज वही माफिया गांव-गांव दिनदहाड़े शराब उतार रहा है।
सागर कांड से भी नहीं लिया सबक –
सागर में जहरीली शराब से मौतों पर SP तक का तबादला हो गया, देवास में TI की हत्या हो गई, लेकिन आबकारी विभाग पर आज तक आंच नहीं। बाड़ी में भी वही कहानी दोहराई जा रही है – बिकवाए आबकारी, नाम पुलिस का बदनाम।
ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि आबकारी विभाग की ये हठधर्मिता और पुलिस की चुप्पी किसी बड़े जन-आंदोलन को जन्म देगी। अगर समय रहते सफेद बुलेरो वालों पर लगाम नहीं लगी तो अगली खबर मौतों की भी हो सकती है।

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